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Politics

बाबूलाल मरांडी का सीएम हेमंत सोरेन पर हमला, बोले- सत्ता स्थायी नहीं, समय रहते व्यवस्था सुधारें और जनता का भरोसा कायम करें

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Naveen Kumar
Editor & Correspondent at Global Awaaz
09:53 am| 4 October 2026| 5 min read|
बाबूलाल मरांडी का सीएम हेमंत सोरेन पर हमला, बोले- सत्ता स्थायी नहीं, समय रहते व्यवस्था सुधारें और जनता का भरोसा कायम करें

झारखंड की शासन व्यवस्था पर नेता प्रतिपक्ष ने उठाए सवाल

रांची। झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य की शासन व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर मुख्यमंत्री को संबोधित करते हुए शासन व्यवस्था में सुधार करने और जनता का भरोसा कायम करने की अपील की।

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि मुख्यमंत्री को कभी शांत मन से चिंतन करना चाहिए कि उनके शासन में व्यवस्था किस स्तर तक पहुंच गई है। उन्होंने जमीन घोटाला, ED अधिकारियों से जुड़े मामले, शराब नीति, पत्थर और पेपर लीक मामलों का जिक्र करते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए।

भ्रष्टाचार और घोटालों को लेकर सरकार पर निशाना

नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि जमीन घोटाला मामले में मुख्यमंत्री के खिलाफ आरोप गठित हो चुका है। उन्होंने ED अधिकारियों पर फर्जी SC-ST Act लगाने के मामले में हाई कोर्ट द्वारा जुर्माना लगाए जाने का भी जिक्र किया।

उन्होंने शराब घोटाले का उल्लेख करते हुए कहा कि ACB की ओर से कोर्ट में नीति में बदलाव के लिए कथित रिश्वत का मामला सामने आया है। वहीं पत्थर घोटाले में कोर्ट के आदेश और पेपर लीक मामले में सामने आए कथित सबूतों का हवाला देते हुए उन्होंने सरकार और मुख्यमंत्री के करीबी लोगों पर सवाल उठाए।

‘अपने लोगों को भ्रष्टाचार से क्यों नहीं रोका?’

बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री से सवाल किया कि अगर वह चाहते तो अपने विश्वस्त लोगों और करीबी अधिकारियों को भ्रष्टाचार से रोक सकते थे, लेकिन ऐसा क्यों नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि सरकार के कार्यकाल में कई अधिकारियों का करियर प्रभावित हुआ और सरकारी संस्थाओं की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े हुए हैं।

उन्होंने कहा कि लगातार सामने आ रहे मामलों से जनता का व्यवस्था पर भरोसा कमजोर हो रहा है। सरकार को इस दिशा में गंभीरता से कदम उठाने की जरूरत है।

लालू यादव और ममता बनर्जी का दिया उदाहरण

बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को लालू प्रसाद यादव और ममता बनर्जी का उदाहरण देते हुए सत्ता के स्थायी नहीं होने की बात कही। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को समय रहते परिस्थितियों से सबक लेना चाहिए।

उन्होंने कहा कि सत्ता और पावर किसी के पास हमेशा नहीं रहती। सत्ता में रहते हुए अहंकार आसान लगता है, लेकिन सत्ता से बाहर होने के बाद वही अहंकार बोझ बन जाता है।

खनिज संसाधनों का इस्तेमाल जनता के हित में हो

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि झारखंड के बालू, पत्थर, कोयला और अन्य खनिज संसाधनों का इस्तेमाल जनता के हित, विकास और रोजगार के लिए होना चाहिए। उन्होंने प्रखंडों, थानों और सरकारी कार्यालयों में कथित भ्रष्टाचार पर भी कठोर कार्रवाई की मांग की।

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि अभी भी समय है। मुख्यमंत्री को व्यवस्था में सुधार करना चाहिए और जनता का विश्वास दोबारा कायम करने की दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा कि सत्ता स्थायी नहीं होती और इतिहास किसी को माफ नहीं करता।

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