भारत-बेल्जियम व्यापार और रक्षा सहयोग को नई दिशा, पीएम मोदी ने गिनाईं अहम
पहल
नई दिल्ली: भारत और
बेल्जियम के बीच आर्थिक, वित्तीय और रक्षा
सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में कई अहम फैसले लिए गए हैं। प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि दोनों देशों के बीच संबंधों को नई
गति देने के लिए निवेश, व्यापार, फिनटेक और रक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाया जा
रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा
कि बेल्जियम की कंपनियों के लिए भारत में इन्वेस्टमेंट फास्ट ट्रैक मैकेनिज्म का
गठन किया गया है। इसका उद्देश्य बेल्जियम की कंपनियों के भारत में निवेश को आसान
बनाना और निवेश से जुड़े मामलों के समाधान में तेजी लाना है।
पांच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य
पीएम मोदी के मुताबिक,
भारत और बेल्जियम ने इंडिया-बेल्जियम बिजनेस
फोरम को एक नियमित तंत्र के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है। इसके जरिए
दोनों देशों के कारोबारी समुदायों के बीच संपर्क और सहयोग को और बढ़ाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि भारत और
बेल्जियम की फाइनेंशियल, फिनटेक और
रेगुलेटरी संस्थाओं के बीच तालमेल बढ़ाने पर भी काम किया जाएगा। इन पहलों के जरिए
दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को नई मजबूती देने और अगले पांच वर्षों में
द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है।
रक्षा और सुरक्षा सहयोग पर भी जोर
प्रधानमंत्री नरेंद्र
मोदी ने कहा कि रक्षा और सुरक्षा सहयोग भारत-बेल्जियम संबंधों का एक प्रमुख स्तंभ
है। दोनों देशों ने सैन्य आदान-प्रदान और प्रशिक्षण सहयोग को बढ़ाने पर सहमति जताई
है।
पीएम मोदी ने बताया कि
भारत और बेल्जियम की सरकारों तथा रक्षा उद्योगों के बीच हुए समझौतों से रक्षा
क्षेत्र में नए अवसर पैदा होंगे। विशेष रूप से डिफेंस को-डेवलपमेंट और
को-प्रोडक्शन के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाएं बढ़ेंगी।
रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में कदम
भारत और बेल्जियम के बीच
आर्थिक और रक्षा सहयोग बढ़ाने की ये पहल दोनों देशों के संबंधों को व्यापक रणनीतिक
साझेदारी की दिशा में आगे ले जाने वाली मानी जा रही हैं। निवेश और व्यापार को
बढ़ावा देने के साथ-साथ वित्तीय तकनीक, नियामकीय सहयोग और रक्षा उत्पादन में साझेदारी से दोनों देशों के उद्योगों को
नए अवसर मिलने की उम्मीद है।
प्रधानमंत्री मोदी ने
स्पष्ट किया कि भारत-बेल्जियम संबंधों को केवल व्यापार तक सीमित न रखते हुए वित्त,
फिनटेक, रक्षा और सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भी सहयोग
को मजबूत किया जाएगा।

