रांची: भारतीय जनता पार्टी ने संगठन को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए देशभर के कई राज्यों के प्रदेश प्रभारियों में बदलाव किया है। इसी क्रम में झारखंड की जिम्मेदारी अब भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री और मध्य प्रदेश के खरगोन-बड़वानी लोकसभा क्षेत्र से सांसद गजेंद्र पटेल को सौंपी गई है। उनके साथ सौरभ सिंह और निवेदिता सिंह को झारखंड का सह-प्रभारी बनाया गया है। नई नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू मानी जा रही हैं।
भाजपा की ओर से किए गए संगठनात्मक फेरबदल को आने वाले समय में पार्टी की चुनावी और संगठनात्मक रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी ने अलग-अलग राज्यों में संगठन की जिम्मेदारियों के लिए अनुभवी नेताओं को आगे किया है। झारखंड में गजेंद्र पटेल को जिम्मेदारी दिए जाने से प्रदेश भाजपा के संगठनात्मक कामकाज में नई रणनीति और नई कार्यशैली देखने को मिल सकती है।
गजेंद्र पटेल के सामने झारखंड में संगठन मजबूत करने की चुनौती
गजेंद्र पटेल के सामने झारखंड में भाजपा के संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने की बड़ी जिम्मेदारी होगी। प्रदेश में पार्टी के सामने संगठन को मजबूत करने के साथ-साथ कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय बनाने और आगामी राजनीतिक चुनौतियों के लिए पार्टी को तैयार करने की चुनौती रहेगी।
गजेंद्र पटेल वर्तमान में भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। वे मध्य प्रदेश की खरगोन-बड़वानी लोकसभा सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं। पार्टी के केंद्रीय संगठन में जिम्मेदारी निभाने के अनुभव को देखते हुए झारखंड का प्रभार उन्हें सौंपा जाना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
लक्ष्मीकांत वाजपेयी की जगह नई टीम
झारखंड भाजपा के प्रदेश प्रभारी के तौर पर इससे पहले लक्ष्मीकांत वाजपेयी जिम्मेदारी संभाल रहे थे। अब पार्टी ने प्रदेश के लिए नई टीम तैयार की है। गजेंद्र पटेल को प्रदेश प्रभारी और सौरभ सिंह तथा निवेदिता सिंह को सह-प्रभारी बनाए जाने के बाद झारखंड भाजपा में संगठनात्मक गतिविधियों को लेकर नई रणनीति पर काम शुरू होने की उम्मीद है।
नई टीम के सामने प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ नेताओं, सांसदों, विधायकों और संगठन के पदाधिकारियों के बीच बेहतर तालमेल कायम करना भी अहम जिम्मेदारी होगी। इसके अलावा कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और जमीनी स्तर पर पार्टी की पकड़ मजबूत करने पर भी फोकस रहने की संभावना है।
प्रदेश संगठन में भी बढ़ सकती है सक्रियता
झारखंड में भाजपा फिलहाल विपक्ष की भूमिका में है। ऐसे में प्रदेश प्रभारी की जिम्मेदारी केवल संगठनात्मक गतिविधियों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि सरकार की नीतियों और राजनीतिक मुद्दों को लेकर पार्टी की रणनीति तैयार करने में भी उनकी भूमिका महत्वपूर्ण होगी।
पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व ने अगस्त 2026 में नई राष्ट्रीय पदाधिकारी टीम की घोषणा की थी, जिसमें गजेंद्र पटेल को राष्ट्रीय महामंत्री बनाया गया था। इसके बाद अब उन्हें झारखंड का प्रदेश प्रभारी बनाए जाने से यह संकेत मिलता है कि पार्टी राज्य में संगठनात्मक गतिविधियों को विशेष प्राथमिकता दे रही है।
झारखंड की राजनीति में क्या होगा असर?
झारखंड में भाजपा के लिए संगठन को मजबूत करना इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि राज्य की राजनीति में क्षेत्रीय दलों की मजबूत मौजूदगी रही है। ऐसे में भाजपा के नए प्रदेश प्रभारी के सामने आदिवासी क्षेत्रों से लेकर शहरी इलाकों तक संगठन की सक्रियता बढ़ाने की चुनौती होगी।
साथ ही पार्टी को अपने परंपरागत समर्थक वर्ग के साथ-साथ युवाओं, महिलाओं और नए मतदाताओं तक अपनी राजनीतिक पहुंच मजबूत करने पर भी ध्यान देना होगा। आने वाले दिनों में प्रदेश संगठन की बैठकों, जिला स्तर की गतिविधियों और कार्यकर्ता सम्मेलनों के जरिए नई रणनीति को जमीन पर उतारने की कोशिश की जा सकती है।
संगठनात्मक बदलाव से नई दिशा की उम्मीद
भाजपा के इस फेरबदल को झारखंड में संगठन को नई दिशा देने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। गजेंद्र पटेल के अनुभव और केंद्रीय संगठन में उनकी भूमिका को देखते हुए पार्टी को उम्मीद होगी कि वे प्रदेश में संगठनात्मक समन्वय बेहतर करेंगे और कार्यकर्ताओं को एकजुट कर पार्टी की राजनीतिक गतिविधियों को गति देंगे।
अब देखना होगा कि गजेंद्र पटेल के नेतृत्व में झारखंड भाजपा किस तरह अपनी संगठनात्मक रणनीति को आगे बढ़ाती है और प्रदेश की बदलती राजनीतिक परिस्थितियों में पार्टी को कितना मजबूत करने में सफल होती है।

