नई दिल्ली: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर कांग्रेस ने सोमवार को देशभर में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन किया। कांग्रेस ने उन पर चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मामलों में पारदर्शिता नहीं बरतने का आरोप लगाते हुए उन्हें पद से हटाने की मांग की।
दिल्ली समेत कई राज्यों में कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे। भारतीय युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने दिल्ली में प्रदर्शन करते हुए चुनाव आयोग के प्रति जवाबदेही और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग उठाई। कार्यकर्ता जंतर-मंतर की ओर मार्च करते हुए नारेबाजी और पोस्टर-बैनर के जरिए अपना विरोध दर्ज कराते नजर आए।
कई राज्यों में प्रदर्शन
कांग्रेस का यह विरोध प्रदर्शन दिल्ली तक सीमित नहीं रहा। राजस्थान, मध्य प्रदेश, तेलंगाना, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और मणिपुर समेत कई राज्यों में पार्टी कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किए। कुछ स्थानों पर मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ नारेबाजी और पुतला दहन भी किया गया।
कांग्रेस का आरोप है कि SIR की प्रक्रिया के दौरान पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने की आशंका है। पार्टी ने मांग की है कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हो तथा हर पात्र नागरिक को दावा और आपत्ति दर्ज कराने का पर्याप्त अवसर मिले।
चुनाव आयोग कार्यालय घेरने की कोशिश
दिल्ली में युवा कांग्रेस ने चुनाव आयोग कार्यालय का घेराव करने की घोषणा की थी। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ता जंतर-मंतर की ओर बढ़े और चुनाव आयोग से चुनावी प्रक्रिया में अधिक जवाबदेही की मांग की।
वहीं, देश के अलग-अलग हिस्सों में कांग्रेस नेताओं ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपने और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी उठाई। हिमाचल प्रदेश के ऊना में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रैली निकालकर डीसी कार्यालय तक मार्च किया और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।
SIR को लेकर कांग्रेस लगातार हमलावर
कांग्रेस लंबे समय से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठा रही है। पार्टी का कहना है कि मतदाता सूची लोकतंत्र की बुनियाद है और किसी भी पात्र मतदाता का नाम गलत तरीके से हटना उसके मतदान के अधिकार को प्रभावित कर सकता है।
कांग्रेस ने चुनाव आयोग से मतदाता सूची में किए जा रहे बदलावों को लेकर अधिक पारदर्शिता बरतने और राजनीतिक दलों तथा आम मतदाताओं की शिकायतों पर स्पष्ट जवाब देने की मांग की है।
आयोग ने आरोपों पर क्या कहा?
दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने अपने ऊपर लगाए जा रहे आरोपों को लेकर कहा है कि आयोग की प्रक्रिया में अलग-अलग राय और आपत्तियां संस्थागत checks and balances का हिस्सा हैं। आयोग का कहना है कि SIR से जुड़े अंतिम फैसले संबंधित आयुक्तों के बीच विचार-विमर्श के बाद लिए गए हैं।
फिलहाल कांग्रेस के देशव्यापी प्रदर्शन के बाद SIR और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर राजनीतिक टकराव और तेज होता दिखाई दे रहा है। अब नजर इस बात पर है कि कांग्रेस की ओर से उठाई गई मांगों और सौंपे गए ज्ञापनों पर आगे क्या कार्रवाई होती है।

