राज्यस्तरीय बैठक में संगठन के नामकरण, सामाजिक-शैक्षणिक विकास और युवाओं व महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर बनी सहमति, बोकारो में होगी अगली भव्य बैठक
रांची, 6 सितंबर 2026। झारखंड प्रदेश के कुम्हार-प्रजापति समाज को सामाजिक, शैक्षणिक, आर्थिक और राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में रविवार को रांची में राज्यस्तरीय बैठक आयोजित की गई। रातू रोड स्थित चंद्रवंशी भवन, दुर्गा मंदिर ट्रस्ट, पहाड़ी मंदिर परिसर में आयोजित इस बैठक में राज्य के विभिन्न जिलों और क्षेत्रों से समाज के प्रतिनिधि, विभिन्न संगठनों के प्रदेश अध्यक्ष एवं पदाधिकारी, बुद्धिजीवी, सामाजिक कार्यकर्ता, युवा, महिलाएं और समाजसेवी शामिल हुए।
बैठक का मुख्य उद्देश्य झारखंड के कुम्हार-प्रजापति समाज को एक मंच पर लाकर मजबूत एवं सर्वमान्य संगठनात्मक ढांचा तैयार करना, संगठन के नामकरण पर चर्चा करना और समाज के भविष्य की नीतियों एवं कार्ययोजना को लेकर सहमति बनाना था।
संगठन के नामकरण को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा
बैठक में विभिन्न संगठनों के प्रदेश अध्यक्षों और प्रतिनिधियों ने संगठन के नामकरण को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श किया। इस दौरान इस बात पर जोर दिया गया कि प्रस्तावित संगठन किसी व्यक्ति विशेष का संगठन न होकर पूरे झारखंड के कुम्हार-प्रजापति समाज का साझा मंच होना चाहिए।
प्रतिनिधियों ने कहा कि संगठन की पहचान ऐसी होनी चाहिए, जो समाज के सभी वर्गों, क्षेत्रों और पीढ़ियों को एक साथ लेकर आगे बढ़ सके। बैठक में एकता, अनुशासन और सामूहिक नेतृत्व को संगठन की मजबूती का आधार बनाने पर सहमति बनी।
शिक्षा, रोजगार और माटीकला को आधुनिक बाजार से जोड़ने पर जोर
बैठक में समाज के शैक्षणिक विकास और युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने को लेकर भी चर्चा हुई। पारंपरिक माटीकला और कुम्हारी व्यवसाय को आधुनिक तकनीक और बाजार से जोड़ने, कारीगरों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने तथा समाज के आर्थिक सशक्तीकरण पर विशेष जोर दिया गया।
इसके अलावा सामाजिक कुरीतियों को दूर करने, सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाने और सामाजिक एवं राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने जैसे मुद्दों पर भी विचार किया गया।
पंचायत से प्रदेश स्तर तक संगठन मजबूत करने की तैयारी
बैठक में शामिल प्रतिनिधियों ने कहा कि समाज के विकास के लिए केवल अपनी मांगों को सरकार के सामने रखना पर्याप्त नहीं है। इसके लिए मजबूत संगठन, स्पष्ट नीति, अनुशासन, निरंतर संवाद और जमीनी स्तर पर सक्रियता जरूरी है।
इसी क्रम में पंचायत से लेकर जिला और प्रदेश स्तर तक संगठन को मजबूत करने तथा युवाओं और महिलाओं की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने पर बल दिया गया।
बैठक में यह भी तय किया गया कि समाज की समस्याओं और आवश्यकताओं को व्यवस्थित तरीके से चिन्हित कर भविष्य में एक स्पष्ट मांग-पत्र और कार्ययोजना तैयार की जाएगी। समाज की जायज मांगों को सरकार एवं संबंधित विभागों के समक्ष लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से मजबूती के साथ रखा जाएगा।
कई संगठनों ने संयुक्त रूप से काम करने पर जताई सहमति
बैठक में लंबे समय से महसूस की जा रही एक मजबूत और साझा सामाजिक मंच की आवश्यकता को लेकर भी चर्चा हुई। इस दौरान झारखंड प्रजापति (कुम्हार) महासंघ, झारखंड कुम्हार महासभा, भारतीय प्रजापति हीरोज ऑर्गनाइजेशन, राष्ट्रीय प्रजापति महासंघ और राष्ट्रीय कुम्हार महासभा समेत विभिन्न संगठनों ने समाजहित में संयुक्त रूप से कार्य करने पर सहमति जताई।
प्रतिनिधियों ने आपसी मतभेदों से ऊपर उठकर समाजहित को प्राथमिकता देने और सामूहिक नेतृत्व के साथ आगे बढ़ने का संकल्प लिया।
युवाओं से सोशल मीडिया से आगे बढ़कर जमीनी कार्य करने की अपील
बैठक के दौरान समाज के वरिष्ठजनों और प्रतिनिधियों ने युवाओं का आह्वान किया कि वे केवल सोशल मीडिया तक सीमित न रहें, बल्कि समाज के जमीनी विकास में सक्रिय भूमिका निभाएं।
शिक्षा, तकनीक, व्यवसाय, रोजगार और सामाजिक नेतृत्व के क्षेत्र में नई पीढ़ी को आगे लाने पर विशेष जोर दिया गया। महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और उन्हें संगठनात्मक गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका देने की बात भी कही गई।
आदित्य प्रजापति की पहल को बताया सकारात्मक कदम
झारखंड कुम्हार समन्वय समिति के मुख्य संयोजक अविनाश देव ने कहा कि राज्यस्तरीय बैठक में लिए गए निर्णय आने वाले समय में झारखंड के कुम्हार-प्रजापति समाज को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण साबित होंगे।
उन्होंने कहा कि आदित्य प्रजापति, इटखोरी, चतरा की पहल ने समाज के विभिन्न संगठनों और प्रतिनिधियों को एक मंच पर लाने में सकारात्मक भूमिका निभाई है। समाज के अधिकार, सम्मान और विकास के लिए एकजुट होकर संगठित प्रयास आगे भी जारी रहेगा।
बोकारो में होगी अगली भव्य बैठक
बैठक में निर्णय लिया गया कि झारखंड कुम्हार समन्वय समिति की आगामी भव्य बैठक बोकारो जिला में आयोजित की जाएगी। इस बैठक में संगठनात्मक ढांचे को और मजबूत करने, भावी नीतियों को अंतिम रूप देने तथा समाज की आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा किए जाने की संभावना है।
बैठक में अविनाश देव, नीरज प्रजापति, राजू प्रजापति, कुलदीप प्रजापति, सरिता कुमारी, रेखा प्रजापति, आदित्य प्रजापति, बालगोविंद प्रजापति, अधिवक्ता कृष्णा प्रजापति, अरुण प्रसाद, युगल किशोर प्रजापति, दिनेश प्रजापति, त्रिवेणी कुमार काशी, पीताम्बर महतो, विष्णु महतो, अनिल पंडित, आनंद प्रजापति, ब्रजेश प्रजापति, अमित आनंद, संजय प्रजापति, सुनील महतो, मनोज प्रजापति, संजीत प्रजापति, प्रसाद महतो, राजेंद्र कुमार, निरंजन कुमार, अक्षय प्रजापति, अर्जुन पंडित, नंदलाल पंडित, मुकेश प्रजापति, स्वामी हरिकिशोर महाराज जी, ललन प्रजापति, शत्रुघ्न प्रजापति, जोगेश्वर प्रजापति, मीना प्रजापति, विनोद पंडित, अनीता देवी, गया प्रसाद, रानी देवी, आरती कुमारी, शंकर शंभू राजेश, रेखा देवी, ललिता देवी, सतीश प्रसाद समेत समाज के सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
बैठक के अंत में समाज के प्रतिनिधियों ने “एकता, संगठन और विकास” के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ने का संकल्प लिया। आयोजकों के अनुसार, यह बैठक झारखंड के कुम्हार-प्रजापति समाज को एक साझा मंच पर लाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

