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धनबाद के सिजुआ में भीषण भू-धंसान, कई मकान जमींदोज; मलबे में दबे परिवार के एक बच्चे की मौत, कई घायल

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Chief Editor & Administrator at Global Awaaz.
06:19 am| 9 September 2026| 5 min read|
धनबाद के सिजुआ में भीषण भू-धंसान, कई मकान जमींदोज; मलबे में दबे परिवार के एक बच्चे की मौत, कई घायल
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धनबाद, 9 सितंबर 2026। झारखंड के धनबाद जिले के सिजुआ कोयलांचल में मंगलवार सुबह हुई भीषण भू-धंसान की घटना ने पूरे इलाके को दहला दिया। बीसीसीएल के सिजुआ क्षेत्र की मोदीडीह कोलियरी अंतर्गत सिजुआ नंबर-10 के तीन पट्टियां धौड़ा इलाके में सुबह करीब 5:45 बजे अचानक जोरदार आवाज के साथ जमीन धंस गई। देखते ही देखते कई मकान इसकी चपेट में आ गए और कुछ घर पूरी तरह जमींदोज हो गए। घटना के दौरान एक परिवार के कई सदस्य मलबे और धंसी जमीन में फंस गए। हादसे में एक बच्चे की मौत हो गई, जबकि परिवार के अन्य सदस्य घायल हुए हैं।

अचानक धंसी जमीन, मची अफरा-तफरी

स्थानीय लोगों के अनुसार मंगलवार की सुबह इलाके में अचानक तेज आवाज सुनाई दी। इसके बाद जमीन में दरारें पड़ने लगीं और देखते ही देखते भू-धंसान का दायरा बढ़ गया। कई घर इसकी चपेट में आ गए। घटना इतनी अचानक हुई कि घरों में सो रहे लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला।

एक प्रभावित परिवार के सदस्य उस समय घर के अंदर मौजूद थे। घर के धंसने के बाद परिवार के लोग मलबे में फंस गए। चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और अपने स्तर पर राहत-बचाव शुरू किया। स्थानीय लोगों ने रस्सी की मदद से गोफ और मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकाला और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया।

इलाज के दौरान बच्चे की मौत

हादसे में घायल एक बच्चे की इलाज के दौरान मौत हो गई। अलग-अलग रिपोर्टों में बच्चे की उम्र 10 से 12 वर्ष के बीच बताई गई है। अन्य घायल सदस्यों को कतरास और आसपास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है।

इस घटना के बाद मृतक के परिवार में मातम पसरा हुआ है। वहीं इलाके में रहने वाले लोगों में भी भय का माहौल है। स्थानीय लोगों को आशंका है कि जमीन के अंदर की स्थिति के कारण आसपास के अन्य घर भी खतरे में आ सकते हैं।

चार से सात मकानों के प्रभावित होने की जानकारी

भू-धंसान की वजह से कितने मकान पूरी तरह जमींदोज हुए, इसे लेकर शुरुआती रिपोर्टों में अलग-अलग आंकड़े सामने आए हैं। स्थानीय रिपोर्टों में चार से पांच मकानों के पूरी तरह प्रभावित होने की बात कही गई है, जबकि पुलिस के हवाले से पीटीआई ने सिजुआ क्षेत्र में सात मकानों के क्षतिग्रस्त होने की जानकारी दी है।

बीसीसीएल प्रबंधन की ओर से आसपास के प्रभावित परिवारों की पहचान की जा रही है। कुछ मकानों में दरारें आने और उनके असुरक्षित होने की भी जानकारी सामने आई है।

सड़क जाम कर ग्रामीणों का प्रदर्शन

घटना के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा भी फूट पड़ा। प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और उचित मुआवजे की मांग को लेकर ग्रामीणों ने कतरास-सिजुआ मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने प्रशासन और बीसीसीएल प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी जताई।

ग्रामीणों की प्रमुख मांग है कि प्रभावित परिवारों को तत्काल सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जाए, उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए और भू-धंसान की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए। सड़क जाम के कारण कुछ समय तक क्षेत्र में आवागमन भी प्रभावित रहा।

अवैध खनन को लेकर उठे सवाल

भू-धंसान के बाद इलाके में लंबे समय से चल रही खनन गतिविधियों को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों और बाघमारा विधायक शत्रुघ्न महतो ने कथित अवैध कोयला खनन तथा खनन के बाद भूमिगत हिस्सों की स्थिति को भू-धंसान से जोड़ते हुए जांच की मांग की है।

हालांकि, भू-धंसान का वास्तविक और तकनीकी कारण अभी आधिकारिक जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। इसलिए अवैध खनन को इस हादसे का निश्चित कारण बताना फिलहाल उचित नहीं होगा।

बीसीसीएल ने पुनर्वास का दिया भरोसा

घटना के बाद प्रशासन और बीसीसीएल के अधिकारी प्रभावित परिवारों से बातचीत में जुटे। बीसीसीएल की ओर से प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही गई है। अधिकारियों के अनुसार प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत उपलब्ध कराना है।

वहीं, ग्रामीणों का कहना है कि केवल तत्काल राहत से समस्या का समाधान नहीं होगा। कोयलांचल क्षेत्र में भू-धंसान की आशंका वाले इलाकों का व्यापक सर्वे कराकर असुरक्षित घरों में रह रहे परिवारों का स्थायी पुनर्वास किया जाना चाहिए।

कोयलांचल में भू-धंसान बनी बड़ी चुनौती

धनबाद कोयलांचल में भू-धंसान की घटनाएं लंबे समय से चिंता का विषय रही हैं। पुराने खनन क्षेत्रों, भूमिगत खदानों और जमीन के नीचे की कमजोर संरचना वाले इलाकों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं।

सिजुआ की ताजा घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि खनन प्रभावित क्षेत्रों में रह रहे परिवारों की सुरक्षा के लिए क्या पर्याप्त कदम उठाए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों की मांग है कि प्रशासन और बीसीसीएल संयुक्त रूप से प्रभावित क्षेत्रों की जांच कर संवेदनशील स्थानों की पहचान करें और वहां रहने वाले परिवारों को सुरक्षित स्थान पर बसाने की ठोस योजना तैयार करें।

फिलहाल प्रशासन और बीसीसीएल की प्राथमिकता प्रभावित परिवारों को राहत और सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराना है। घटना के वास्तविक कारण और जिम्मेदारी को लेकर आगे की जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।

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