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सोशल मीडिया पर क्यों छाया 80s AI फोटो ट्रेंड? आम लोगों से लेकर सेलिब्रिटी और नेताओं तक, हर कोई बना रहा है रेट्रो तस्वीरें

क्या है 80s AI फोटो ट्रेंड?

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Global Awaaz Admin
Chief Editor & Administrator at Global Awaaz.
05:42 am| 10 September 2026| 5 min read|
सोशल मीडिया पर क्यों छाया 80s AI फोटो ट्रेंड? आम लोगों से लेकर सेलिब्रिटी और नेताओं तक, हर कोई बना रहा है रेट्रो तस्वीरें

नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर इन दिनों एक नया ट्रेंड तेजी से वायरल हो रहा है। Instagram और X समेत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लोग अपनी मौजूदा तस्वीरों को 1980 के दशक के रेट्रो अंदाज में बदलकर शेयर कर रहे हैं। खास बात यह है कि यह ट्रेंड अब सिर्फ आम सोशल मीडिया यूजर्स तक सीमित नहीं है। बॉलीवुड सितारों से लेकर केंद्रीय मंत्रियों और दूसरे राजनीतिक चेहरों तक, कई लोग इस AI ट्रेंड का हिस्सा बन चुके हैं।

आखिर क्या है 80s AI फोटो ट्रेंड?

इस ट्रेंड में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से किसी व्यक्ति की मौजूदा तस्वीर को ऐसा रूप दिया जाता है, जैसे वह तस्वीर 1980 के दशक में खींची गई हो।

AI तस्वीर में व्यक्ति के चेहरे और पहचान को बनाए रखते हुए उसके कपड़े, हेयरस्टाइल, बैकग्राउंड, लाइटिंग और फोटो की बनावट को पुराने दौर के मुताबिक बदल देता है। तस्वीर में अक्सर फिल्म ग्रेन, हल्के फेडेड कलर्स, सॉफ्ट फोकस और पुराने कैमरे से खींची गई तस्वीर जैसा प्रभाव दिखाई देता है।

यही वजह है कि सामान्य तस्वीर भी देखते ही ऐसी लगने लगती है जैसे वह किसी पुराने पारिवारिक एल्बम या 80 के दशक की फिल्मी मैगजीन से निकली हो।

आम लोगों से लेकर सेलिब्रिटी तक हुए शामिल

इस ट्रेंड की सबसे बड़ी खासियत इसकी आसान और व्यक्तिगत प्रकृति है। लोग अपनी तस्वीर को अपनी पसंद के मुताबिक रेट्रो लुक दे रहे हैं। कोई पुराने बॉलीवुड हीरो जैसा अंदाज चुन रहा है तो कोई 80 के दशक की अभिनेत्री वाला लुक।

कई फिल्मी सितारों ने भी इस ट्रेंड को अपनाया है। रिपोर्टों के मुताबिक तमन्ना भाटिया, दीपिका, लिन लैशराम और अनिता हसनंदानी जैसी हस्तियों की रेट्रो तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं।

दक्षिण भारतीय फिल्म इंडस्ट्री से भी कई अभिनेत्रियों की तस्वीरें 80 के दशक के अंदाज में वायरल हुई हैं। सामंथा रुथ प्रभु, त्रिशा और साई पल्लवी जैसी अभिनेत्रियों को भी AI की मदद से पुराने दौर के लुक में रीइमैजिन किया गया है।

नेताओं ने भी अपनाया रेट्रो अंदाज

इस ट्रेंड को खास चर्चा तब मिली जब कई राजनीतिक हस्तियां भी इसमें शामिल हुईं।

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने AI से तैयार 80s लुक वाली तस्वीर साझा की। इसके बाद किरेन रिजिजू, हिमंत बिस्वा सरमा, शिवराज सिंह चौहान और अनुराग ठाकुर समेत कई नेताओं की रेट्रो तस्वीरें सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गईं। कांग्रेस की ओर से राहुल गांधी की भी AI-generated retro images साझा की गईं।

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने इस ट्रेंड में एक अलग अंदाज अपनाया। उन्होंने AI से नई तस्वीर बनाने के बजाय 1980 के दशक की अपनी वास्तविक पुरानी तस्वीरें साझा कीं।

यही वजह है कि सोशल मीडिया पर अब यह चर्चा भी हो रही है कि AI से बनाई गई रेट्रो तस्वीर ज्यादा आकर्षक है या उस दौर की असली तस्वीर।

आखिर इतना वायरल क्यों हो रहा है यह ट्रेंड?

इस ट्रेंड की लोकप्रियता के पीछे सबसे बड़ा कारण नॉस्टैल्जिया यानी पुराने दौर की यादें हैं।

80 का दशक भारतीय सिनेमा, संगीत, फैशन और संस्कृति के लिहाज से एक खास दौर माना जाता है। उस समय की फिल्मों में अलग तरह के हेयरस्टाइल, कपड़े, चश्मे, कारें और फोटोग्राफी का अंदाज देखने को मिलता था।

AI ने इसी पुराने दौर को आज की तस्वीरों के साथ जोड़ दिया है। इससे लोगों को एक तरफ अपनी मौजूदा पहचान दिखाई देती है, वहीं दूसरी तरफ वे खुद को एक बिल्कुल अलग समय के अंदाज में देख पाते हैं।

यानी यह ट्रेंड सिर्फ फोटो एडिटिंग नहीं है, बल्कि पुरानी यादों और नई तकनीक का मेल है।

AI ने ट्रेंड को बनाया आसान

पहले इस तरह की तस्वीर तैयार करने के लिए फोटो एडिटिंग सॉफ्टवेयर और काफी समय की जरूरत होती थी। अब AI इमेज टूल्स ने इस प्रक्रिया को काफी आसान बना दिया है।

यूजर अपनी तस्वीर देकर सिर्फ यह बता सकता है कि उसे किस दशक का लुक चाहिए और तस्वीर में किस तरह के कपड़े, हेयरस्टाइल, बैकग्राउंड और कैमरा इफेक्ट चाहिए। इसके बाद AI उसी अनुरूप तस्वीर तैयार कर देता है।

यही आसान प्रक्रिया इस ट्रेंड को तेजी से फैलाने में मदद कर रही है।

सिर्फ तस्वीर नहीं, सोशल मीडिया पर पहचान का नया तरीका

सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले फोटो ट्रेंड अक्सर लोगों को अपनी डिजिटल पहचान के साथ प्रयोग करने का मौका देते हैं। 80s AI ट्रेंड भी कुछ ऐसा ही कर रहा है।

लोग अपने वर्तमान रूप को एक अलग समय, फैशन और माहौल के साथ जोड़कर देख रहे हैं। इसके बाद तस्वीरों को शेयर किया जा रहा है और दोस्त, परिवार तथा फॉलोअर्स उनकी तुलना पुराने फिल्मी सितारों या उस दौर की तस्वीरों से कर रहे हैं।

नेताओं और सेलिब्रिटीज के शामिल होने से इस ट्रेंड को और ज्यादा visibility मिली है।

लेकिन AI तस्वीर को असली फोटो न समझें

इस ट्रेंड के बीच एक जरूरी बात यह भी है कि AI से बनाई गई तस्वीर और वास्तविक पुरानी तस्वीर में अंतर होता है।

किसी व्यक्ति को 1980 के दशक के लुक में दिखाने वाली AI तस्वीर यह साबित नहीं करती कि वह व्यक्ति वास्तव में उस समय बिल्कुल ऐसा ही दिखता था। इसलिए सोशल मीडिया पर ऐसी तस्वीरों को साझा करते समय यह स्पष्ट करना बेहतर है कि तस्वीर AI-generated या digitally created है।

निष्कर्ष

80s AI फोटो ट्रेंड इस समय सोशल मीडिया पर इसलिए छाया हुआ है क्योंकि इसमें नॉस्टैल्जिया, बॉलीवुड का रेट्रो अंदाज और AI की नई तकनीक, तीनों एक साथ दिखाई दे रहे हैं।

आम सोशल मीडिया यूजर्स से लेकर फिल्मी सितारों और राजनीतिक नेताओं तक, हर कोई अपने अंदाज में इस ट्रेंड को अपना रहा है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि अगला वायरल फोटो ट्रेंड किस दशक या किस नए AI स्टाइल को लेकर आता है।

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