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Politics

OBC जातियों के डिजिटल कोड की मांग को लेकर 16 सितंबर को कांग्रेस का राजभवन मार्च, 26 सितंबर को भी घेराव

कमलेश महतो, प्रदेश अध्यक्ष, झारखंड कांग्रेस और प्रदीप यादव, कांग्रेस विधायक दल के नेता

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Naveen Kumar
Editor & Correspondent at Global Awaaz
12:58 pm| 12 September 2026| 5 min read|
OBC जातियों के डिजिटल कोड की मांग को लेकर 16 सितंबर को कांग्रेस का राजभवन मार्च, 26 सितंबर को भी घेराव

रांची। झारखंड में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) की जातिगत गणना और आरक्षण से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदेश कांग्रेस ने आंदोलन का ऐलान किया है। झारखंड प्रदेश कांग्रेस की ओर से आयोजित ऑनलाइन प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रदेश अध्यक्ष केशव कमलेश महतो ने केंद्र सरकार की ओर से कराई जा रही जनगणना में ओबीसी की जातिगत गणना को लेकर कई सवाल उठाए। कांग्रेस ने मांग की है कि जनगणना के फॉर्म में ओबीसी की अलग-अलग जातियों के लिए अलग-अलग कॉलम के साथ डिजिटल कोड भी उपलब्ध कराया जाए, ताकि राज्य में पिछड़ा वर्ग की वास्तविक आबादी का सही आंकड़ा सामने आ सके।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव कमलेश महतो ने कहा कि झारखंड में ओबीसी की आबादी 50 प्रतिशत से अधिक है। इसके बावजूद पिछड़ा वर्ग कई स्तरों पर अपने अधिकारों से वंचित है। उनका कहना है कि जब तक ओबीसी की प्रत्येक जाति का अलग-अलग आंकड़ा दर्ज नहीं होगा, तब तक उनकी वास्तविक सामाजिक और जनसंख्या स्थिति का आकलन करना मुश्किल रहेगा।

16 सितंबर को बापू वाटिका से राजभवन तक पैदल मार्च

कांग्रेस ने ओबीसी आधारित जातिगत गणना की मांग को लेकर आंदोलन की शुरुआत 16 सितंबर से करने का निर्णय लिया है। पार्टी के मुताबिक, 16 सितंबर को मोरहाबादी स्थित बापू वाटिका से राजभवन तक पैदल मार्च निकाला जाएगा। इस दौरान कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर ओबीसी की जातिगत गणना में प्रत्येक जाति के लिए अलग कॉलम और डिजिटल कोड उपलब्ध कराने की मांग करेंगे।

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि जनगणना में जातियों की स्पष्ट पहचान और उनके आंकड़े दर्ज होने से ही सरकार को नीतियां बनाने, आरक्षण और अन्य कल्याणकारी योजनाओं में उचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

चाईबासा, लातेहार और दुमका में आरक्षण का मुद्दा भी उठाया

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान केशव कमलेश महतो ने झारखंड के विभिन्न जिलों में ओबीसी आरक्षण की स्थिति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने विशेष रूप से चाईबासा, लातेहार और दुमका जैसे जिलों का जिक्र करते हुए कहा कि इन क्षेत्रों में पिछड़ा वर्ग के आरक्षण और अधिकारों की स्थिति पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है।

उन्होंने ईडब्ल्यूएस आरक्षण का भी उल्लेख किया। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कुछ क्षेत्रों में ईडब्ल्यूएस आबादी अपेक्षाकृत कम होने के बावजूद 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है, जबकि बड़ी आबादी वाले ओबीसी वर्ग को उसकी जनसंख्या के अनुपात में अधिकार नहीं मिल पा रहे हैं।

कांग्रेस का कहना है कि जातिगत आंकड़े सामने आने के बाद ही आरक्षण और प्रतिनिधित्व को लेकर नीतिगत फैसले अधिक प्रभावी तरीके से लिए जा सकते हैं।

26 सितंबर को चंदा चोरी और MMDR के मुद्दे पर राजभवन मार्च

ओबीसी के मुद्दे के अलावा कांग्रेस ने अन्य राजनीतिक और नीतिगत मुद्दों को लेकर भी आंदोलन की घोषणा की है। पार्टी के अनुसार, 26 सितंबर को शहीद स्थल से राजभवन तक मार्च निकाला जाएगा। इस आंदोलन में चंदा चोरी और MMDR से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा।

कांग्रेस ने कहा है कि इन मुद्दों को लेकर राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा जाएगा और केंद्र एवं राज्य से जुड़े संबंधित विषयों पर पार्टी अपना विरोध दर्ज कराएगी।

इसके अलावा कांग्रेस की ओर से 5 अक्टूबर से 10 अक्टूबर तक प्रदेश के सभी प्रखंडों में कार्यक्रम आयोजित करने की भी घोषणा की गई है। पार्टी का दावा है कि इन कार्यक्रमों के जरिए स्थानीय स्तर पर लोगों को मुद्दों से जोड़ने और संगठन को मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा।

प्रदीप यादव ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना

कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने भी ओबीसी की जातिगत गणना के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने लोकसभा में ओबीसी की जातिगत गणना का मुद्दा उठाया था, लेकिन केंद्र सरकार की ओर से इस संबंध में संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया।

प्रदीप यादव ने सवाल उठाया कि जब जनगणना में अलग-अलग वर्गों की पहचान और आंकड़े जुटाने की व्यवस्था की जा रही है, तो ओबीसी की अलग-अलग जातियों के लिए अलग कॉलम क्यों नहीं बनाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि ओबीसी की विभिन्न जातियों की संख्या अलग-अलग दर्ज किए बिना उनकी वास्तविक आबादी का सही आंकड़ा सामने आना संभव नहीं है। उन्होंने ओबीसी के लिए अलग डिजिटल कोड नहीं दिए जाने को लेकर भी केंद्र सरकार की मंशा पर सवाल उठाया।

आंदोलन के जरिए दबाव बनाने की तैयारी

झारखंड कांग्रेस ने स्पष्ट कर दिया है कि वह ओबीसी जातिगत गणना, आरक्षण और अन्य मुद्दों को लेकर चरणबद्ध तरीके से आंदोलन करेगी। 16 सितंबर का राजभवन मार्च जहां ओबीसी की अलग-अलग जातियों के लिए डिजिटल कोड और जातिगत आंकड़े दर्ज करने की मांग पर केंद्रित रहेगा, वहीं 26 सितंबर के कार्यक्रम में अन्य मुद्दों को लेकर सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश होगी।

इसके बाद अक्टूबर के पहले सप्ताह में प्रखंड स्तर पर कार्यक्रम आयोजित कर आंदोलन को और व्यापक बनाने की तैयारी है। कांग्रेस नेताओं ने कार्यकर्ताओं से इन कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की है।


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