रांची: अधिवक्ता अनुष्का चक्रवर्ती को इंसाफ दिलाने और उनकी मौत के मामले में निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर रांची में कैंडल मार्च निकाला गया। हाथों में जलती मोमबत्तियां लेकर मार्च में शामिल लोगों ने अनुष्का को श्रद्धांजलि दी और उनके परिवार को न्याय दिलाने की मांग की। यह कैंडल मार्च जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से शुरू होकर फिरायालाल चौक तक पहुंचा।
मार्च में शामिल लोगों ने अनुष्का की मौत के मामले में सच्चाई सामने लाने और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई करने की मांग की। इस दौरान महिलाओं की सुरक्षा और उनके खिलाफ होने वाली हिंसा जैसे मुद्दों पर भी चिंता जताई गई।
22 अक्टूबर को फ्लैट में मिला था अनुष्का का शव
जानकारी के अनुसार, 28 वर्षीय अधिवक्ता अनुष्का चक्रवर्ती का शव 22 अक्टूबर को हजारीबाग स्थित एक फ्लैट में मिला था। उनकी मौत की खबर सामने आने के बाद मामला चर्चा में आया। अनुष्का के परिवार ने दहेज के लिए प्रताड़ित किए जाने का आरोप लगाया है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों की जांच के बाद ही मामले से जुड़े तथ्यों की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी। फिलहाल, आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और जांच के निष्कर्ष सामने आना महत्वपूर्ण है।
मामले की जांच के लिए विशेष टीम गठित
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया है। जांच टीम की जिम्मेदारी मामले से जुड़े तथ्यों और परिस्थितियों की पड़ताल कर सच्चाई सामने लाना है। जांच के निष्कर्ष और पुलिस की आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।
कैंडल मार्च के जरिए न्याय की मांग
रांची में निकाले गए कैंडल मार्च के माध्यम से लोगों ने अनुष्का के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए न्याय की मांग उठाई। मार्च में शामिल लोगों का कहना था कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि आरोप साबित होते हैं, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
अनुष्का चक्रवर्ती की मौत का मामला एक परिवार के लिए न्याय की लड़ाई होने के साथ महिलाओं की सुरक्षा और दहेज उत्पीड़न जैसे गंभीर सामाजिक मुद्दों की ओर भी ध्यान आकर्षित करता है। अब मामले में पुलिस जांच के निष्कर्षों का इंतजार है।

