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तेजस्वी यादव और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक, बैरिकेडिंग पार करने पर हिरासत में लिया गया

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08:03 am| 8 October 2026| 5 min read|
तेजस्वी यादव और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक, बैरिकेडिंग पार करने पर हिरासत में लिया गया

पटना: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष के प्रदर्शन के दौरान गुरुवार को पटना में स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई, जब नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव समेत महागठबंधन के नेताओं ने पुलिस की बैरिकेडिंग पार कर आगे बढ़ने की कोशिश की। इस दौरान तेजस्वी यादव की सचिवालय एसडीपीओ अनु कुमारी से तीखी नोकझोंक भी हुई।

प्रदर्शन में VIP प्रमुख मुकेश सहनी, मीसा भारती समेत महागठबंधन के कई सांसद, विधायक और विधान पार्षद शामिल थे। विपक्षी नेताओं का कार्यक्रम मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ अपनी आपत्तियां दर्ज कराने के लिए राज्यपाल से मुलाकात का था।

दो बैरिकेडिंग पार कर आगे बढ़े तेजस्वी

प्रदर्शनकारियों को लोक भवन की ओर बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस ने रास्ते में कई बैरिकेडिंग लगाई थी। मौके पर करीब 5 से 6 फीट ऊंची बैरिकेडिंग के बीच तेजस्वी यादव आगे बढ़ते नजर आए।

तेजस्वी ने एक के बाद एक दो बैरिकेडिंग पार कर ली। इसके बाद सचिवालय एसडीपीओ अनु कुमारी ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। इसी दौरान दोनों के बीच तीखी बहस हुई। पुलिस द्वारा रोकने की कोशिश के बावजूद तेजस्वी यादव आगे बढ़ते रहे।

पुलिस वाहन के आसपास जुटे समर्थक

हंगामे के बीच पुलिस ने तेजस्वी यादव और मुकेश सहनी समेत कुछ नेताओं को वाहन में बैठा लिया। इसके बाद बड़ी संख्या में विपक्षी नेता और समर्थक पुलिस वाहन के आसपास जमा हो गए।

स्थिति उस समय और गरमा गई, जब कुछ विधायक और कार्यकर्ता पुलिस वाहन के बोनट और छत पर बैठ गए। बाद में तेजस्वी यादव ने खुद समर्थकों से वाहन के सामने से हटने की अपील की।

पूर्व विधायक ने लगाया पुलिस पर गंभीर आरोप

प्रदर्शन के दौरान माले के पूर्व विधायक अजीत कुशवाहा ने पुलिस पर बल प्रयोग का आरोप लगाया। उनका दावा है कि पुलिस ने उन्हें बैरिकेडिंग से नीचे सड़क पर पटक दिया, जिससे उनकी कमर में गंभीर चोट आई।

हालांकि, इस आरोप पर पुलिस की ओर से विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।

तेजस्वी और मुकेश सहनी को लोक भवन ले गई पुलिस

हंगामे के बाद पुलिस तेजस्वी यादव, मुकेश सहनी और अन्य विपक्षी नेताओं को वाहन से लोक भवन ले गई। विपक्षी नेताओं की योजना राज्यपाल से मुलाकात कर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपनी शिकायत और आपत्तियां दर्ज कराने की थी।

प्रदर्शन के दौरान बैरिकेडिंग पार करने, पुलिस से बहस और नेताओं को हिरासत में लिए जाने के बाद पटना में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। घटनाक्रम से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर भी चर्चा में हैं।

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