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दीपावली से पहले धनबाद में बड़ा खुलासा, 360 किलो रंगीन बताशा और सेवई जब्त; अवैध मिठाई कारखाना सील

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Naveen Kumar
Editor & Correspondent at Global Awaaz
11:34 am| 3 November 2026| 5 min read|
दीपावली से पहले धनबाद में बड़ा खुलासा, 360 किलो रंगीन बताशा और सेवई जब्त; अवैध मिठाई कारखाना सील

धनबाद: दीपावली और छठ महापर्व से पहले झारखंड के धनबाद जिले में मिलावटखोरी के खिलाफ खाद्य सुरक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। जिले के झरिया थाना क्षेत्र स्थित फतेहपुर रोड में संचालित एक मिठाई कारखाने पर छापेमारी कर विभागीय टीम ने 360 किलोग्राम संदिग्ध खाद्य सामग्री जब्त की है। इसमें 210 किलोग्राम रंगीन बताशा और 150 किलोग्राम सेवई शामिल हैं। प्रारंभिक जांच में बताशा तैयार करने में प्रतिबंधित रंगों के इस्तेमाल की बात सामने आई है। वहीं, कारखाना बिना वैध खाद्य लाइसेंस के संचालित पाया गया। इसके बाद विभाग ने कारखाने को सील कर दिया।

त्योहारी सीजन में मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने के बीच हुई इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया है। विभाग को आशंका है कि यहां तैयार खाद्य सामग्री को दीपावली के दौरान धनबाद के अलग-अलग बाजारों और दुकानों में सप्लाई किया जाना था।

गुप्त सूचना पर खाद्य सुरक्षा विभाग की छापेमारी

जानकारी के अनुसार, खाद्य सुरक्षा विभाग को सूचना मिली थी कि झरिया के फतेहपुर गली इलाके में बिना वैध लाइसेंस के मिठाई और अन्य खाद्य सामग्री तैयार करने का कारखाना संचालित किया जा रहा है। सूचना मिलने के बाद खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी डॉ. राजा कुमार के नेतृत्व में विभागीय टीम ने सोमवार को अचानक कारखाने में छापेमारी की।

टीम जब कारखाने पहुंची तो वहां बड़ी मात्रा में बताशा और सेवई तैयार कर रखी गई थी। अधिकारियों ने खाद्य सामग्री की जांच की। इस दौरान बताशों में प्रतिबंधित रंगों के इस्तेमाल की आशंका सामने आई। इसके अलावा कारखाने के संचालक के पास खाद्य कारोबार से संबंधित वैध लाइसेंस भी नहीं मिला।

210 किलो रंगीन बताशा और 150 किलो सेवई बरामद

छापेमारी के दौरान विभागीय टीम ने कुल 360 किलोग्राम खाद्य सामग्री जब्त की। इसमें 210 किलोग्राम रंगीन बताशा और 150 किलोग्राम सेवई शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार, रंगीन बताशों को दीपावली के बाजार में बिक्री के लिए तैयार किया जा रहा था।

बताशों में प्रतिबंधित रंगों के इस्तेमाल की आशंका को देखते हुए विभाग ने इसे गंभीरता से लिया है। वहीं, सेवई की गुणवत्ता को लेकर भी जांच की जाएगी। फिलहाल दोनों खाद्य पदार्थों को संदिग्ध मानते हुए जब्त किया गया है। इनमें इस्तेमाल किए गए रंगों और अन्य सामग्रियों की वास्तविक स्थिति प्रयोगशाला जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

दिनेश गुप्ता के कारखाने में चल रहा था उत्पादन

विभागीय जानकारी के अनुसार, झरिया के फतेहपुर रोड स्थित यह कारखाना दिनेश गुप्ता का बताया जा रहा है। यहां तैयार खाद्य सामग्री की आपूर्ति धनबाद जिले के विभिन्न बाजारों और दुकानों में किए जाने की जानकारी सामने आई है।

अब खाद्य सुरक्षा विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि कारखाने में तैयार बताशा और सेवई किन-किन दुकानों तक पहुंचाई गई थी। विभाग इस बात की भी पड़ताल कर रहा है कि पहले से तैयार खाद्य सामग्री का कितना हिस्सा बाजार में भेजा जा चुका है।

एक कमरे में रखकर सील की गई जब्त सामग्री

कार्रवाई के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने बरामद 360 किलोग्राम खाद्य सामग्री को एक कमरे में रखकर ताला बंद कर सील कर दिया। साथ ही खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए रांची स्थित प्रयोगशाला भेजने की तैयारी की गई है।

प्रयोगशाला की रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि बताशा और सेवई में किस तरह के रंगों या अन्य पदार्थों का इस्तेमाल किया गया था और खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन हुआ है या नहीं। रिपोर्ट के आधार पर कारखाना संचालक के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

उपायुक्त के निर्देश पर चल रहा विशेष अभियान

धनबाद के उपायुक्त आदित्य रंजन के निर्देश पर जिले में मिलावटी खाद्य पदार्थों और प्रतिबंधित रंगों के इस्तेमाल के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। दीपावली और छठ जैसे प्रमुख त्योहारों को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग मिठाई निर्माण इकाइयों, होटलों और रेस्टोरेंट की जांच कर रहा है।

इस छापेमारी अभियान में खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी डॉ. राजा कुमार के साथ चंदन कुमार साव, चंद्रदेव मंजू और नैना कुमार नायक भी शामिल थे।

त्योहारों में मिठाई खरीदते समय बरतें सावधानी

त्योहारों के दौरान मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में उपभोक्ताओं को खरीदारी करते समय कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए। अत्यधिक चमकीले रंगों वाली मिठाइयों और खुले में रखे खाद्य पदार्थों को लेकर सतर्क रहें। पैक खाद्य सामग्री खरीदते समय निर्माण और उपयोग की अंतिम तारीख के साथ पैकेट पर दी गई जानकारी भी जांचें।

किसी दुकान या निर्माण इकाई में गंदगी अथवा संदिग्ध खाद्य सामग्री दिखाई देने पर खाद्य सुरक्षा विभाग को इसकी सूचना दें।

झरिया में हुई इस कार्रवाई के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि कारखाने में तैयार खाद्य सामग्री की आपूर्ति धनबाद के किन-किन बाजारों तक की गई थी। फिलहाल विभाग की जांच और प्रयोगशाला रिपोर्ट का इंतजार है।

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