गुमला: झारखंड की राजनीति में एक बार फिर भाजपा और हेमंत सोरेन सरकार के बीच टकराव देखने को मिला। गुमला में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन करने पहुंचे भाजपा कार्यकर्ताओं को उस समय विरोध का सामना करना पड़ा, जब मौके पर पहुंचे सदर थाना प्रभारी दिनेश कुमार ने पुलिस बल के साथ कार्यकर्ताओं के हाथों से पुतला छीन लिया और अपने साथ ले गए। इस घटना के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जाहिर की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा जिला अध्यक्ष सागर उरांव ने की। भाजपा कार्यकर्ताओं का कहना था कि वे राज्य सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराने और मुख्यमंत्री का पुतला दहन करने के लिए एकत्रित हुए थे। लेकिन कार्यक्रम के दौरान पुलिस ने हस्तक्षेप करते हुए पुतला अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद भाजपा नेताओं ने सरकार पर लोकतांत्रिक अधिकारों को दबाने का आरोप लगाया।
जिला अध्यक्ष सागर उरांव ने सरकार पर लगाए तानाशाही के आरोप
पुतला छीने जाने की घटना पर भाजपा जिला अध्यक्ष सागर उरांव ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार में लोगों को अपनी बात रखने और अभिव्यक्ति की आजादी का अधिकार भी नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि हेमंत सोरेन सरकार पुलिस प्रशासन का इस्तेमाल अपने कार्यकर्ताओं की तरह कर रही है।
सागर उरांव ने कहा कि लोकतंत्र में किसी भी राजनीतिक दल को सरकार की नीतियों और कार्यों के खिलाफ शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराने का अधिकार है। लेकिन गुमला में जिस तरह पुलिस ने भाजपा कार्यकर्ताओं से पुतला छीन लिया, वह सरकार की कार्यशैली पर सवाल खड़ा करता है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए सरकार पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया।
महिला सुरक्षा को लेकर हेमंत सरकार पर भाजपा का हमला
भाजपा नेताओं ने राज्य में महिलाओं की सुरक्षा का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। जिला अध्यक्ष सागर उरांव ने कहा कि झारखंड में सत्तारूढ़ गठबंधन की सरकार महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा की बात करती है, लेकिन राज्य में महिलाओं के खिलाफ अपराध की घटनाएं लगातार चिंता का विषय बनी हुई हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार महिलाओं को सम्मान और सुरक्षा देने के अपने वादों को पूरा करने में विफल रही है। भाजपा नेताओं ने विशेष रूप से सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया में सामने आई उस घटना का उल्लेख किया, जिसमें सुरक्षा की गुहार लगाने पहुंची एक महिला के साथ कथित तौर पर वर्दीधारी पुलिसकर्मी द्वारा दुष्कर्म किए जाने का मामला सामने आया था।
भाजपा नेताओं ने इस घटना को राज्य की कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा की स्थिति से जोड़ते हुए सरकार को घेरा। उनका कहना था कि जब सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने वाले ही महिलाओं के साथ अपराध में शामिल होने के आरोपों से घिरते हैं, तो आम महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
प्रदेश उपाध्यक्ष मुनेश्वर साहू बोले- महिला विरोधी है सरकार
भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष मुनेश्वर साहू ने भी हेमंत सोरेन सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने राज्य सरकार को महिला विरोधी बताते हुए कहा कि झारखंड की बहू-बेटियों के सम्मान और सुरक्षा को लेकर सरकार गंभीर नहीं है।
मुनेश्वर साहू ने आरोप लगाया कि राज्य में महिलाओं के मान-सम्मान के साथ खिलवाड़ हो रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से मईयां सम्मान योजना के माध्यम से महिलाओं के सम्मान की बात की जाती है, लेकिन दूसरी ओर महिलाओं के खिलाफ अपराध की घटनाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि केवल योजनाओं के नाम पर सम्मान की बात करने से महिलाओं की वास्तविक सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो सकती।
पुतला छीने जाने की घटना से गरमाई सियासत
गुमला में भाजपा के विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा पुतला जब्त किए जाने की घटना ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। भाजपा नेताओं ने इसे सरकार की दबावपूर्ण कार्यशैली बताते हुए विरोध जताया। वहीं, पूरे कार्यक्रम में महिला सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता जैसे मुद्दे प्रमुखता से उठाए गए।
भाजपा ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार की नीतियों और महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर उसका विरोध जारी रहेगा। फिलहाल इस घटना को लेकर पुलिस प्रशासन और राज्य सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने की जानकारी नहीं है।

