धनबाद: धनबाद मंडल कारा में जेल की सुरक्षा व्यवस्था और कैदियों की गतिविधियों की जांच के लिए जिला प्रशासन और पुलिस की टीम ने औचक छापेमारी की। डीसी आदित्य रंजन और एसएसपी प्रभात कुमार के नेतृत्व में करीब 150 जवानों ने सात टीमों में बंटकर जेल परिसर में तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान कैदियों के पास से ड्राईफ्रूट्स और कागजों पर लिखे मोबाइल नंबर मिलने की जानकारी सामने आई। वहीं, जेल के मेडिकल वार्ड में करीब 40 कैदी भर्ती पाए गए। अधिकारियों ने इन मामलों की जांच के निर्देश दिए हैं।
सात टीमों ने चलाया तलाशी अभियान
धनबाद मंडल कारा में की गई इस औचक कार्रवाई में प्रशासन और पुलिस के करीब 150 जवान शामिल रहे। सात अलग-अलग टीमों ने जेल परिसर के विभिन्न हिस्सों में तलाशी ली। इस अभियान का उद्देश्य जेल की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेना और यह पता लगाना था कि कहीं प्रतिबंधित सामान या नियमों के उल्लंघन से जुड़ी गतिविधियां तो नहीं हो रही हैं।
कैदियों के पास मिले ड्राईफ्रूट्स और मोबाइल नंबर लिखे कागज
तलाशी के दौरान कैदियों के पास ड्राईफ्रूट्स और कागजों पर लिखे मोबाइल नंबर मिलने की बात सामने आई है। अब इन नंबरों की जांच की जाएगी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वे किन लोगों के हैं और उनका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जा रहा था।
हालांकि, केवल कागज पर मोबाइल नंबर मिलना किसी प्रतिबंधित गतिविधि का प्रमाण नहीं है। जांच के बाद ही इन नंबरों की प्रकृति और उनसे जुड़े तथ्यों की पुष्टि हो सकेगी।
मेडिकल वार्ड में करीब 40 कैदी भर्ती मिलने से उठे सवाल
छापेमारी के दौरान जेल के मेडिकल वार्ड में करीब 40 कैदी भर्ती पाए गए। अधिकारियों ने इस स्थिति की भी जांच करने के निर्देश दिए हैं। जांच के दौरान यह देखा जा सकता है कि कैदियों को मेडिकल वार्ड में भर्ती करने के पीछे क्या कारण हैं और संबंधित चिकित्सा रिकॉर्ड क्या बताते हैं।
मेडिकल वार्ड में कैदियों की संख्या को लेकर किसी तरह की अनियमितता की पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। इस संबंध में जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
जेल की सुरक्षा व्यवस्था की होगी समीक्षा
छापेमारी के बाद जेल की सुरक्षा व्यवस्था, तलाशी में मिले सामान और कागजों पर लिखे मोबाइल नंबरों की जांच पर ध्यान केंद्रित किया गया है। प्रशासन यह पता लगाने की कोशिश करेगा कि जेल के भीतर नियमों का पालन किस तरह हो रहा है और सुरक्षा व्यवस्था में सुधार की कोई आवश्यकता है या नहीं।
धनबाद मंडल कारा में हुई इस कार्रवाई के बाद अब जांच रिपोर्ट का इंतजार है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।

