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मोरहाबादी मैदान में सजा दिवाली मेला 2026, खरीदारी, खानपान और पारंपरिक संस्कृति का दिखा संगम

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Naveen Kumar
Editor & Correspondent at Global Awaaz
11:01 am| 5 November 2026| 5 min read|
मोरहाबादी मैदान में सजा दिवाली मेला 2026, खरीदारी, खानपान और पारंपरिक संस्कृति का दिखा संगम

रांची: राजधानी रांची के मोरहाबादी मैदान में आयोजित दिवाली मेला 2026 इन दिनों लोगों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। दिवाली के उत्साह के बीच सजे इस मेले में खरीदारी, खानपान, मनोरंजन और भारतीय पारंपरिक संस्कृति की अनूठी झलक देखने को मिल रही है। मेले में बड़ी संख्या में लोग अपने परिवार और दोस्तों के साथ पहुंच रहे हैं। यहां कपड़ों से लेकर घर की सजावट के सामान, हस्तशिल्प, हैंडलूम और खानपान तक की कई तरह की दुकानें लगाई गई हैं।

मेले में अलग-अलग राज्यों की कला, संस्कृति और पारंपरिक उत्पादों को एक ही जगह देखने और खरीदने का अवसर मिल रहा है। रंग-बिरंगे स्टॉल, आकर्षक सजावटी सामान और पारंपरिक वस्तुओं की विविधता लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रही है। त्योहार के मद्देनजर लोग घरों को सजाने के लिए खास सामानों की खरीदारी भी कर रहे हैं।

घोड़ा डांस की प्रस्तुति ने बांधा समां

दिवाली मेले में खरीदारी के साथ मनोरंजन का भी खास इंतजाम किया गया है। यहां पारंपरिक घोड़ा डांस की प्रस्तुति लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। इस पारंपरिक लोकनृत्य के जरिए कलाकारों ने दर्शकों का मनोरंजन किया। प्रस्तुति के दौरान लोगों की भीड़ जुटी और दर्शकों ने पारंपरिक कला का आनंद लिया। मेले में इस तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रम भारतीय लोक परंपराओं से लोगों को जोड़ने का काम कर रहे हैं।

राजस्थान के परिवार का 30 साल पुराना अचार कारोबार बना आकर्षण

मेले में राजस्थान से आए एक परिवार का अचार कारोबार भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। यह परिवार पिछले करीब 30 वर्षों से अचार के कारोबार से जुड़ा हुआ है। अपने पारंपरिक स्वाद और पुराने अनुभव के साथ परिवार मेले में विभिन्न प्रकार के अचार लेकर पहुंचा है।

अचार के स्टॉल पर लोगों को पारंपरिक स्वाद से जुड़े उत्पाद देखने और खरीदने का मौका मिल रहा है। अलग-अलग राज्यों से आए ऐसे छोटे कारोबारी और परिवार मेले को खास पहचान दे रहे हैं। इनके माध्यम से लोगों को क्षेत्रीय खानपान और पारंपरिक व्यवसायों के बारे में जानने का अवसर भी मिल रहा है।

परिवार नियोजन को लेकर जागरूकता दे रहा स्टॉल

मेले में मनोरंजन और खरीदारी के अलावा सामाजिक जागरूकता से जुड़ी गतिविधियों को भी जगह दी गई है। यहां परिवार नियोजन जागरूकता स्टॉल लगाया गया है, जहां लोगों को परिवार नियोजन, स्वास्थ्य और इससे संबंधित जरूरी जानकारियां दी जा रही हैं। इस तरह के स्टॉल का उद्देश्य आम लोगों तक स्वास्थ्य संबंधी जानकारी पहुंचाना और जागरूकता बढ़ाना है।

रेशम बनने की प्रक्रिया की मिल रही जानकारी

मेले का एक अन्य आकर्षण रेशम उत्पादन से जुड़ा स्टॉल है। यहां लोगों को रेशम बनने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी जा रही है। रेशम तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले तरीकों और इससे जुड़े विभिन्न चरणों को समझने का अवसर मिल रहा है। खास बात यह है कि इस स्टॉल के जरिए लोग केवल रेशमी कपड़ों की खरीदारी ही नहीं कर रहे, बल्कि उनके निर्माण के पीछे की मेहनत और प्रक्रिया को भी समझ पा रहे हैं।

खरीदारी के साथ भारतीय संस्कृति को करीब से जानने का मौका

मोरहाबादी मैदान का दिवाली मेला इस बार केवल खरीदारी तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां मनोरंजन, पारंपरिक कला, खानपान, हस्तशिल्प और सामाजिक जागरूकता का भी संगम देखने को मिल रहा है। अलग-अलग क्षेत्रों से आए दुकानदार और कलाकार अपनी कला, उत्पादों और परंपराओं को लोगों के सामने प्रस्तुत कर रहे हैं।

परिवार के साथ समय बिताने, त्योहार की खरीदारी करने और विभिन्न राज्यों की संस्कृति को करीब से जानने के लिहाज से यह मेला लोगों के लिए खास बन रहा है। कुल मिलाकर मोरहाबादी मैदान में सजा दिवाली मेला 2026 रांचीवासियों को त्योहार के माहौल के साथ खरीदारी, मनोरंजन और पारंपरिक भारतीय संस्कृति का एक साथ अनुभव करा रहा है।

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