रामदास अठावले का हेमंत
सरकार पर हमला, बोले- छात्रों
के आंदोलन पर नहीं हुई शुरुआत में बातचीत, उद्योग और रोजगार पर देना होगा जोर
रांची, 4
सितंबर 2026: केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास
अठावले शुक्रवार को एक दिवसीय झारखंड दौरे पर रांची पहुंचे। इस दौरान प्रेस
कॉन्फ्रेंस कर उन्होंने झारखंड की राजनीति, छात्रों के आंदोलन, भर्ती
परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी, उद्योग, रोजगार, आरक्षण और
राज्य से हो रहे पलायन को लेकर अपनी बात रखी।
शिबू सोरेन से अच्छे
संबंधों का किया जिक्र
रामदास अठावले ने झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और झारखंड आंदोलन के प्रमुख
नेताओं में रहे शिबू सोरेन के साथ अपने पुराने संबंधों का जिक्र किया। उन्होंने
कहा कि शिबू सोरेन से उनके संबंध काफी अच्छे रहे हैं और अलग झारखंड राज्य के लिए
उनका आंदोलन महत्वपूर्ण रहा है।
हालांकि, उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत
सोरेन पर निशाना साधते हुए कहा कि हेमंत सोरेन उतने सक्रिय नहीं हैं। उन्होंने
आरोप लगाया कि जब राज्य में छात्रों का आंदोलन हुआ, तब शुरुआत में सरकार की ओर से छात्रों से बातचीत नहीं की गई और उन पर
लाठीचार्ज कराया गया।
भर्ती परीक्षाओं को लेकर सरकार
पर सवाल
केंद्रीय मंत्री ने झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर चल रहे विवाद पर भी
अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि छात्रों के आंदोलन के बाद सरकार ने कुछ
परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला लिया,
लेकिन बाद में अदालत ने इस फैसले पर रोक लगा दी।
अठावले ने कहा कि अदालत की कार्यवाही में परीक्षाओं में गड़बड़ी से जुड़े
मुद्दे सामने आए हैं। उन्होंने इस दिशा में आगे कार्रवाई करने और भर्ती प्रक्रिया
को लेकर नई नीति तैयार करने की जरूरत बताई।
उन्होंने कहा कि भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता जरूरी है, क्योंकि इससे राज्य के युवाओं के भविष्य का सीधा संबंध है।
झारखंड में उद्योग लगाने पर
दिया जोर
रामदास अठावले ने झारखंड में औद्योगिक विकास को रोजगार से जोड़ते हुए कहा कि
राज्य सरकार को उद्योगों को आकर्षित करने की दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से झारखंड में नए उद्योग स्थापित किए जा
सकते हैं।
उनके मुताबिक, राज्य में
उद्योग बढ़ेंगे तो स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे और युवाओं को नौकरी
के लिए दूसरे राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा।
केंद्र की योजनाओं का जिक्र, बोले- जल्द बनेगी बीजेपी की सरकार
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भले ही फिलहाल झारखंड में बीजेपी की सरकार नहीं है, लेकिन केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ राज्य की जनता को मिल
रहा है। उन्होंने सड़क निर्माण और राशन जैसी केंद्र की योजनाओं का उल्लेख करते हुए
कहा कि केंद्र सरकार झारखंड के विकास के लिए लगातार काम कर रही है।
अठावले ने दावा किया कि आने वाले समय में झारखंड में बीजेपी की सरकार बनेगी और
राज्य में विकास एवं रोजगार के नए अवसर पैदा किए जाएंगे।
आरक्षण के मुद्दे पर भी रखी
अपनी बात
दिल्ली में उठी आरक्षण खत्म करने की मांग को लेकर पूछे गए सवाल पर रामदास
अठावले ने कहा कि उनकी सरकार ने समाज के अलग-अलग वर्गों को आरक्षण देने का काम
किया है।
उन्होंने कहा कि यदि देश में जाति व्यवस्था पूरी तरह समाप्त हो जाती है तो
आरक्षण समाप्त करने पर भी विचार किया जा सकता है। उन्होंने SC-ST वर्ग की सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियों का
जिक्र करते हुए कहा कि इन वर्गों के लोगों के पास कई बार शिक्षा और सुविधाओं के
समान अवसर उपलब्ध नहीं होते।
अठावले ने कहा कि SC-ST वर्ग के
विद्यार्थियों की मेरिट सामान्य वर्ग से कुछ अंकों के अंतर पर होती है। इसलिए यह
कहना गलत है कि कम अंक हासिल करने वाले विद्यार्थियों में क्षमता या बुद्धिमत्ता
कम है। उन्होंने कहा कि दोनों वर्गों के विद्यार्थियों की पढ़ाई की परिस्थितियों
में अंतर को भी समझना जरूरी है।
पलायन रोकने के लिए रोजगार
जरूरी
झारखंड से लगातार हो रहे पलायन को लेकर भी केंद्रीय मंत्री ने रोजगार को
प्रमुख समाधान बताया। उन्होंने कहा कि अगर झारखंड में बीजेपी की सरकार बनती है तो
राज्य में रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में काम किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर रोजगार और उद्योग के अवसर बढ़ने से युवाओं को
काम की तलाश में दूसरे राज्यों में जाने की जरूरत कम होगी और पलायन पर भी रोक लगाई
जा सकेगी।
केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने झारखंड के विकास के लिए उद्योग, रोजगार, पारदर्शी भर्ती
प्रक्रिया और केंद्र-राज्य के बेहतर समन्वय को जरूरी बताया।

