औरंगाबाद: बिहार के औरंगाबाद में पुलिस जैसी वर्दी पहनकर लोगों को डराने, अगवा करने और लूटपाट करने के आरोप में नगर थाना पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने एक युवक को अगवा कर उससे 30 हजार रुपये नकद लूट लिए और यूपीआई के माध्यम से 70 हजार रुपये भी ट्रांसफर करा लिए। मामले में पुलिस ने दो वर्दी, टोपी, पांच मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल की गई कार बरामद की है।
गोला बाजार के पास से युवक को किया अगवा
पुलिस के मुताबिक, पुरानी काजी मोहल्ला के नावाडीह रोड निवासी मोहम्मद इम्तेयाज को मंगलवार को शहर के गोला बाजार के पास से अगवा किया गया था। आरोप है कि आरोपी उसे अपने साथ ले गए और उससे 30 हजार रुपये नकद छीन लिए। इसके बाद यूपीआई के जरिए 70 हजार रुपये भी भीम कुमार पाल के खाते में ट्रांसफर करा लिए गए।
वारदात के बाद आरोपी इम्तेयाज को जीटी रोड स्थित सनथुआ पेट्रोल पंप के पास छोड़कर फरार हो गए। पीड़ित ने घटना की जानकारी पुलिस को दी, जिसके बाद नगर थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।
चार आरोपियों को पुलिस ने किया गिरफ्तार
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनकी पहचान बराटपुर मोहल्ला निवासी ललन कुमार उर्फ रामबाबू, सलैया थाना क्षेत्र के परसडीह गांव निवासी भीम कुमार पाल, रफीगंज थाना क्षेत्र के पिपराही गांव निवासी संजीत कुमार यादव और मुफस्सिल थाना क्षेत्र के लाल बिगहा गांव निवासी लकेश कुमार के रूप में हुई है।
नगर थानाध्यक्ष बबन बैठा के अनुसार, ललन कुमार निबंधन कार्यालय में कार्यालय परिचारी के पद पर कार्यरत है, जबकि लकेश कुमार चालक है। पुलिस ने ललन कुमार को गिरोह का कथित मुख्य सरगना बताया है।
बिहार ग्रामीण रक्षा दल लिखी वर्दी बरामद
पुलिस ने आरोपियों के पास से बिहार ग्रामीण रक्षा दल लिखा हुआ दो वर्दी, टोपी, पांच मोबाइल फोन और घटना में इस्तेमाल की गई कार बरामद की है। पुलिस का कहना है कि आरोपी ग्रामीण रक्षा दल से जुड़े होने का दावा करते हुए पुलिस जैसी वर्दी पहनकर लोगों को डराते थे और कथित तौर पर अवैध वसूली करते थे।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में वर्दी का इस्तेमाल कर लोगों को भयभीत करने की बात सामने आई है। हालांकि, आरोपियों की भूमिका और इस तरह की अन्य घटनाओं में उनकी संलिप्तता की जांच की जा रही है।
कितने लोगों को बनाया निशाना, जांच में जुटी पुलिस
चारों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि कथित गिरोह कितने समय से सक्रिय था और अब तक कितने लोगों को निशाना बनाया गया। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस मामले में अन्य लोग शामिल हैं या नहीं।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी व्यक्ति के केवल वर्दी पहनने या खुद को पुलिसकर्मी बताने के आधार पर उस पर भरोसा न करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की स्थिति में स्थानीय पुलिस को सूचना दें।
औरंगाबाद में पहले भी सामने आया था फर्जी पुलिस अधिकारी का मामला
औरंगाबाद में फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर लोगों से वसूली करने का मामला इससे पहले भी सामने आया था। 13 सितंबर 2026 को नगर थाना पुलिस ने कथित तौर पर फर्जी प्रशिक्षु एसपी बनकर वसूली करने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया था।
उस मामले में पुलिस ने गयाजी जिले के टेकारी थाना क्षेत्र के अर्कढिबरिया गांव निवासी विकास कुमार, उसके सहयोगी चालक पिंटू कुमार और कथित फर्जी अंगरक्षक कुंदन कुमार को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने तब एक स्कॉर्पियो, फर्जी पहचान पत्र और अन्य कागजात भी बरामद किए थे।
ताजा मामले में पुलिस की जांच जारी है। अब यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कथित गिरोह का नेटवर्क कितना बड़ा है और क्या अन्य वारदातों में भी इसी तरीके का इस्तेमाल किया गया था।

