नई दिल्ली/रांची। देशभर में गणेश पूजा को लेकर श्रद्धा और उत्साह का माहौल है। महाराष्ट्र से लेकर झारखंड, बिहार, गुजरात, कर्नाटक, तेलंगाना, मध्य प्रदेश और दिल्ली समेत कई राज्यों में भगवान गणेश की पूजा-अर्चना के लिए विशेष तैयारियां की गई हैं। शहरों और कस्बों में जगह-जगह गणेश पूजा पंडाल सजाए गए हैं, जहां सुबह-शाम श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। वातावरण ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयकारों से भक्तिमय बना हुआ है।
घरों से लेकर पूजा पंडालों तक गणपति की आराधना
गणेश उत्सव के दौरान लोग अपने घरों में भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर रहे हैं। वहीं विभिन्न पूजा समितियों की ओर से बड़े-बड़े पंडाल बनाए गए हैं। पंडालों को आकर्षक रोशनी, फूलों और अलग-अलग थीम से सजाया गया है। कई स्थानों पर धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं।
श्रद्धालु भगवान गणेश को मोदक, लड्डू, फल और अन्य प्रसाद अर्पित कर सुख-समृद्धि और विघ्नों के निवारण की कामना कर रहे हैं। गणेश भगवान को विघ्नहर्ता और बुद्धि-विवेक के देवता के रूप में पूजा जाता है।
महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा उत्साह
गणेश उत्सव का सबसे भव्य स्वरूप महाराष्ट्र में देखने को मिलता है। मुंबई, पुणे, नागपुर और अन्य शहरों में गणेश पूजा को लेकर विशेष उत्साह है। सार्वजनिक गणेश मंडलों में आकर्षक प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। बड़े पंडालों में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं।
मुंबई में कई प्रमुख गणेश मंडलों की प्रतिमाएं हर साल श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहती हैं। पूजा के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों और सामाजिक गतिविधियों का भी आयोजन किया जाता है।
दूसरे राज्यों में भी बढ़ा गणेश उत्सव का उत्साह
गणेश पूजा अब केवल महाराष्ट्र तक सीमित नहीं रही है। देश के विभिन्न हिस्सों में गणेश उत्सव बड़े स्तर पर मनाया जा रहा है। झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल, गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, तेलंगाना और दिल्ली-एनसीआर में भी सार्वजनिक पूजा समितियों ने गणेश प्रतिमाएं स्थापित की हैं।
कई शहरों में बच्चों और युवाओं की भागीदारी भी देखने को मिल रही है। पूजा पंडालों में भक्ति संगीत, भजन, आरती और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।
बाजारों में भी दिखा उत्सव का असर
गणेश पूजा को लेकर बाजारों में भी रौनक बढ़ गई है। भगवान गणेश की छोटी-बड़ी प्रतिमाओं के साथ पूजा सामग्री, फूल, माला, सजावटी सामान और मिठाइयों की मांग बढ़ी है। पूजा समितियां पंडाल और सजावट को आकर्षक बनाने के लिए विशेष तैयारियां कर रही हैं।
मिठाई दुकानों पर मोदक और गणेश पूजा से जुड़े प्रसाद की विशेष मांग देखी जा रही है। इसके अलावा फूल और पूजा सामग्री बेचने वाले दुकानदारों को भी त्योहार से कारोबार बढ़ने की उम्मीद है।
पर्यावरण का भी रखा जा रहा ध्यान
गणेश उत्सव के दौरान कई जगह पर्यावरण संरक्षण को लेकर भी जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। पूजा समितियां और श्रद्धालु मिट्टी से बनी गणेश प्रतिमाओं को प्राथमिकता देने और प्राकृतिक सामग्री से सजावट करने का संदेश दे रहे हैं। प्रशासन की ओर से भी पूजा और विसर्जन के दौरान सुरक्षा तथा पर्यावरण संबंधी नियमों का पालन करने की अपील की जाती है।
आस्था के साथ सामाजिक एकता का संदेश
गणेश उत्सव धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकता और सामुदायिक भागीदारी का भी पर्व बन चुका है। अलग-अलग वर्गों के लोग एक साथ मिलकर पूजा आयोजन में हिस्सा लेते हैं। कई स्थानों पर गणेश पूजा समितियों की ओर से रक्तदान शिविर, स्वास्थ्य जांच, भंडारा और जरूरतमंदों की मदद जैसे सामाजिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं।
गणेश पूजा के दौरान देशभर में भक्तिमय माहौल के बीच लोगों में उत्साह और उमंग देखने को मिल रही है। श्रद्धालु भगवान गणेश से परिवार और समाज की सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली की प्रार्थना कर रहे हैं।
जयकारों से गूंज रहा देश:
“गणपति बप्पा मोरया, मंगल मूर्ति मोरया।”

