मुंबई: दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। करीब छह साल पुराने इस मामले में अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने जांच शुरू कर दी है। बॉम्बे हाईकोर्ट के निर्देश के बाद CBI ने दिशा सालियान की मौत से जुड़े मामले में FIR दर्ज कर जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ाई है।
दिशा सालियान की मौत 8 जून 2020 को मुंबई के मलाड इलाके में एक इमारत से गिरने के बाद हुई थी। शुरुआती जांच में मुंबई पुलिस ने इसे दुर्घटनावश हुई मौत माना था। हालांकि, बाद में इस मामले को लेकर कई तरह के सवाल और आरोप सामने आए। दिशा के पिता सतीश सालियान ने मामले की स्वतंत्र जांच की मांग को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया था।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद CBI ने शुरू की जांच
बॉम्बे हाईकोर्ट ने 2 सितंबर 2026 को मामले की जांच CBI को सौंपने का निर्देश दिया। इसके बाद केंद्रीय एजेंसी ने मामले में FIR दर्ज कर जांच शुरू की। अब CBI पुराने पुलिस रिकॉर्ड, मेडिकल और फोरेंसिक दस्तावेजों के साथ-साथ मामले से जुड़े लोगों के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच करेगी।
CBI की जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि दिशा सालियान की मौत वास्तव में किन परिस्थितियों में हुई और शुरुआती जांच में सामने आए तथ्यों में कोई कमी या विरोधाभास तो नहीं था।
FIR में गंभीर धाराएं, आरोपों की होगी जांच
मामले में दर्ज FIR में हत्या, गैंगरेप, आपराधिक साजिश और सबूत मिटाने जैसे गंभीर आरोपों से संबंधित धाराएं शामिल होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, किसी FIR में किसी आरोप या धारा का दर्ज होना यह साबित नहीं करता कि संबंधित व्यक्ति दोषी है। आरोपों की पुष्टि जांच और अदालत की प्रक्रिया के बाद ही हो सकती है।
CBI अब यह भी देखेगी कि घटनास्थल से जुड़े साक्ष्य, मेडिकल रिकॉर्ड, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और गवाहों के बयानों में क्या तथ्य सामने आते हैं।
सुशांत सिंह राजपूत से कैसे जुड़ा है मामला?
दिशा सालियान की मौत 8 जून 2020 को हुई थी, जबकि सुशांत सिंह राजपूत की मौत 14 जून 2020 को हुई। दोनों घटनाओं के बीच सिर्फ छह दिन का अंतर था। इसी वजह से लंबे समय से दोनों मामलों को जोड़कर कई सवाल उठाए जाते रहे हैं।
हालांकि, दोनों मामलों को कानूनी तौर पर अलग-अलग जांचा गया है। सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में CBI ने अपनी जांच पूरी करने के बाद क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की थी और उपलब्ध जांच के आधार पर किसी आपराधिक साजिश के सबूत नहीं मिलने की बात सामने आई थी।
इसलिए मौजूदा CBI जांच का केंद्र दिशा सालियान की मौत का मामला है। दोनों मामलों के बीच किसी आपराधिक संबंध की पुष्टि फिलहाल जांच के आधार पर ही हो सकती है।
CBI किन बिंदुओं पर करेगी जांच?
CBI की जांच में कई अहम सवालों पर फोकस रहने की उम्मीद है। इनमें दिशा सालियान की मौत की परिस्थितियां, घटनास्थल से जुड़े साक्ष्य, उस समय मौजूद लोगों के बयान, मेडिकल और फोरेंसिक रिपोर्ट तथा शुरुआती पुलिस जांच की प्रक्रिया शामिल हैं।
एजेंसी यह भी देख सकती है कि पहले की जांच में किसी तथ्य को नजरअंदाज किया गया था या नहीं और उपलब्ध साक्ष्यों में कोई महत्वपूर्ण विरोधाभास है या नहीं।
अब आगे क्या होगा?
CBI के सामने अब पुराने रिकॉर्ड और साक्ष्यों की विस्तृत जांच की चुनौती है। एजेंसी जरूरत के मुताबिक मामले से जुड़े लोगों से पूछताछ कर सकती है और पुराने बयानों तथा दस्तावेजों का दोबारा परीक्षण कर सकती है।
जांच पूरी होने के बाद CBI अपनी रिपोर्ट के माध्यम से यह स्पष्ट कर सकती है कि दिशा सालियान की मौत के मामले में लगाए गए आरोपों में कोई आपराधिक साजिश या अन्य अपराध साबित होता है या नहीं।
फिलहाल इस मामले में सबसे अहम बात यह है कि दिशा सालियान की मौत की CBI जांच शुरू हो चुकी है। जांच के निष्कर्ष सामने आने तक किसी भी व्यक्ति को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा।

