Bihar Ration Card News: बिहार में राशन कार्डों के सत्यापन को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। राज्य में संदिग्ध राशन कार्डों की जांच के बाद 35.36 लाख कार्डों को रद्द करने की कार्रवाई की गई है। वहीं, नए राशन कार्ड के लिए आवेदन करने वाले लाखों परिवारों को राहत मिली है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 7.40 लाख से अधिक पात्र परिवारों को नए राशन कार्ड जारी किए जा चुके हैं। इस कार्रवाई के बाद राशन कार्डधारकों के बीच यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि कहीं उनका कार्ड भी तो जांच के दायरे में नहीं है।
खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री अशोक चौधरी की अध्यक्षता में हुई राज्य स्तरीय सतर्कता समिति की बैठक में राशन कार्डों के सत्यापन, ई-केवाईसी, खाद्यान्न वितरण और जन वितरण प्रणाली की दुकानों से संबंधित मामलों की समीक्षा की गई। बैठक में सामने आए आंकड़ों के मुताबिक, विभाग का जोर राशन वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने और सरकारी खाद्यान्न का लाभ वास्तविक पात्र परिवारों तक पहुंचाने पर है।
57 लाख से अधिक संदिग्ध राशन कार्डों का हुआ सत्यापन
बैठक में दी गई जानकारी के अनुसार, केंद्र सरकार से प्राप्त संदिग्ध राशन कार्डों के 57.01 लाख के आंकड़े का सत्यापन किया गया। जांच के दौरान 17.69 लाख राशन कार्ड सही पाए गए, जबकि 35.36 लाख राशन कार्डों को रद्द करने की कार्रवाई की गई।
राशन कार्डों के सत्यापन का उद्देश्य सार्वजनिक वितरण प्रणाली में संभावित अनियमितताओं की पहचान करना और अपात्र लाभुकों के नाम पर खाद्यान्न वितरण को रोकना है। हालांकि, कार्ड रद्द करने की कार्रवाई के आंकड़े से यह निष्कर्ष नहीं निकाला जाना चाहिए कि किसी खास परिवार का राशन कार्ड भी रद्द हो गया है। प्रत्येक कार्ड की वास्तविक स्थिति संबंधित सरकारी रिकॉर्ड से ही पता चल सकती है।
राशन कार्डधारकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने कार्ड में दर्ज नाम, परिवार के सदस्यों की संख्या और अन्य विवरणों की जांच करते रहें। यदि राशन मिलने में परेशानी हो रही है या कार्ड की स्थिति को लेकर कोई संदेह है, तो संबंधित प्रखंड आपूर्ति कार्यालय से जानकारी प्राप्त करनी चाहिए।
बिहार में 13.93 लाख नए राशन कार्ड के आवेदन
बिहार में नए राशन कार्ड बनवाने के लिए भी बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए हैं। बैठक में साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, राज्य में कुल 13,93,704 आवेदन मिले हैं। इनमें से 7,40,925 पात्र परिवारों को नए राशन कार्ड जारी किए जा चुके हैं।
इन नए राशन कार्डों के माध्यम से 14,61,286 नए सदस्यों को भी राशन व्यवस्था से जोड़ा गया है। शेष आवेदनों पर विभागीय प्रक्रिया जारी है। जिन परिवारों ने राशन कार्ड के लिए आवेदन किया है, वे अपने आवेदन की स्थिति संबंधित आधिकारिक माध्यम से पता कर सकते हैं।
नया राशन कार्ड जारी करने की प्रक्रिया में पात्रता और उपलब्ध दस्तावेजों का सत्यापन महत्वपूर्ण होता है। इसलिए आवेदकों को आवेदन में दी गई जानकारी सही रखनी चाहिए और विभाग की ओर से किसी अतिरिक्त दस्तावेज की मांग किए जाने पर निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना चाहिए।
8.45 करोड़ लोगों को मिल रहा राशन का लाभ
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत बिहार में लगभग 2.09 करोड़ राशन कार्डों के माध्यम से 8.45 करोड़ लोगों को लाभ मिलने की जानकारी दी गई है। राज्य में करीब 1.85 करोड़ राशन कार्डों के माध्यम से खाद्यान्न वितरण किया जा रहा है।
राशन कार्ड के जरिए पात्र परिवारों को सरकारी नियमों के अनुसार खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाता है। ऐसे में राशन कार्ड में परिवार के सदस्यों की सही जानकारी दर्ज होना और लाभुकों का सत्यापन पूरा होना जरूरी है। इससे वितरण व्यवस्था को व्यवस्थित रखने और पात्र लोगों तक सरकारी सहायता पहुंचाने में मदद मिलती है।
6.54 करोड़ लाभुकों की ई-केवाईसी पूरी, बाकी लोगों को क्या करना चाहिए?
राशन कार्ड से जुड़े लाभुकों के सत्यापन के लिए ई-केवाईसी की प्रक्रिया भी जारी है। बैठक में उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, बिहार में करीब 6.54 करोड़ लाभुकों की ई-केवाईसी पूरी हो चुकी है। यह कुल लाभुकों का लगभग 80.07 प्रतिशत है।
ई-केवाईसी के माध्यम से राशन कार्ड में दर्ज लाभुकों की पहचान और विवरण का सत्यापन किया जाता है। जिन सदस्यों की ई-केवाईसी अभी पूरी नहीं हुई है, उन्हें अपने नजदीकी उचित मूल्य की राशन दुकान या संबंधित आपूर्ति कार्यालय से प्रक्रिया की जानकारी लेनी चाहिए।
यदि परिवार में किसी सदस्य का नाम गलत दर्ज है या विवरण में बदलाव की जरूरत है, तो उसे आधिकारिक प्रक्रिया के अनुसार ठीक कराने की जानकारी भी विभाग से प्राप्त की जा सकती है। ई-केवाईसी की स्थिति को लेकर किसी अफवाह पर भरोसा करने के बजाय आधिकारिक सूचना पर ध्यान देना बेहतर है।
वन नेशन, वन राशन कार्ड योजना से दूसरे राज्यों में भी मिल रहा राशन
बिहार के राशन कार्डधारियों को दूसरे राज्यों में भी खाद्यान्न प्राप्त करने की सुविधा मिल रही है। ‘वन नेशन, वन राशन कार्ड’ योजना के तहत पात्र लाभुक देश के किसी अन्य राज्य में भी निर्धारित नियमों के अनुसार राशन प्राप्त कर सकते हैं।
बैठक में साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर 2026 में बिहार के 3.65 लाख राशन कार्डधारियों ने दूसरे राज्यों में खाद्यान्न प्राप्त किया। यह सुविधा उन लोगों के लिए उपयोगी है, जो रोजगार, पढ़ाई या अन्य कारणों से बिहार से बाहर रहते हैं। इससे लाभुकों को केवल अपने गृह राज्य में ही राशन लेने की बाध्यता नहीं रहती।
बिहार में 4,910 राशन दुकानों के लिए 50 हजार से अधिक आवेदन
राज्य में जन वितरण प्रणाली की दुकानों के संचालन को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। बिहार में 4,910 रिक्त राशन दुकानों के लिए कुल 50,031 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 1,237 दुकानों के लिए पात्र आवेदकों को लाइसेंस जारी किए जा चुके हैं।
बैठक में शेष आवेदनों का समयबद्ध तरीके से निपटारा करने का निर्देश दिया गया। लाइसेंस जारी होने की प्रक्रिया पूरी होने से रिक्त दुकानों के संचालन का रास्ता साफ हो सकता है। इन दुकानों के माध्यम से संबंधित क्षेत्रों के राशन कार्डधारकों को खाद्यान्न वितरण की व्यवस्था संचालित की जाती है।
राशन वितरण से जुड़ी 4,069 शिकायतें मिलीं
बैठक में जन वितरण प्रणाली से संबंधित शिकायतों की भी समीक्षा की गई। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, विभाग को कुल 4,069 शिकायतें प्राप्त हुई थीं, जिनमें से 3,383 का निपटारा किया जा चुका है।
शिकायतों पर तेजी से कार्रवाई करने और राशन वितरण में अनियमितताओं पर निगरानी बढ़ाने के लिए खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग में फ्लाइंग स्क्वाड गठित करने की योजना भी सामने आई है। इसका उद्देश्य राशन वितरण व्यवस्था की निगरानी करना और शिकायतों पर कार्रवाई की प्रक्रिया को मजबूत बनाना है।
यदि किसी राशन कार्डधारक को निर्धारित खाद्यान्न नहीं मिलता है या राशन दुकान से संबंधित कोई समस्या आती है, तो उसे संबंधित आपूर्ति कार्यालय में शिकायत दर्ज कराने और उसकी स्थिति का रिकॉर्ड रखने की सलाह दी जाती है।
कहीं आपका राशन कार्ड भी तो रद्द नहीं हुआ? ऐसे करें जांच
राशन कार्ड रद्द होने की खबर सामने आने के बाद लाभुक अपने कार्ड की स्थिति जानना चाहते हैं। इसके लिए सबसे पहले बिहार सरकार के खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी देखें।
राशन कार्ड की स्थिति जांचने के लिए ये कदम अपनाएं:
बिहार सरकार के आधिकारिक ई-पीडीएस पोर्टल https://epds.bihar.gov.in/ पर जाएं।
पोर्टल पर राशन कार्ड या लाभुकों से संबंधित उपलब्ध विकल्प देखें।
मांगी गई जानकारी के अनुसार अपने राशन कार्ड और परिवार के सदस्यों का विवरण जांचें।
यदि कार्ड की स्थिति स्पष्ट नहीं होती है या राशन मिलने में समस्या आती है, तो संबंधित प्रखंड आपूर्ति कार्यालय से संपर्क करें।
ई-केवाईसी अधूरी होने पर नजदीकी राशन दुकान या विभागीय कार्यालय से आगे की प्रक्रिया की जानकारी लें।
ध्यान रखें कि ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध विकल्प समय के साथ बदल सकते हैं। इसलिए किसी अनधिकृत वेबसाइट पर अपनी निजी जानकारी दर्ज न करें और कार्ड रद्द होने की पुष्टि केवल आधिकारिक रिकॉर्ड से करें।
राशन कार्डधारक इन बातों का रखें ध्यान
राशन कार्ड परिवारों के लिए खाद्य सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण दस्तावेज है। इसलिए कार्ड में दर्ज नाम, परिवार के सदस्यों की संख्या और अन्य विवरणों को सही रखना जरूरी है। ई-केवाईसी की स्थिति भी समय-समय पर जांचते रहें।
यदि राशन कार्ड रद्द होने की जानकारी मिलती है, तो संबंधित विभाग से उसका कारण पूछें और उपलब्ध आधिकारिक प्रक्रिया के अनुसार समाधान की जानकारी प्राप्त करें। केवल किसी समाचार या सोशल मीडिया पोस्ट के आधार पर यह न मानें कि आपका कार्ड रद्द हो गया है।
बिहार में राशन कार्डों के सत्यापन, नए कार्ड जारी करने, ई-केवाईसी और शिकायतों के निपटारे की प्रक्रिया जारी है। ऐसे में लाभुकों के लिए सबसे जरूरी है कि वे अपने कार्ड की स्थिति की पुष्टि करें और किसी भी समस्या के समाधान के लिए संबंधित विभाग से संपर्क करें।

