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झारखंड स्थापना दिवस पर आंदोलनकारियों का बड़ा ऐलान, रांची में करेंगे आमरण अनशन

झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा ने अपनी लंबित मांगों को लेकर 15 नवंबर से रांची के बिरसा चौक पर अनिश्चितकालीन आमरण अनशन और धरना-प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगों में सम्मान पेंशन और उनके बच्चों को सरकारी नौकरियों में आरक्षण देना शामिल है।

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AmarJeet
Editor & Correspondent at Global Awaaz
05:38 am| 4 November 2026| 5 min read|
झारखंड स्थापना दिवस पर आंदोलनकारियों का बड़ा ऐलान, रांची में करेंगे आमरण अनशन

रांची: झारखंड स्थापना दिवस के मौके पर राज्य में एक बड़ा आंदोलन शुरू होने जा रहा है। झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा ने अपनी लंबित मांगों को लेकर 15 नवंबर 2026 से रांची में अनिश्चितकालीन आमरण अनशन और धरना-प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। आंदोलनकारियों ने सरकार पर मांगों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए आंदोलन तेज करने की तैयारी शुरू कर दी है।

15 नवंबर को बिरसा चौक से शुरू होगा आंदोलन

झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा की रांची जिला इकाई की बैठक सोमवार को कांके में आयोजित की गई। बैठक में आंदोलनकारियों ने अपनी मांगें अब तक पूरी नहीं होने पर नाराजगी जाहिर की। इसके बाद सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 15 नवंबर को राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर 'उलगुलान एक क्रांति' कार्यक्रम के तहत अनिश्चितकालीन आमरण अनशन और धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।

मोर्चा के प्रधान सचिव पुष्कर महतो ने कहा कि 15 नवंबर को आंदोलनकारी पारंपरिक हथियारों के साथ रांची के बिरसा चौक पहुंचेंगे और वहां से अपने आंदोलन की शुरुआत करेंगे।

क्या हैं आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगें?

झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा की प्रमुख मांगों में आंदोलनकारियों के बच्चों को सरकारी नौकरियों में आरक्षण और आंदोलनकारियों को सम्मान पेंशन देने की मांग शामिल है।

आंदोलनकारियों का कहना है कि अलग झारखंड राज्य के निर्माण में योगदान देने वाले लोगों को अब तक उचित सम्मान और अधिकार नहीं मिल पाया है। उनकी मांग है कि सरकार आंदोलनकारियों और उनके परिवारों के हित में ठोस निर्णय ले।

सरकार के खिलाफ आंदोलन तेज करने की तैयारी

मोर्चा के प्रधान सचिव पुष्कर महतो ने कहा कि झारखंड आंदोलनकारियों और झारखंडियों के अस्तित्व, अस्मिता और पहचान को मिटने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने आंदोलनकारियों से बड़ी संख्या में जुटकर अपने अधिकारों के लिए आवाज बुलंद करने की अपील की।

मोर्चा के अनुसार, 15 नवंबर के कार्यक्रम में राज्यभर से बड़ी संख्या में झारखंड आंदोलनकारी शामिल होंगे। अब देखना होगा कि सरकार आंदोलनकारियों की मांगों पर क्या कदम उठाती है और 15 नवंबर को प्रस्तावित आंदोलन का स्वरूप क्या रहता है।

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