गुमला: दीपावली के त्योहार के अवसर पर स्थानीय महिला उद्यमियों को बाजार उपलब्ध कराने और उनके स्वावलंबन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गुमला में तीन दिवसीय पलाश दीपावली मेले की शुरुआत हुई। गुरुवार को कन्या मध्य विद्यालय, टंगरा में उपायुक्त दिलेश्वर महतो ने मेले का विधिवत उद्घाटन किया। यह मेला 7 नवंबर तक आयोजित किया जाएगा। मेले में महिला स्वयं सहायता समूहों की ओर से 13 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं, जहां स्थानीय महिलाओं द्वारा तैयार किए गए विभिन्न उत्पाद बिक्री के लिए उपलब्ध हैं।
मेले में पहुंचने वाले लोगों को एक ही जगह पर पारंपरिक खाद्य सामग्री, जैविक उत्पाद, हर्बल सामान और दीपावली की सजावट से जुड़ी वस्तुएं खरीदने का अवसर मिल रहा है। महिला स्वयं सहायता समूहों की सदस्यों ने अपने हुनर और मेहनत से तैयार उत्पादों को स्टॉल के माध्यम से प्रदर्शित किया है।
अचार, बड़ी-पापड़ से लेकर रागी के लड्डू तक उपलब्ध
पलाश दीपावली मेले में लगाए गए स्टॉलों पर कई तरह के घरेलू और पारंपरिक खाद्य उत्पाद लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। इनमें अचार, बड़ी, पापड़, रागी के लड्डू और ठेकुआ जैसे पारंपरिक व्यंजन शामिल हैं। इसके अलावा जैविक खाद्य सामग्री और हर्बल उत्पाद भी बिक्री के लिए रखे गए हैं।
दीपावली को ध्यान में रखते हुए सजावटी सामान भी उपलब्ध कराए गए हैं। इन उत्पादों को महिला स्वयं सहायता समूहों की सदस्यों ने तैयार किया है। मेले के जरिए उन्हें अपने उत्पादों को सीधे ग्राहकों तक पहुंचाने और बिक्री का अवसर मिल रहा है।
उपायुक्त ने स्टॉलों का किया निरीक्षण, महिलाओं के प्रयासों को सराहा
मेले के उद्घाटन के बाद उपायुक्त दिलेश्वर महतो ने विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया। उन्होंने महिला उद्यमियों से बातचीत कर उनके उत्पादों, निर्माण प्रक्रिया और कारोबार से जुड़ी जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने महिलाओं द्वारा तैयार किए जा रहे स्थानीय उत्पादों की सराहना की।
उपायुक्त ने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और उन्हें स्वरोजगार से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। ऐसे मेले महिलाओं को अपने उत्पादों के प्रचार-प्रसार और बिक्री के लिए बेहतर मंच उपलब्ध कराते हैं।
स्थानीय उत्पाद खरीदकर महिला स्वावलंबन को बढ़ावा देने की अपील
उपायुक्त ने जिलेवासियों से पलाश दीपावली मेले में पहुंचकर स्थानीय उत्पादों की खरीदारी करने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर तैयार वस्तुओं को प्रोत्साहन मिलने से महिला उद्यमियों की आमदनी बढ़ेगी और उन्हें अपना कारोबार आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
उन्होंने लोगों से त्योहारों के दौरान स्थानीय कारीगरों और महिला स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को प्राथमिकता देने का आग्रह किया। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन को भी बढ़ावा मिलेगा।
7 नवंबर तक चलेगा पलाश दीपावली मेला
कन्या मध्य विद्यालय, टंगरा में आयोजित यह मेला 7 नवंबर तक चलेगा। तीन दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में जिले के लोगों को स्थानीय महिलाओं के हाथों से तैयार उत्पादों की खरीदारी का अवसर मिलेगा।
कुल मिलाकर पलाश दीपावली मेला केवल त्योहार की खरीदारी का माध्यम नहीं है, बल्कि यह महिला स्वयं सहायता समूहों को बाजार से जोड़ने और उनके हुनर को पहचान दिलाने की एक पहल भी है। इस तरह के आयोजनों से स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन मिलने के साथ महिलाओं के स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता को भी बढ़ावा मिलता है।

