नई दिल्ली: जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ ने भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों का ध्यान खींचा है। 30,213 करोड़ रुपये के इस आईपीओ को 21 अक्टूबर 2026 को खुलने के महज 100 मिनट के भीतर पूरा सब्सक्रिप्शन मिल गया। शुरुआती प्रतिक्रिया से इस इश्यू को लेकर निवेशकों की मजबूत दिलचस्पी का पता चलता है।
30,213 करोड़ रुपये का है जियो आईपीओ
जियो प्लेटफॉर्म्स ने इस आईपीओ के तहत करीब 27 करोड़ नए शेयर जारी किए हैं। इसके लिए प्रति शेयर 1,065 रुपये से 1,119 रुपये का प्राइस बैंड तय किया गया है। ऊपरी मूल्य पर कंपनी का मूल्यांकन लगभग 10.3 लाख करोड़ रुपये बैठता है।
यह आईपीओ नए शेयरों का निर्गम है। इसमें मौजूदा शेयरधारकों की ओर से शेयर बेचने का प्रस्ताव शामिल नहीं है। इस निर्गम से मिलने वाली राशि कंपनी को मिलेगी। कंपनी की योजना इस राशि के बड़े हिस्से का इस्तेमाल अपनी सहायक कंपनी रिलायंस जियो इन्फोकॉम के कर्ज को चुकाने या कम करने में करने की है।
संस्थागत निवेशकों ने दिखाई दिलचस्पी
आईपीओ के पहले दिन योग्य संस्थागत खरीदारों (QIB) की श्रेणी में मजबूत मांग दर्ज की गई। पहले दिन शाम 5 बजे तक इस श्रेणी को उसके लिए आरक्षित शेयरों के मुकाबले 9.42 गुना बोलियां मिली थीं। गैर-संस्थागत निवेशकों की श्रेणी 1.68 गुना सब्सक्राइब हुई, जबकि खुदरा निवेशकों की श्रेणी में 0.73 गुना बोलियां मिलीं।
इन आंकड़ों से संकेत मिलता है कि शुरुआती मांग में बड़े संस्थागत निवेशकों की प्रमुख भूमिका रही। हालांकि, इश्यू बंद होने तक सब्सक्रिप्शन के आंकड़ों में बदलाव संभव है।
जियो पर निवेशकों का भरोसा क्यों?
जियो का बड़ा ग्राहक आधार और डिजिटल सेवाओं के विस्तार की संभावनाएं निवेशकों के लिए प्रमुख आकर्षण हैं। कंपनी का कारोबार दूरसंचार सेवाओं के साथ क्लाउड कंप्यूटिंग, एंटरप्राइज टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों से भी जुड़ा है।
इसके अलावा, आईपीओ से जुटाई गई राशि का इस्तेमाल कर्ज कम करने में करने की योजना कंपनी की वित्तीय स्थिति के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकती है। हालांकि, भविष्य में इन क्षेत्रों से होने वाली कमाई और कारोबार की वृद्धि कंपनी के वास्तविक प्रदर्शन पर निर्भर करेगी।
क्या लिस्टिंग पर मिलेगा निवेशकों को मुनाफा?
आईपीओ को मिला मजबूत सब्सक्रिप्शन निवेशकों की दिलचस्पी दिखाता है, लेकिन इससे लिस्टिंग के बाद शेयर की कीमत बढ़ने की गारंटी नहीं मिलती। शेयर का प्रदर्शन बाजार के रुख, कंपनी के मूल्यांकन, निवेशकों की मांग और आर्थिक परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।
इसलिए निवेशकों के लिए केवल सब्सक्रिप्शन के आंकड़ों के आधार पर फैसला लेना उचित नहीं होगा। कंपनी के वित्तीय नतीजों, कारोबार की संभावनाओं और निवेश से जुड़े जोखिमों का अध्ययन करना जरूरी है।
कब तक खुला रहेगा आईपीओ?
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ 21 अक्टूबर को खुला और 23 अक्टूबर 2026 तक निवेशकों के लिए उपलब्ध रहेगा। शेयरों की लिस्टिंग 28 अक्टूबर को निर्धारित बताई गई है। अंतिम सब्सक्रिप्शन आंकड़े इश्यू बंद होने के बाद स्पष्ट होंगे।
जियो का यह आईपीओ कंपनी के डिजिटल कारोबार को सार्वजनिक बाजार में अलग पहचान और मूल्यांकन दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। अब निवेशकों की नजर इश्यू के अंतिम आंकड़ों और शेयर बाजार में इसकी लिस्टिंग पर रहेगी।

