रांची: झारखंड चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के चुनाव को लेकर राजधानी रांची में कारोबारी गतिविधियां तेज हो गई हैं। चुनाव से ठीक एक दिन पहले सभी प्रत्याशी और उनके समर्थक अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहे हैं। चुनावी मैदान में इस बार मुकाबला त्रिकोणीय नजर आ रहा है और तीनों खेमे अपने पक्ष में अधिक से अधिक मतदाताओं को जोड़ने के लिए पूरी ताकत लगा रहे हैं।
चुनाव प्रचार के अंतिम दौर में प्रत्याशियों ने व्यापारियों और उद्यमियों से संपर्क बढ़ा दिया है। बैठकों, व्यक्तिगत मुलाकातों और फोन के जरिए मतदाताओं से समर्थन मांगा जा रहा है। प्रत्याशी अपने-अपने एजेंडे और प्राथमिकताओं को कारोबारियों के सामने रख रहे हैं।
तीन खेमों के बीच मुकाबला
इस बार झारखंड चेंबर के चुनाव में तीन प्रमुख गुट आमने-सामने हैं। तीनों ही खेमे खुद को व्यापार और उद्योग जगत की आवाज बताते हुए जीत का दावा कर रहे हैं। चुनाव में व्यापारियों से जुड़े मुद्दे, सरकारी विभागों के साथ समन्वय, टैक्स से संबंधित समस्याएं, बाजार और उद्योगों के लिए बेहतर माहौल तथा व्यापारियों की सुरक्षा जैसे विषय प्रमुखता से उठाए जा रहे हैं।
चुनावी मैदान में उतरने वाले प्रत्याशी मतदाताओं को यह भरोसा दिला रहे हैं कि जीत के बाद चेंबर को और अधिक सक्रिय बनाया जाएगा और व्यापारियों की समस्याओं को सरकार तथा संबंधित विभागों के सामने मजबूती से रखा जाएगा।
अंतिम दिन पूरी ताकत झोंक रहे प्रत्याशी
चुनाव से पहले का अंतिम दिन प्रत्याशियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सभी गुट अपने समर्थकों के साथ मतदाताओं तक पहुंचने में जुटे हैं। एक-एक वोट को महत्वपूर्ण मानते हुए प्रत्याशियों की ओर से व्यक्तिगत संपर्क पर खास जोर दिया जा रहा है।
वहीं, समर्थकों के बीच भी जीत को लेकर उत्साह है। अलग-अलग खेमों की ओर से अपने पक्ष में माहौल होने का दावा किया जा रहा है। हालांकि वास्तविक तस्वीर मतदान और मतगणना के बाद ही साफ होगी।
कारोबारियों के मुद्दे रहेंगे अहम
झारखंड चेंबर का चुनाव केवल पदाधिकारियों के चयन तक सीमित नहीं है। राज्य के व्यापार और उद्योग जगत से जुड़े लोगों की समस्याओं को सरकार तक पहुंचाने में चेंबर की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। ऐसे में चुनाव में कारोबारियों के स्थानीय और राज्यस्तरीय मुद्दे भी प्रभाव डाल सकते हैं।
व्यापारी वर्ग लंबे समय से टैक्स व्यवस्था, बिजली, सड़क, पार्किंग, बाजार क्षेत्र की सुविधाओं, प्रशासनिक प्रक्रियाओं और कारोबार के अनुकूल माहौल जैसे मुद्दों को उठाता रहा है। चुनाव में भी इन मुद्दों को प्रमुखता मिलने की संभावना है।
कल होगा फैसला
अब सभी की निगाहें कल होने वाले मतदान पर टिकी हैं। तीनों प्रमुख खेमों के बीच मुकाबला होने के कारण चुनाव को लेकर कारोबारी जगत में खासा उत्साह है। प्रत्याशी अपनी जीत को लेकर आश्वस्त नजर आ रहे हैं, लेकिन अंतिम फैसला चेंबर के मतदाता करेंगे।
चुनाव परिणाम के बाद यह स्पष्ट होगा कि झारखंड चेंबर की कमान किस खेमे के हाथ में जाती है और आने वाले कार्यकाल में व्यापार एवं उद्योग जगत के मुद्दों को लेकर चेंबर की रणनीति क्या रहती है।

