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रांची में बंधु तिर्की का केंद्र सरकार पर हमला, SC-ST छात्रवृत्ति और योजनाओं की राशि में कटौती का लगाया आरोप

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नवीन कुमार
Editor & Correspondent at Global Awaaz
09:40 am| 23 October 2026| 5 min read|
रांची में बंधु तिर्की का केंद्र सरकार पर हमला, SC-ST छात्रवृत्ति और योजनाओं की राशि में कटौती का लगाया आरोप

रांची: झारखंड प्रदेश कांग्रेस के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष बंधु तिर्की ने केंद्र सरकार पर अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) समुदाय के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। रांची में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने छात्रवृत्ति में देरी, विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की राशि में कटौती और अंबेडकर आवास योजना से जुड़े मुद्दों को उठाया। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं का लाभ समाज के जरूरतमंद और वंचित वर्गों तक समय पर पहुंचना चाहिए।

छात्रवृत्ति में देरी और योजनाओं की राशि पर उठाए सवाल

बंधु तिर्की ने आरोप लगाया कि SC-ST समुदाय के विद्यार्थियों को मिलने वाली छात्रवृत्ति में देरी से उनकी पढ़ाई प्रभावित हो सकती है। उन्होंने केंद्र सरकार की ओर से संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के लिए आवंटित राशि में कटौती किए जाने का भी मुद्दा उठाया। उनके अनुसार, शिक्षा और आवास जैसी बुनियादी जरूरतों से जुड़ी योजनाओं को पर्याप्त सहायता मिलनी चाहिए, ताकि जरूरतमंद परिवारों को इसका लाभ मिल सके।

अंबेडकर आवास योजना को लेकर भी जताई चिंता

प्रेस कॉन्फ्रेंस में तिर्की ने अंबेडकर आवास योजना का मुद्दा उठाते हुए योजना के क्रियान्वयन और इससे जुड़े लाभार्थियों के हितों पर सवाल किए। उन्होंने कहा कि वंचित समुदायों के सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए सरकार की योजनाओं का प्रभावी ढंग से लागू होना जरूरी है।

29 नवंबर को होगी बड़ी बैठक

बंधु तिर्की ने बताया कि इन मुद्दों पर चर्चा करने के लिए 29 नवंबर को एक बड़ी बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में SC-ST समुदाय से जुड़े विभिन्न सवालों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। साथ ही, इन मांगों को लेकर आगे की रणनीति और संभावित आंदोलन के स्वरूप पर भी चर्चा हो सकती है।

सरकार से जवाबदेही की मांग

बंधु तिर्की ने केंद्र सरकार से SC-ST समुदाय के विद्यार्थियों और जरूरतमंद परिवारों से जुड़ी योजनाओं पर गंभीरता से ध्यान देने की मांग की। उन्होंने छात्रवृत्ति के भुगतान, योजनाओं के लिए पर्याप्त राशि और पात्र लाभार्थियों तक सुविधाएं पहुंचाने जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।

फिलहाल, 29 नवंबर को प्रस्तावित बैठक पर सबकी नजरें रहेंगी। इसमें होने वाली चर्चा और तय की जाने वाली रणनीति से इन मुद्दों पर आगे की राजनीतिक गतिविधियों की दिशा स्पष्ट हो सकती है।


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