धनबाद: झारखंड विधानसभा की लोक लेखा समिति ने धनबाद में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर विकास योजनाओं की प्रगति और राजस्व वसूली की स्थिति का जायजा लिया। बैठक में विभिन्न विभागों के कार्यों की समीक्षा की गई। इस दौरान जल जीवन मिशन के तहत चल रही अधूरी योजनाओं को लेकर समिति ने नाराजगी जताई और काम में लापरवाही बरतने वाले संवेदकों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
अधूरी जल जीवन मिशन योजनाओं पर जताई नाराजगी
समीक्षा बैठक के दौरान जल जीवन मिशन के अंतर्गत संचालित योजनाओं की प्रगति पर विशेष चर्चा हुई। योजनाओं के अधूरे रहने को लेकर समिति ने संबंधित अधिकारियों से स्थिति की जानकारी ली। समिति ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों को निर्धारित समय पर पूरा करना जरूरी है, ताकि आम लोगों को योजनाओं का लाभ मिल सके।
समिति ने निर्देश दिया कि काम में लापरवाही बरतने वाले संवेदकों को ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई की जाए। साथ ही, अधूरे कार्यों को पूरा कराने के लिए जरूरत पड़ने पर नए संवेदकों को जिम्मेदारी सौंपी जाए। इसका उद्देश्य लंबित योजनाओं को जल्द पूरा कराना और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाना है।
विकास कार्यों और राजस्व वसूली की समीक्षा
बैठक में समिति ने विभिन्न विभागों के विकास कार्यों और राजस्व वसूली से संबंधित मामलों की भी समीक्षा की। अधिकारियों से योजनाओं की वर्तमान स्थिति, कार्यों में आ रही बाधाओं और निर्धारित लक्ष्यों की प्रगति के संबंध में जानकारी ली गई।
लोक लेखा समिति ने सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में जवाबदेही सुनिश्चित करने पर जोर दिया। समिति की समीक्षा का उद्देश्य सरकारी धन के उपयोग, विकास कार्यों की गुणवत्ता और विभागीय कार्यप्रणाली की स्थिति का आकलन करना रहा।
खनन क्षेत्रों का करेगी स्थलीय निरीक्षण
समीक्षा बैठक के बाद समिति के अगले कार्यक्रम में खनन क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण भी शामिल है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, समिति अगले दिन खनन क्षेत्रों में जाकर जमीनी स्थिति का जायजा लेगी।
इस निरीक्षण के दौरान संबंधित क्षेत्रों में संचालित गतिविधियों और विभागीय कार्यों की स्थिति को प्रत्यक्ष रूप से देखने का अवसर मिलेगा। हालांकि, निरीक्षण के निष्कर्षों और उसके आधार पर होने वाली कार्रवाई की जानकारी सामने आने के बाद ही स्थिति अधिक स्पष्ट होगी।
जवाबदेही तय करने पर जोर
धनबाद में हुई इस समीक्षा बैठक में अधूरी योजनाओं को समय पर पूरा कराने और लापरवाही के मामलों में जिम्मेदारी तय करने पर जोर दिया गया। जल जीवन मिशन की लंबित योजनाओं को लेकर दिए गए निर्देशों के बाद अब संबंधित विभागों की कार्रवाई पर नजर रहेगी। वहीं, खनन क्षेत्रों के प्रस्तावित निरीक्षण से भी महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आने की उम्मीद है।

