रांची/सरायकेला: झारखंड के प्रमुख प्राकृतिक पर्यटन स्थलों में शामिल चांडिल डैम को विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी की जा रही है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने परिजनों के साथ चांडिल डैम का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने यहां की प्राकृतिक खूबसूरती और पर्यटन की संभावनाओं को करीब से देखा। डैम का भ्रमण करने के बाद मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इसके समग्र विकास और पर्यटकों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चांडिल डैम में इको-टूरिज्म की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। प्राकृतिक सुंदरता से घिरे इस क्षेत्र को बेहतर पर्यटन सुविधाओं के साथ विकसित किया जाए, तो यह झारखंड के प्रमुख पर्यटन आकर्षणों में अपनी जगह बना सकता है। इसके लिए पर्यटन से जुड़ी आधारभूत संरचनाओं को मजबूत करने और पर्यटकों को सुरक्षित एवं बेहतर अनुभव देने की जरूरत है।
आधुनिक बोटिंग और पर्यटकों की सुरक्षा पर जोर
चांडिल डैम के विकास को लेकर मुख्यमंत्री ने पर्यटकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। इसके साथ ही आधुनिक बोटिंग सुविधाएं विकसित करने और पर्यटन स्थल पर जरूरी बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया। पर्यटकों के आवागमन, सुरक्षा और सुविधाजनक भ्रमण को ध्यान में रखते हुए विकास की योजनाएं तैयार की जाएंगी।
स्थानीय युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार के अवसर
चांडिल डैम को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने से आसपास के क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है। पर्यटन गतिविधियां बढ़ने से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं। होटल, रेस्टोरेंट, परिवहन, बोटिंग और अन्य पर्यटन आधारित व्यवसायों को भी बढ़ावा मिल सकता है। इससे स्थानीय लोगों की भागीदारी के साथ क्षेत्रीय विकास को गति मिलने की संभावना है।
पर्यावरण संरक्षण के साथ तैयार होगा विकास का ब्लूप्रिंट
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि चांडिल डैम के विकास में पर्यावरण संरक्षण का विशेष ध्यान रखा जाए। प्राकृतिक सुंदरता और स्थानीय पारिस्थितिकी को नुकसान पहुंचाए बिना पर्यटन सुविधाओं का विस्तार किया जाए। इसके लिए दीर्घकालिक विकास योजना यानी ब्लूप्रिंट तैयार करने को कहा गया है, ताकि क्षेत्र का योजनाबद्ध और टिकाऊ विकास सुनिश्चित हो सके।
झारखंड के पर्यटन को मिलेगी नई पहचान
चांडिल डैम अपनी प्राकृतिक खूबसूरती और शांत वातावरण के कारण पहले से ही पर्यटकों को आकर्षित करता रहा है। अब इसे आधुनिक पर्यटन सुविधाओं से जोड़ने की पहल से झारखंड के पर्यटन क्षेत्र को नई पहचान मिलने की उम्मीद है। हालांकि, इस योजना को धरातल पर उतारना और पर्यटन सुविधाओं का प्रभावी संचालन करना महत्वपूर्ण होगा। आने वाले समय में यह देखना होगा कि चांडिल डैम को विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र बनाने की योजना किस तरह आगे बढ़ती है।

