गुजरात के केवड़िया स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर प्रधानमंत्री ने अर्पित की पुष्पांजलि, देश के एकीकरण में लौह पुरुष के योगदान को किया याद; 31 अक्टूबर को मनाया जाता है राष्ट्रीय एकता दिवस
केवड़िया। देशभर में आज 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया जा रहा है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के केवड़िया स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पहुंचकर देश के पहले उपप्रधानमंत्री और लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल को उनकी 151वीं जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रधानमंत्री ने उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर देश के एकीकरण में उनके ऐतिहासिक योगदान को याद किया।
सरदार वल्लभभाई पटेल को आधुनिक भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले महान नेताओं में गिना जाता है। आजादी के बाद देश की सैकड़ों रियासतों को भारतीय संघ में शामिल करने और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने में उनका अहम योगदान रहा। इसी ऐतिहासिक योगदान के सम्मान में हर साल 31 अक्टूबर को उनकी जयंती राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाई जाती है।
देश की एकता और अखंडता के प्रतीक हैं सरदार पटेल
सरदार वल्लभभाई पटेल को देश में लौह पुरुष के नाम से जाना जाता है। स्वतंत्रता के बाद भारत के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक अलग-अलग रियासतों का एकीकरण था। सरदार पटेल ने अपनी राजनीतिक सूझबूझ, दृढ़ इच्छाशक्ति और कूटनीतिक प्रयासों से इस चुनौती का सामना किया।
उनके प्रयासों ने एक मजबूत और एकीकृत भारत की नींव रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आज भी उनका जीवन और विचार देश की एकता, अखंडता और राष्ट्रीय संकल्प के प्रतीक माने जाते हैं।
हर साल 31 अक्टूबर को मनाया जाता है राष्ट्रीय एकता दिवस
राष्ट्रीय एकता दिवस की शुरुआत वर्ष 2014 में सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर की गई थी। इस दिन देशभर में विभिन्न कार्यक्रमों, एकता दौड़ और अन्य आयोजनों के माध्यम से लोगों को राष्ट्रीय एकता और अखंडता का संदेश दिया जाता है।
Global Awaaz की ओर से देशवासियों को शुभकामनाएं
राष्ट्रीय एकता दिवस के इस विशेष अवसर पर Global Awaaz की ओर से समस्त देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं। साथ ही देश की सीमाओं पर दिन-रात मुस्तैदी से तैनात वीर जवानों को सलाम, जो हर परिस्थिति में मातृभूमि की रक्षा के लिए तत्पर रहते हैं।
एकता ही हमारी सबसे बड़ी शक्ति है और अखंडता हमारी पहचान। आइए, इस राष्ट्रीय एकता दिवस पर देश की एकता, शांति और भाईचारे को बनाए रखने का संकल्प लें।
जय हिंद!

