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Crime›पुलिस व कानून

गोलू हत्याकांड में मुजफ्फरपुर SSP को मानवाधिकार आयोग का नोटिस, 8 सप्ताह में मांगा जवाब

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Naveen Kumar
Editor & Correspondent at Global Awaaz
12:31 pm| 31 October 2026| 5 min read|
गोलू हत्याकांड में मुजफ्फरपुर SSP को मानवाधिकार आयोग का नोटिस, 8 सप्ताह में मांगा जवाब

औराई के प्रियांशु कुमार उर्फ गोलू की हत्या के मामले में परिजनों ने पुलिस जांच पर उठाए सवाल; साक्ष्य नष्ट करने और मामले को हादसा दिखाने की कोशिश का लगाया आरोप, 4 फरवरी को होगी अगली सुनवाई

मुजफ्फरपुर। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के औराई थाना क्षेत्र में हुए प्रियांशु कुमार उर्फ गोलू हत्याकांड में अब मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान लिया है। बिहार राज्य मानवाधिकार आयोग ने मामले की सुनवाई करते हुए मुजफ्फरपुर के एसएसपी को नोटिस जारी किया है। आयोग ने एसएसपी से आठ सप्ताह के भीतर पूरे मामले पर जवाब मांगा है। इस कार्रवाई के बाद हत्याकांड की जांच एक बार फिर चर्चा में आ गई है।

मामला औराई थाना क्षेत्र के सुंदर खौली गांव का है, जहां बीते 7 अगस्त को विपिन कुमार ठाकुर के पुत्र प्रियांशु कुमार उर्फ गोलू की हत्या कर दी गई थी। घटना को लेकर औराई थाना में कांड संख्या 269/26 दर्ज कराया गया था। हालांकि, मृतक के परिजन शुरुआत से ही पुलिस की जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाते रहे हैं।

परिजनों ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप

मृतक के परिजनों का आरोप है कि मामले की जांच शुरू से ही सही दिशा में नहीं की गई। परिवार का दावा है कि घटना से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्यों को जानबूझकर नष्ट किया गया और उपलब्ध साक्ष्यों को इस तरह प्रस्तुत करने की कोशिश की गई, जिससे पूरी घटना हत्या के बजाय हादसा प्रतीत हो।

परिजनों ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए मामले में निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की थी। उनका कहना है कि अब तक की जांच में कई ऐसे पहलू हैं, जिनकी गंभीरता से पड़ताल जरूरी है।

राष्ट्रीय और राज्य मानवाधिकार आयोग में की गई शिकायत

मामले में न्याय की मांग को लेकर मृतक के पिता ने मानवाधिकार अधिवक्ता एसके झा के माध्यम से राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और बिहार राज्य मानवाधिकार आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में पुलिस जांच पर सवाल उठाते हुए पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराने और वास्तविकता सामने लाने की मांग की गई थी।

शिकायत पर सुनवाई करते हुए बिहार राज्य मानवाधिकार आयोग ने मुजफ्फरपुर एसएसपी को नोटिस जारी किया है। आयोग ने आठ सप्ताह के भीतर जवाब प्रस्तुत करने को कहा है।

अधिवक्ता ने आयोग के कदम का किया स्वागत

मानवाधिकार अधिवक्ता एसके झा ने आयोग की इस कार्रवाई का स्वागत किया है। उनका कहना है कि आयोग के हस्तक्षेप से मामले की जांच में तेजी आने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का दबाव बढ़ने की उम्मीद है। साथ ही इससे घटना की वास्तविक परिस्थितियों को सामने लाने में मदद मिल सकती है।

4 फरवरी को होगी अगली सुनवाई

गोलू हत्याकांड में बिहार राज्य मानवाधिकार आयोग की अगली सुनवाई 4 फरवरी को निर्धारित की गई है। अब इस मामले में मुजफ्फरपुर एसएसपी की ओर से दिए जाने वाले जवाब पर सबकी नजर रहेगी।

फिलहाल परिजन मामले की निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग कर रहे हैं। वहीं, आयोग के नोटिस के बाद पुलिस की जांच और अब तक की कार्रवाई को लेकर जवाबदेही का मुद्दा भी महत्वपूर्ण हो गया है।


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