जमशेदपुर: झारखंड की मिट्टी, यहां के संघर्ष और विस्थापन-पलायन की कहानी अब बड़े पर्दे पर नजर आएगी। जमशेदपुर के सोनारी निवासी निर्माता-निर्देशक गौरव मलिक झारखंड की पृष्ठभूमि पर आधारित बड़ी बजट की हिंदी फीचर फिल्म ‘द वाटरफॉल’ लेकर आ रहे हैं। फिल्म की कहानी राज्य में लंबे समय से चर्चा में रहे विस्थापन और पलायन जैसे मुद्दों को केंद्र में रखकर तैयार की गई है।
फिल्म की सबसे खास बात यह है कि मुख्य तकनीकी टीम को छोड़कर इसमें बड़ी संख्या में झारखंड के स्थानीय कलाकार काम कर रहे हैं। इसके जरिए राज्य की प्रतिभाओं को बड़े हिंदी सिनेमा के मंच तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।
संताली सिनेमा के कलाकार निभाएंगे अहम भूमिकाएं
‘द वाटरफॉल’ में संताली सिनेमा से जुड़े अनुभवी कलाकारों की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। फिल्म में दशरथ हांसदा, सुरेंद्र टुडू और अभिनेत्री गंगारानी थापा प्रमुख भूमिकाओं में नजर आएंगी।
निर्माण टीम का प्रयास है कि कहानी में झारखंड की स्थानीय संस्कृति, परिवेश और यहां के लोगों के अनुभवों को वास्तविकता के करीब रखते हुए प्रस्तुत किया जाए।
झारखंड की वादियों में हो रही शूटिंग
फिल्म की शूटिंग झारखंड के अलग-अलग प्राकृतिक और दर्शनीय स्थलों पर की जा रही है। पूर्वी सिंहभूम जिले के विभिन्न इलाकों में फिलहाल फिल्मांकन जारी है।
निर्माता-निर्देशक गौरव मलिक के अनुसार, फिल्म की करीब 70 प्रतिशत शूटिंग पूरी हो चुकी है। फिल्म के दृश्य झारखंड की पहाड़ियों, जंगलों और प्राकृतिक परिवेश में फिल्माए जा रहे हैं, जिससे कहानी को स्थानीय माहौल के साथ प्रस्तुत किया जा सके।
स्थानीय कलाकारों को बड़े मंच तक पहुंचाने की कोशिश
गौरव मलिक के अनुसार, ‘द वाटरफॉल’ सिर्फ एक फिल्म प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि झारखंड के स्थानीय कलाकारों और प्रतिभाओं को बड़े मंच पर अवसर देने की दिशा में भी एक प्रयास है।
उनका कहना है कि आने वाले समय में झारखंड में फिल्म निर्माण को बढ़ावा देने की दिशा में काम किया जाएगा। इसके तहत हिंदी फिल्मों के साथ-साथ झारखंड की विभिन्न भाषाओं में भी फिल्मों के निर्माण की संभावनाओं पर काम करने का लक्ष्य है।
विस्थापन और पलायन की कहानी को पर्दे पर उतारेगी फिल्म
झारखंड की सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियों से जुड़े विस्थापन और पलायन जैसे विषय ‘द वाटरफॉल’ की कहानी के केंद्र में हैं। प्राकृतिक परिवेश और स्थानीय कलाकारों के जरिए इन विषयों को बड़े पर्दे पर किस तरह प्रस्तुत किया जाता है, यह फिल्म की प्रमुख खासियतों में शामिल होगा।
फिलहाल फिल्म की शूटिंग जारी है और लगभग 70 प्रतिशत काम पूरा होने के बाद टीम बाकी हिस्सों को पूरा करने में जुटी है। झारखंड की जमीन से निकली यह फिल्म स्थानीय कलाकारों और राज्य की प्राकृतिक खूबसूरती को एक साथ बड़े पर्दे तक ले जाने की कोशिश कर रही है।

