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शेयर बाजार में लौटी रौनक, सेंसेक्स 905 अंक उछला; निफ्टी 22,936 के पार

भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को जोरदार तेजी देखने को मिली। सेंसेक्स 905 अंक चढ़कर 74,151.04 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 में 237.90 अंकों की बढ़त दर्ज की गई। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों को स्थिर रखने और चुनिंदा शेयरों में खरीदारी से बाजार को समर्थन मिला।

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Kundan Kumar Jha
Editor & Correspondent at Global Awaaz
01:08 pm| 29 October 2026| 5 min read|
शेयर बाजार में लौटी रौनक, सेंसेक्स 905 अंक उछला; निफ्टी 22,936 के पार

शेयर बाजार में जोरदार वापसी, सेंसेक्स और निफ्टी में तेजी

भारतीय शेयर बाजार में 29 अक्टूबर 2026 को कारोबार के अंत में शानदार तेजी दर्ज की गई। पिछले कारोबारी सत्रों में दबाव के बाद निवेशकों की खरीदारी से प्रमुख सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुए।

सेंसेक्स और निफ्टी का हाल

कारोबार समाप्त होने पर बाजार की स्थिति इस प्रकार रही:

  • BSE सेंसेक्स: 905.01 अंक यानी 1.24% की बढ़त के साथ 74,151.04 पर बंद हुआ।

  • NSE निफ्टी 50: 237.90 अंक यानी 1.05% चढ़कर 22,936.75 पर पहुंच गया।

बाजार में कई प्रमुख शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। रिलायंस इंडस्ट्रीज ने निफ्टी को समर्थन दिया, जबकि अदाणी समूह के शेयरों में भी मजबूत तेजी रही।

बाजार में तेजी के प्रमुख कारण

1. अमेरिकी फेडरल रिजर्व का फैसला

अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने अपनी प्रमुख ब्याज दर 3.75% से 4.00% के दायरे में स्थिर रखी। यह फैसला बाजार की अपेक्षाओं के अनुरूप था।

2. प्रमुख शेयरों में खरीदारी

बैंकिंग, एफएमसीजी, आईटी और अन्य चुनिंदा क्षेत्रों में खरीदारी ने बाजार को सहारा दिया। निवेशकों की बेहतर भागीदारी से प्रमुख सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुए।

3. विदेशी निवेशकों की गतिविधियां

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की खरीदारी भी बाजार के लिए सकारात्मक संकेत रही। हालांकि, आगे बाजार की दिशा वैश्विक परिस्थितियों और निवेशकों के रुख पर निर्भर करेगी।

निवेशकों को अब किन बातों पर नजर रखनी चाहिए?

निवेशकों को कंपनियों के तिमाही नतीजों, कच्चे तेल की कीमतों, विदेशी निवेश के प्रवाह और वैश्विक बाजारों की गतिविधियों पर ध्यान देना चाहिए।

एक दिन की तेजी के आधार पर किसी शेयर को खरीदने का निर्णय लेना उचित नहीं है। निवेश से पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति, मूल्यांकन और अपनी जोखिम उठाने की क्षमता का आकलन करें।

निष्कर्ष: 29 अक्टूबर को भारतीय शेयर बाजार में मजबूत रिकवरी देखने को मिली। हालांकि, आने वाले कारोबारी सत्रों में तेजी जारी रहेगी या नहीं, यह कई घरेलू और वैश्विक कारकों पर निर्भर करेगा।

अस्वीकरण: यह समाचार केवल सूचनात्मक उद्देश्य से प्रकाशित किया गया है। इसे निवेश संबंधी सलाह न समझें।

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