GLOBAL AWAAZ मुख्य पृष्ठ पर लौटें
India›राष्ट्रीय समाचार

हरियाणा और बिहार के बीच 12 नए मार्गों पर शुरू होगी बस सेवा, पटना-गया-पूर्णिया के लिए मिलेगी सीधी बस

N
Naveen Kumar
Editor & Correspondent at Global Awaaz
11:17 am| 2 November 2026| 5 min read|
हरियाणा और बिहार के बीच 12 नए मार्गों पर शुरू होगी बस सेवा, पटना-गया-पूर्णिया के लिए मिलेगी सीधी बस

Bihar News: हरियाणा और बिहार के बीच सफर करने वाले यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। दोनों राज्यों के बीच जल्द ही 12 नए अंतरराज्यीय बस मार्गों पर बस सेवा शुरू की जाएगी। इसके तहत गुरुग्राम, अंबाला और पानीपत से पटना, गया, पूर्णिया और मधुबनी के लिए सीधी बसें चलेंगी। इससे हरियाणा में रहने वाले बिहार के लोगों को अपने गृह राज्य आने-जाने में काफी सहूलियत मिलेगी। इन मार्गों पर एक्सप्रेस, डीलक्स, डीलक्स एसी और एसी स्लीपर बसों का संचालन प्रस्तावित है।

गुरुग्राम, अंबाला और पानीपत से बिहार के शहरों के लिए सीधी बसें

प्रस्तावित योजना के तहत हरियाणा के प्रमुख शहरों को बिहार के कई बड़े शहरों से जोड़ा जाएगा। गुरुग्राम, पानीपत और अंबाला से पटना, पूर्णिया और मधुबनी के लिए सीधी बस सेवा शुरू करने की तैयारी है। वहीं, गुरुग्राम और अंबाला से गया के लिए भी बसें चलाने का प्रस्ताव है।

इन प्रस्तावित मार्गों में अंबाला से पूर्णिया का रूट सबसे लंबा होगा। इसकी दूरी करीब 1470 किलोमीटर बताई गई है। वहीं, गुरुग्राम से पटना के बीच लगभग 1044 किलोमीटर का सफर तय करना होगा। नए बस मार्ग शुरू होने से यात्रियों को बीच में बस बदलने की परेशानी से राहत मिल सकती है।

बस संचालन के लिए जारी हुई अधिसूचना, 30 दिनों में मांगे गए सुझाव

दोनों राज्यों के बीच बसों के संचालन को लेकर परिवहन सचिव अतुल द्विवेदी ने समझौते से संबंधित अधिसूचना जारी कर दी है। इस प्रस्ताव पर 30 दिनों के भीतर आपत्तियां और सुझाव मांगे गए हैं। इसके बाद संबंधित नियमों और व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जाएगा।

बसों के सुचारू संचालन के लिए परमिट, किराया निर्धारण, वाहनों की आयु सीमा, टैक्स वसूली, प्रदूषण मानकों और यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े प्रावधान प्रस्तावित किए गए हैं। इसके साथ ही बसों के संचालन की निगरानी और बिना अनुमति बस चलाने पर रोक लगाने की व्यवस्था भी की जाएगी।

10 साल से पुरानी बसों को नहीं मिलेगा संचालन का मौका

प्रस्तावित नियमों के मुताबिक, अंतरराज्यीय मार्गों पर 10 साल से अधिक पुरानी बसों को चलाने की अनुमति नहीं होगी। यदि किसी बस संचालक या आवेदक का दूसरे राज्य में टैक्स बकाया है, तो उसे नया परमिट जारी नहीं किया जाएगा।

इसके अलावा अस्थायी मालवाहक परमिट एक बार में अधिकतम 30 दिनों के लिए जारी किया जा सकेगा। वहीं, पर्यटक बसों के लिए 15 दिनों का परमिट देने का प्रावधान प्रस्तावित है।

हर बस में लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस और इमरजेंसी बटन अनिवार्य

यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक बस में वाहन लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस लगाना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही हर बस में कम से कम एक इमरजेंसी बटन भी होना चाहिए। इससे जरूरत पड़ने पर आपात स्थिति में मदद पहुंचाने में सहूलियत मिलेगी।

प्रस्ताव में यह भी व्यवस्था की गई है कि यदि यात्रा के दौरान किसी बस में तकनीकी खराबी आती है, तो दोनों राज्यों को एक-दूसरे की बसों को प्राथमिकता के आधार पर सहायता उपलब्ध करानी होगी। इससे लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को परेशानी से बचाने में मदद मिलेगी।

अभी तय नहीं हुई बसों की समय-सारिणी

नए मार्गों पर बस सेवा शुरू करने की तैयारी चल रही है, लेकिन बसें किस समय रवाना होंगी और प्रतिदिन कितने फेरे लगाएंगी, इसका निर्धारण अभी नहीं किया गया है। दोनों राज्यों के संबंधित परिवहन प्राधिकरण अपने परिवहन उपक्रमों से बातचीत के बाद बसों की समय-सारिणी तय करेंगे।

इसलिए यात्रियों को बसों के संचालन की अंतिम तारीख, किराये और समय को लेकर आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना होगा।

दिवाली और छठ पर हरियाणा के लिए चलेंगी विशेष बसें

नए अंतरराज्यीय बस मार्गों के प्रस्ताव के बीच बिहार राज्य पथ परिवहन निगम ने दिवाली और छठ महापर्व को देखते हुए भी विशेष बसें चलाने की योजना बनाई है। त्योहारों के दौरान हरियाणा से बिहार आने वाले यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अलग-अलग शहरों से बसों का संचालन किया जाएगा।

प्रस्तावित योजना के अनुसार, पटना से सात, गया से दो, पूर्णिया से 18 और दरभंगा से 22 विशेष बसें चलाई जाएंगी। इससे त्योहारों के दौरान घर लौटने वाले यात्रियों को अतिरिक्त परिवहन सुविधा मिल सकेगी।

एसी स्लीपर बसों के किराये में मिलेगी 1,000 रुपये से अधिक की राहत

दिवाली और छठ के दौरान यात्रियों को बस किराये में भी विशेष छूट देने की बात कही गई है। विभिन्न मार्गों पर एसी स्लीपर बसों के किराये में 1,000 रुपये से अधिक की राहत मिलेगी। इससे लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को आर्थिक रूप से भी फायदा हो सकता है।

कुल मिलाकर, हरियाणा और बिहार के बीच 12 नए बस मार्गों का प्रस्ताव दोनों राज्यों के यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खासकर हरियाणा में काम करने, पढ़ने या रहने वाले बिहार के लोगों को सीधी बस सेवा मिलने से यात्रा आसान हो सकती है। हालांकि, नए मार्गों पर बसों का संचालन कब से शुरू होगा और उनका अंतिम किराया कितना होगा, इसकी जानकारी आधिकारिक समय-सारिणी जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

"The convergence of information, technology, and global transparency represents the foundation of responsible journalism."