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मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू का कार्डियक अरेस्ट से निधन, अस्पताल में डेढ़ घंटे तक चला इलाज

मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू (फोटो- सोशल मीडिया)

नवीन कुमार
Editor & Correspondent at Global Awaaz
06:57 am| 6 September 2026| 5 min read|
मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू का कार्डियक अरेस्ट से निधन, अस्पताल में डेढ़ घंटे तक चला इलाज

रांची: झारखंड सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू का शनिवार देर रात कार्डियक अरेस्ट से निधन हो गया। उन्हें गंभीर हालत में रात करीब 2:15 बजे मर्सी अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने करीब डेढ़ घंटे तक इलाज और सीपीआर के जरिए उन्हें बचाने की कोशिश की। हालांकि, तमाम प्रयासों के बावजूद रविवार तड़के करीब 4 बजे डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

घर पर आया था पहला हार्ट अटैक

अस्पताल के डॉक्टरों के मुताबिक, मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू को अस्पताल पहुंचने से करीब दो घंटे पहले घर पर ही पहला हार्ट अटैक आया था। उनकी हालत बिगड़ने के बाद परिजन उन्हें तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे।

डॉक्टरों ने बताया कि सुदिव्य कुमार सोनू पहले से मधुमेह और उच्च रक्तचाप की समस्या से जूझ रहे थे।

रास्ते में बिगड़ी तबीयत

परिजनों के अनुसार, शनिवार देर रात उन्हें अचानक सीने में तेज दर्द हुआ। अस्पताल ले जाने के दौरान रास्ते में उन्हें उल्टी हो गई। डॉक्टरों के मुताबिक, उल्टी का कुछ हिस्सा फेफड़ों और सांस की नली में चला गया, जिससे सांस लेने में परेशानी हुई और शरीर में ऑक्सीजन की भारी कमी हो गई।

ECG में मिले गंभीर संकेत

रात करीब 2:15 बजे जब उन्हें अस्पताल लाया गया, तब उनकी हालत बेहद गंभीर थी। डॉक्टरों ने तत्काल जांच शुरू की। ECG में मैसिव हार्ट अटैक के संकेत मिले। इस दौरान उनका ब्लड प्रेशर भी रिकॉर्ड नहीं हो पा रहा था।

सांस की नली में रुकावट के कारण डॉक्टरों ने उन्हें तत्काल वेंटिलेटर पर रखा। इसके बाद करीब 10 से 15 मिनट के भीतर डॉक्टरों की टीम ने सीपीआर शुरू कर दिया।

डेढ़ घंटे तक डॉक्टरों ने किया प्रयास

अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने करीब डेढ़ घंटे तक सीपीआर और जीवन रक्षक दवाओं के जरिए उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की। लेकिन उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ और रविवार सुबह करीब 4 बजे डॉक्टरों ने उनके निधन की पुष्टि कर दी।

चिकित्सकों के अनुसार, गंभीर हार्ट अटैक के साथ सांस की नली में उल्टी चले जाने और शरीर में ऑक्सीजन की भारी कमी ने उनकी स्थिति को बेहद गंभीर बना दिया था।

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