मुजफ्फरपुर: उत्तर बिहार में मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े नेटवर्क की जांच में पुलिस को अहम जानकारी मिलने का दावा किया गया है। सिकंदरपुर थाना पुलिस की गिरफ्त में आए पूर्वी चंपारण निवासी मनीष राज से पूछताछ के बाद पुलिस के सामने सात संदिग्ध तस्करों के नाम आने की बात कही जा रही है।
पुलिस के अनुसार, इन लोगों के मोबाइल नंबर भी जुटाए गए हैं और अब विशेष टीम उनके संपर्कों, गतिविधियों और कथित नेटवर्क की जानकारी खंगाल रही है। पुलिस की जांच का फोकस नेपाल से उत्तर बिहार तक मादक पदार्थों की कथित सप्लाई चेन पर है।
सात संदिग्ध तस्करों की तलाश तेज
पुलिस के मुताबिक, मनीष राज से पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर कई संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। चिन्हित लोगों के मोबाइल नंबरों की तकनीकी जांच भी की जा रही है।
जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि कथित नेटवर्क में कौन-कौन लोग सक्रिय हैं, उनके बीच किस तरह संपर्क होता था और मादक पदार्थों की सप्लाई के लिए किन माध्यमों का इस्तेमाल किया जाता था।
नेपाल से उत्तर बिहार तक पहुंचने की बात
पूछताछ के आधार पर पुलिस को आशंका है कि नेपाल से मादक पदार्थों की खेप उत्तर बिहार के अलग-अलग जिलों तक पहुंचाई जाती थी। जांच में स्मैक समेत अन्य नशीले पदार्थों की कथित तस्करी की जानकारी सामने आई है।
अब पुलिस इस नेटवर्क की पूरी संरचना का पता लगाने की कोशिश कर रही है। खास तौर पर यह जांच की जा रही है कि नेपाल से कथित तौर पर आने वाली खेप कहां पहुंचती थी और उसके बाद अलग-अलग जिलों में इसे कौन लोग सप्लाई करते थे।
मनीष राज के पास से नशीले पदार्थ बरामद
पुलिस ने एक दिन पहले छापेमारी कर मनीष राज को गिरफ्तार किया था। पुलिस के अनुसार, उसके पास से 45 पुड़िया गांजा, 50 पुड़िया स्मैक और 12 डब्बा कोटा मादक पदार्थ बरामद किया गया।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उससे पूछताछ की। इसी पूछताछ के दौरान कथित तौर पर नेपाल से जुड़े संपर्कों और अन्य लोगों के बारे में जानकारी मिलने की बात सामने आई है।
पुलिस अब मनीष राज के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है। इसके लिए पूर्वी चंपारण के अलग-अलग थानों से जानकारी जुटाई जा रही है।
मोबाइल नंबरों की तकनीकी जांच
पुलिस ने जिन संदिग्धों के नाम और मोबाइल नंबर जुटाए हैं, उनकी गतिविधियों की जानकारी हासिल करने के लिए तकनीकी जांच शुरू कर दी है। जांच के दौरान कॉल डिटेल और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कथित नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने की कोशिश की जा रही है।
हालांकि, जिन लोगों के नाम जांच में सामने आए हैं, उनके खिलाफ आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
सितंबर में भी हुई थी कई गिरफ्तारियां
मादक पदार्थों के खिलाफ सितंबर में चलाए गए अभियान के दौरान उत्तर बिहार के अलग-अलग इलाकों से दो दर्जन से अधिक लोगों की गिरफ्तारी की जानकारी पुलिस की ओर से सामने आई थी।
इन कार्रवाइयों में गांजा, स्मैक, हेरोइन और अन्य मादक पदार्थ बरामद किए जाने का दावा किया गया था। अब मनीष राज से पूछताछ के बाद मिले इनपुट के आधार पर पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
आगे और खुलासे की उम्मीद
सिकंदरपुर पुलिस की जांच फिलहाल जारी है। पुलिस संभावित तस्करों के संपर्क, ठिकानों और कथित सप्लाई नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है।
जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे गिरफ्तारियां और कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। पुलिस का कहना है कि मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े पूरे नेटवर्क का पता लगाने के लिए कार्रवाई जारी रहेगी।

