पाकुड़: झारखंड के पाकुड़ जिले के हिरणपुर थाना क्षेत्र के नयाग्राम से 13 वर्षीय दीनानाथ सिंह के लापता होने के मामले में पुलिस ने हत्या का खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस ने मामले में करीब 40 वर्षीय मनोज कुमार को गिरफ्तार किया है। आरोपी मूल रूप से हरियाणा का रहने वाला बताया जा रहा है और वर्तमान में हिरणपुर के नयाग्राम में रह रहा था।
पुलिस के अनुसार, दीनानाथ करमा पूजा के दौरान नयाग्राम से अचानक लापता हो गया था। परिजनों ने काफी तलाश की, लेकिन जब बच्चे का कोई सुराग नहीं मिला तो पुलिस को इसकी सूचना दी गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पाकुड़ एसपी अनुदीप सिंह के निर्देश पर विशेष जांच दल यानी SIT का गठन किया गया।
48 घंटे में आरोपी तक पहुंची पुलिस
पुलिस के मुताबिक, SIT ने मानवीय सूचना, तकनीकी इनपुट और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की। टीम ने कई संभावित ठिकानों पर छापेमारी की। इसी क्रम में पुलिस ने आरोपी मनोज कुमार को हिरणपुर बस स्टैंड के पास से गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस का दावा है कि पूछताछ के दौरान आरोपी ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। हालांकि, मामले से जुड़े आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
बहला-फुसलाकर ऑटो में ले जाने का आरोप
पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, दीनानाथ को कथित तौर पर बहला-फुसलाकर ऑटो में बैठाया गया था। पुलिस का आरोप है कि इसके बाद उसकी हत्या कर शव को नदी में फेंक दिया गया।
पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल किए जाने की बात कही जा रही लोहे का जैक और बजाज मैक्सीमा कंपनी का हरे रंग का ऑटो बरामद किया है।
नदी किनारे मिला दीनानाथ का शव
तलाशी अभियान के दौरान पुलिस को दीनानाथ का शव पाकुड़ नगर थाना क्षेत्र में देवपुर और मंगलापाड़ा के बीच नदी किनारे से बरामद हुआ। शव को पोस्टमार्टम और अन्य आवश्यक जांच के लिए सदर अस्पताल, पाकुड़ भेजा गया।
घटना की सूचना मिलने के बाद से ही परिवार में मातम पसरा हुआ है। दीनानाथ अपने परिवार का इकलौता बेटा था।
जमीन और घरेलू विवाद की बात सामने आई
पुलिस की शुरुआती जांच में हत्या के पीछे जमीन विवाद और घरेलू विवाद की बात सामने आने की जानकारी दी गई है। जांच के दौरान ओझा-गुनी से जुड़े शक का एंगल भी सामने आया है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी के परिवार में एक महिला लंबे समय से बीमार थी। आरोपी को कथित तौर पर शक था कि विरोधी पक्ष के लोग ओझा-गुनी के जरिए उसके परिवार के सदस्य को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इसी शक को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद होने की बात सामने आई है।
इसके अलावा जमीन और ऑटो को लेकर भी विवाद की जांच की जा रही है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हत्या की पूरी साजिश में केवल आरोपी की भूमिका थी या इसमें अन्य लोग भी शामिल थे।
SIT की कार्रवाई से 48 घंटे में खुलासा
पुलिस के अनुसार, 23 सितंबर को बच्चे के लापता होने की सूचना मिलने के बाद SIT का गठन किया गया था। टीम ने लगातार जांच और छापेमारी करते हुए करीब 48 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार किया और बच्चे का शव बरामद किया।
फिलहाल आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है। मामले में आगे की जानकारी पुलिस की जांच और आधिकारिक बयान के आधार पर सामने आएगी।

