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‘कृष का गाना सुनेगा?’ से वायरल हुआ लड़का, अब फिर उसी पुराने दौर की ओर लौट रही जिंदगी

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Chief Editor & Administrator at Global Awaaz.
10:24 am| 2 October 2026| 5 min read|
‘कृष का गाना सुनेगा?’ से वायरल हुआ लड़का, अब फिर उसी पुराने दौर की ओर लौट रही जिंदगी

जमशेदपुर: सोशल मीडिया किसी की जिंदगी को कितनी तेजी से बदल सकता है, इसका एक चर्चित उदाहरण जमशेदपुर का कृष, जिसे लोग सोशल मीडिया पर Dhoom Viral Boy के नाम से जानने लगे। कभी सड़कों पर कचरा चुनते और नशे की समस्या से जूझते नजर आने वाला यह युवक एक वीडियो वायरल होने के बाद अचानक लोगों की नजरों में आ गया। देखते ही देखते उसकी आवाज और उसका खास अंदाज सोशल मीडिया पर छा गया।

कृष के वायरल होने के बाद एक समय ऐसा था, जब लोगों की जुबान पर एक ही बात सुनाई देती थी, “कृष का गाना सुनेगा?” उसकी यह लाइन और बोलने का अंदाज इतना लोकप्रिय हुआ कि आम लोगों से लेकर सोशल मीडिया क्रिएटर्स और सेलिब्रिटीज तक इसे दोहराने लगे।

एक वीडियो ने बदल दी पहचान

कृष की जिंदगी में सबसे बड़ा मोड़ तब आया, जब उसके गाए हुए गाने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। वीडियो को लोगों ने खूब शेयर किया और उसके बाद कृष को पहचान मिलने लगी।

जिस युवक की जिंदगी कभी संघर्षों और परेशानियों से घिरी हुई थी, अचानक वही कैमरों के सामने नजर आने लगा। लोग उसके साथ तस्वीरें लेने लगे और उसके साथ वीडियो व रील बनाने के लिए पहुंचने लगे।

कई लोगों के लिए कृष के साथ वीडियो बनाना सोशल मीडिया पर अपनी पहुंच बढ़ाने का एक जरिया भी बन गया। धीरे-धीरे कृष की पहचान एक स्थानीय युवक से बढ़कर सोशल मीडिया के वायरल चेहरे के तौर पर होने लगी।

सेलिब्रिटी भी बोलने लगे ‘कृष का गाना सुनेगा?’

कृष की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उसकी चर्चित लाइन आम लोगों तक सीमित नहीं रही। सोशल मीडिया पर कई चर्चित चेहरों और सेलिब्रिटीज को भी उसके अंदाज की नकल करते देखा गया।

एक साधारण युवक की कही हुई बात इंटरनेट की भाषा का हिस्सा बन गई। यही वह दौर था, जब कृष को हर तरफ से पहचान, प्यार और लोगों का ध्यान मिल रहा था।

लोगों ने नशे की लत छुड़ाने की भी कोशिश की

कृष के वायरल होने के बाद उसकी पुरानी जिंदगी और नशे की समस्या की बातें भी सामने आईं। इसके बाद कुछ लोगों ने उसकी मदद करने और उसे नशे की लत से बाहर निकालने की कोशिश की।

कृष को बेहतर जिंदगी देने के प्रयास किए गए। कुछ समय तक उसकी जिंदगी में बदलाव भी दिखाई दिया। ऐसा लगा कि वायरल होने से मिली पहचान शायद उसके जीवन में एक नई शुरुआत लेकर आई है।

लेकिन किसी व्यक्ति की जिंदगी बदलना सिर्फ कुछ दिनों की कोशिश से संभव नहीं होता। इसके लिए लगातार परिवार, समाज और जिम्मेदार लोगों के सहयोग की जरूरत होती है।

अब फिर क्यों उठ रहे हैं सवाल?

अब कृष को लेकर चिंता इसलिए बढ़ रही है क्योंकि उसकी स्थिति फिर पुराने दौर की तरफ जाती हुई नजर आ रही है। जिस युवक को कभी सोशल मीडिया ने स्टार बना दिया था, आज उसी के जीवन को लेकर लोग सवाल कर रहे हैं।

यह कहानी सिर्फ कृष की नहीं है। यह सोशल मीडिया की उस संस्कृति पर भी सवाल खड़ा करती है, जहां किसी व्यक्ति के वायरल होते ही हजारों लोग उसके आसपास पहुंच जाते हैं।

उसके साथ सेल्फी ली जाती है, रील बनाई जाती है, वीडियो पोस्ट किए जाते हैं और उसकी लोकप्रियता का हिस्सा बनने की कोशिश होती है। लेकिन जब वही व्यक्ति मुश्किल दौर से गुजरता है, तब क्या उतने ही लोग उसके साथ खड़े होते हैं?

वायरल करना आसान, जिंदगी बदलना मुश्किल

कृष की कहानी हमें सोचने पर मजबूर करती है कि किसी इंसान को कुछ घंटों या कुछ दिनों में वायरल करना बेहद आसान है, लेकिन उसकी जिंदगी को बेहतर दिशा में बनाए रखना कहीं ज्यादा मुश्किल काम है।

सोशल मीडिया पर किसी की तस्वीर या वीडियो पोस्ट कर देना मदद नहीं है। असली मदद तब होगी, जब उस व्यक्ति की समस्या को समझा जाए और जरूरत पड़ने पर उसे लगातार सहयोग दिया जाए।

कृष के मामले में भी सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब वह वायरल था, तब हर किसी की जुबान पर ‘कृष का गाना सुनेगा?’ था, लेकिन आज जब उसे सहारे की जरूरत है, तब कितने लोग उसके साथ खड़े हैं?

समाज के लिए एक बड़ा सवाल

कृष की कहानी समाज के सामने एक बड़ा सवाल छोड़ती है। क्या हम किसी व्यक्ति को सिर्फ उसकी लोकप्रियता के समय याद करते हैं? क्या किसी के वायरल होने के साथ ही उसके प्रति हमारी जिम्मेदारी खत्म हो जाती है?

किसी इंसान को उसकी मौजूदा स्थिति देखकर नजरअंदाज करने के बजाय उसकी पूरी कहानी को समझना जरूरी है। खासकर तब, जब वह नशे जैसी समस्या से जूझ रहा हो।

कृष कभी लोगों के मनोरंजन और सोशल मीडिया कंटेंट का हिस्सा बना था। आज जरूरत है कि उसे सिर्फ एक वायरल चेहरे के रूप में नहीं, बल्कि एक ऐसे इंसान के रूप में देखा जाए जिसे अपने जीवन को बेहतर बनाने के लिए लगातार सहयोग की जरूरत हो सकती है।

क्योंकि किसी इंसान को वायरल करना कुछ मिनटों का काम है, लेकिन उसकी जिंदगी को संभालने में समाज की लगातार जिम्मेदारी लगती है।

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