नई दिल्ली: अरब सागर में भारतीय नौसेना ने समुद्री लुटेरों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए हाईजैक किए गए ईरानी मछली पकड़ने वाले जहाज ‘अजिनी’ (Azini) को मुक्त करा लिया है। इस ऑपरेशन में जहाज पर सवार सभी 20 चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया। भारतीय नौसेना ने यह कार्रवाई सोमालियाई समुद्री लुटेरों के खिलाफ करीब 48 घंटे तक चले विशेष अभियान के दौरान की। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस ऑपरेशन में किसी भी नाविक को चोट नहीं आई और न ही कोई हताहत हुआ।
3,000 किलोमीटर दूर चलाया गया ऑपरेशन
भारतीय नौसेना का यह अभियान मुंबई से करीब 3,000 किलोमीटर दूर अरब सागर में चलाया गया। ईरानी मछली पकड़ने वाले जहाज अजिनी को 29 अक्टूबर को सोमालिया के उत्तर-पूर्वी तट के पास हथियारबंद समुद्री लुटेरों ने अपने कब्जे में ले लिया था। इस घटना के बाद जहाज के इस्तेमाल को लेकर समुद्री सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई थी। आशंका थी कि लुटेरे इस जहाज को बड़े व्यापारिक जहाजों पर हमले के लिए मदरशिप के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं।
नौसेना और वायुसेना ने मिलकर चलाया अभियान
जहाज को मुक्त कराने के लिए भारतीय नौसेना ने अपना युद्धपोत तैनात किया। इसके साथ ही समुद्री निगरानी विमान की मदद से जहाज की लगातार निगरानी की गई। उसकी लोकेशन का पता लगाने और गतिविधियों पर नजर रखने के बाद नौसेना ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की।
इस ऑपरेशन में भारतीय वायुसेना ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वायुसेना के C-17 विमान के जरिए मरीन कमांडो को सटीक एयरड्रॉप के माध्यम से अभियान में शामिल किया गया। इसके बाद कमांडो ने जहाज पर मौजूद समुद्री लुटेरों के खतरे को खत्म कर चालक दल के सभी सदस्यों को सुरक्षित मुक्त करा लिया।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नौसेना को दी बधाई
इस सफल अभियान के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारतीय नौसेना के जवानों की सराहना की। उन्होंने कहा कि करीब 48 घंटे तक चले इस समन्वित अभियान में नौसेना ने अपनी उच्च परिचालन क्षमता और समुद्री खतरों से निपटने की तत्परता का परिचय दिया है। उन्होंने भारतीय वायुसेना के सहयोग की भी प्रशंसा की।
इस अभियान को हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में भारत की महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है।
समुद्री सुरक्षा के प्रति भारत की प्रतिबद्धता
भारतीय नौसेना ने इस ऑपरेशन के जरिए स्पष्ट किया है कि हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री व्यापारिक मार्गों और नाविकों की सुरक्षा उसकी प्राथमिकता है। समुद्री लूट की घटनाओं पर नियंत्रण और अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए भारत लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहा है।
इस सफल रेस्क्यू ऑपरेशन ने एक बार फिर भारतीय नौसेना और वायुसेना के बीच बेहतर तालमेल, आधुनिक सैन्य क्षमता और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में कार्रवाई करने की तैयारी को प्रदर्शित किया है।

