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Politics

SIR को लेकर झारखंड में बड़ा फैसला: नोटिस पाने वाले मतदाताओं को ERO कार्यालय आने की जरूरत नहीं, ऑनलाइन होगी सुनवाई

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Naveen Kumar
Editor & Correspondent at Global Awaaz
09:53 am| 27 September 2026| 5 min read|
SIR को लेकर झारखंड में बड़ा फैसला: नोटिस पाने वाले मतदाताओं को ERO कार्यालय आने की जरूरत नहीं, ऑनलाइन होगी सुनवाई

रांची: झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR-2026 की प्रक्रिया को लेकर निर्वाचन विभाग ने मतदाताओं को बड़ी राहत दी है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने सभी जिलों के SIR से जुड़े अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक कर अधिकारियों को निर्देश दिया कि विशेष परिस्थितियों को छोड़कर नोटिस की सुनवाई के लिए मतदाताओं को ERO या AERO कार्यालय बुलाने की आवश्यकता नहीं होगी।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि मतदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए भारत निर्वाचन आयोग ने यह व्यवस्था की है। जिन मतदाताओं को Unmapped अथवा Logical Discrepancy के संबंध में नोटिस जारी किया गया है, उनके घर जाकर BLO आवश्यक दस्तावेज प्राप्त करेंगे और उन्हें ECINet पर अपलोड करेंगे। इसके बाद ERO उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर नियमानुसार मामले पर निर्णय ले सकेंगे।

घर-घर जाकर दस्तावेज जुटाएंगे BLO

SIR के दौरान नोटिस प्राप्त करने वाले मतदाताओं को सामान्य परिस्थितियों में व्यक्तिगत सुनवाई के लिए निर्वाचन कार्यालय आने की आवश्यकता नहीं होगी। BLO घर-घर जाकर संबंधित मतदाता से आवश्यक दस्तावेज प्राप्त करेंगे।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि जरूरत पड़ने पर BLO को घर-घर सत्यापन के दौरान BLO सुपरवाइजर सहयोग उपलब्ध कराएं। साथ ही, जिन BLO को ECINet पर दस्तावेज अपलोड करने में तकनीकी कठिनाई हो रही है, उनकी सहायता के लिए जिला निर्वाचन पदाधिकारी आवश्यकतानुसार वॉलेंटियर और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराएं।

केवल विशेष परिस्थिति में होगी सुनवाई

के. रवि कुमार ने स्पष्ट किया कि Unmapped अथवा Logical Discrepancy से संबंधित मामलों में सामान्य तौर पर ERO/AERO कार्यालय में व्यक्तिगत सुनवाई के लिए मतदाताओं को बुलाने की जरूरत नहीं है।

केवल असाधारण परिस्थितियों में, ERO के निर्णय के अनुसार सुनवाई आयोजित की जाएगी। ऐसी सुनवाई भी ऑनलाइन माध्यम से पूरी की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर मतदाता अपने परिवार के किसी वयस्क सदस्य को अपनी ओर से सुनवाई में शामिल होने के लिए अधिकृत कर सकता है।

जिला निर्वाचन पदाधिकारियों को ऑनलाइन सुनवाई के लिए पर्याप्त और सुचारु व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।

पहले से सूचना पाने वाले मतदाताओं के लिए भी व्यवस्था

निर्वाचन विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन मतदाताओं को पहले ही सुनवाई के लिए किसी निर्धारित स्थल पर आने की सूचना दी जा चुकी है और वे सुनवाई के लिए वहां पहुंचते हैं, तो संबंधित अधिकारी को मौके पर उपलब्ध रहना होगा।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ऐसी स्थिति बिल्कुल नहीं होनी चाहिए कि कोई मतदाता सुनवाई के लिए पहुंचे और संबंधित पदाधिकारी वहां मौजूद न मिले।

गरीब और बेघर लोगों के लिए विशेष कैंप

बैठक में कमजोर और जरूरतमंद वर्गों तक निर्वाचन प्रक्रिया की पहुंच सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। जिला निर्वाचन पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि रात्रि आश्रय स्थलों में रहने वाले लोगों, श्रमिकों, गरीबों, बेघर लोगों और अन्य जरूरतमंद व्यक्तियों के लिए पर्याप्त संख्या में हेल्प डेस्क और विशेष शिविर लगाए जाएं।

इन शिविरों के माध्यम से लोगों को मतदाता सूची से संबंधित आवश्यक जानकारी और सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ पात्र लोगों को मतदाता सूची में शामिल करने की प्रक्रिया को भी आगे बढ़ाया जाएगा।

Form 6, 6A, 7 और 8 के डिजिटाइजेशन में तेजी

जिन स्थानों पर SIR के तहत सुनवाई की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, वहां कैंप मोड में डिजिटाइजेशन का काम पूरा करने का निर्देश दिया गया है।

इसके साथ ही आउटरीच कार्यक्रम के तहत पात्र लोगों को Form 6 के माध्यम से मतदाता सूची में जोड़ने की प्रक्रिया तेज करने को कहा गया है। मतदाताओं से प्राप्त Form 6, 6A, 7 और 8 से संबंधित आवेदनों के डिजिटाइजेशन तथा जिन मामलों में सुनवाई की आवश्यकता है, उनमें नोटिस जारी करने की प्रक्रिया में भी तेजी लाने का निर्देश दिया गया है।

हर मामले में कारणयुक्त आदेश जारी करने का निर्देश

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने SIR-2026 के तहत जारी नोटिस की सुनवाई के दौरान अधिकारियों को ठोस, स्पष्ट और कारणयुक्त Speaking Order पारित करने का निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक मामले में यह स्पष्ट रूप से जांचा जाए कि संबंधित व्यक्ति मतदाता सूची में शामिल होने की पात्रता पूरी करता है या नहीं।

इसके लिए मुख्य रूप से तीन बातों की जांच की जाएगी:

  • संबंधित व्यक्ति भारत का नागरिक है या नहीं।

  • 1 अक्टूबर 2026 को उसकी आयु 18 वर्ष पूरी हो चुकी है या नहीं।

  • संबंधित व्यक्ति संबंधित मतदान केंद्र क्षेत्र में सामान्य रूप से निवास करता है या नहीं।

किसी पात्र नागरिक का नाम न छूटे: निर्वाचन विभाग

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग का उद्देश्य है कि SIR की प्रक्रिया के दौरान कोई भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रहे। साथ ही यह भी सुनिश्चित करना है कि कोई अपात्र या विदेशी नागरिक मतदाता सूची में शामिल न हो।

उन्होंने सभी अधिकारियों को पूरी प्रक्रिया में नियमों का पालन करने के साथ-साथ मतदाताओं की सुविधा और पारदर्शिता का विशेष ध्यान रखने का निर्देश दिया।

बैठक में अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुबोध कुमार, उप निर्वाचन पदाधिकारी (मुख्यालय) धीरज कुमार ठाकुर, उप निर्वाचन पदाधिकारी लोहरदगा संजय कुमार सहित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के जिला निर्वाचन पदाधिकारी, उप निर्वाचन पदाधिकारी, ERO और AERO मौजूद रहें।

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