रांची: झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर महत्वपूर्ण मामले पर झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई शुरू हो गई है। JPSC की 11वीं से 13वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रतियोगिता परीक्षा, CDPO, Food Safety Officer (FSO) और JSSC CGL 2023 के विज्ञापनों को रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले के खिलाफ दाखिल याचिकाओं पर अदालत में सुनवाई चल रही है। मामले में अदालत के फैसले पर हजारों अभ्यर्थियों की नजरें टिकी हुई हैं।
मामले की सुनवाई जस्टिस दीपक रोशन की एकल पीठ में हो रही है। याचिकाकर्ताओं की ओर से झारखंड के पूर्व महाधिवक्ता और वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव रंजन ने अदालत के समक्ष अपना पक्ष रखा। वहीं, अदालत के पूर्व निर्देश के अनुसार राज्य सरकार और संबंधित आयोगों की ओर से विस्तृत जवाबी शपथ पत्र पहले ही दाखिल किया जा चुका है।
अलग-अलग परीक्षाओं के अभ्यर्थियों ने दाखिल की याचिका
सरकार और संबंधित आयोगों की ओर से परीक्षा विज्ञापनों को रद्द किए जाने के फैसले को अलग-अलग याचिकाओं के माध्यम से हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है।
रमेश उरांव और अन्य की ओर से दायर याचिका में JSSC CGL परीक्षा-2023 को रद्द करने संबंधी सरकारी अधिसूचना को चुनौती दी गई है। वहीं, सुभाष मुर्मू और अन्य ने CDPO नियुक्ति परीक्षा को रद्द किए जाने के फैसले के खिलाफ अदालत का रुख किया है।
इसी तरह दीपमाला, आशीष अक्षत, आकांक्षा मिंज और अन्य की ओर से JPSC 11वीं से 13वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रतियोगिता परीक्षा को रद्द करने के फैसले को चुनौती दी गई है। जबकि सौरभ सिंह और अन्य ने Food Safety Officer परीक्षा रद्द करने के निर्णय को निरस्त करने की मांग की है।
याचिकाकर्ताओं ने नियुक्ति प्रक्रिया रद्द करने पर उठाए सवाल
याचिकाकर्ताओं की ओर से अदालत में दलील दी गई कि जिन परीक्षाओं की प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी थी, उन्हें अचानक रद्द करना अभ्यर्थियों के हित में नहीं है। उनका कहना है कि लंबे समय से इन परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हजारों अभ्यर्थियों ने अपनी मेहनत और समय लगाया है।
याचिकाकर्ताओं के अनुसार, भर्ती प्रक्रिया रद्द होने से अभ्यर्थियों के भविष्य पर असर पड़ रहा है। खासकर ऐसे उम्मीदवारों के सामने उम्र सीमा को लेकर भी चुनौती पैदा हो रही है, जो लंबे समय से सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हैं।
फैसले पर टिकी हजारों अभ्यर्थियों की निगाहें
इन परीक्षाओं को लेकर राज्यभर में बड़ी संख्या में अभ्यर्थी प्रभावित हैं। ऐसे में हाईकोर्ट के फैसले को लेकर उम्मीदवारों में काफी उत्सुकता है। सुनवाई के दौरान अदालत का रुख क्या रहता है और परीक्षा रद्द करने के सरकारी फैसले पर क्या आदेश आता है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।
फिलहाल मामले में सुनवाई जारी है और अदालत के फैसले का इंतजार किया जा रहा है।

