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Politics

108 एम्बुलेंस में बकरी लोड होने के वीडियो पर सियासी घमासान, इरफान अंसारी ने बताया बांग्लादेश का वीडियो

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Naveen Kumar
Editor & Correspondent at Global Awaaz
05:03 am| 8 October 2026| 5 min read|
108 एम्बुलेंस में बकरी लोड होने के वीडियो पर सियासी घमासान, इरफान अंसारी ने बताया बांग्लादेश का वीडियो

रांची। झारखंड में 108 एम्बुलेंस सेवा को लेकर एक कथित वीडियो सामने आने के बाद सियासी विवाद तेज हो गया है। वीडियो को लेकर विपक्ष की ओर से राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था और 108 एम्बुलेंस सेवा पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। वहीं, स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया है कि जिस वीडियो को झारखंड का बताकर प्रसारित किया जा रहा है, वह बांग्लादेश का वीडियो है।

‘एम्बुलेंस में मरीज नहीं, बकरी लोड हो रही है’

कथित वायरल वीडियो को लेकर विपक्ष की ओर से स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी पर तीखा हमला बोला गया। बयान में आरोप लगाया गया कि जिस 108 एम्बुलेंस का इस्तेमाल मरीजों को अस्पताल पहुंचाने के लिए होना चाहिए, उसमें मरीजों की जगह बकरियां लोड की जा रही हैं।

बयान में यह भी कहा गया कि जरूरतमंद मरीजों को एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में उन्हें कभी खटिया, कभी ठेला और कभी गोद में लेकर अस्पताल पहुंचाना पड़ता है। इसे लेकर राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था और 108 एम्बुलेंस के संचालन पर सवाल उठाए गए।

108 एम्बुलेंस व्यवस्था पर उठे सवाल

108 एम्बुलेंस सेवा का उद्देश्य आपात स्थिति में मरीजों को तत्काल अस्पताल तक पहुंचाना है। ऐसे में यदि किसी एम्बुलेंस का इस्तेमाल मरीजों के बजाय किसी अन्य कार्य के लिए किया जाता है, तो यह व्यवस्था की निगरानी और जवाबदेही को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर सकता है।

विपक्ष की ओर से इसी मुद्दे को उठाते हुए सरकार से पूछा गया कि यदि जरूरतमंद मरीजों को समय पर एम्बुलेंस नहीं मिल रही है, तो इसके लिए जिम्मेदार कौन है और एम्बुलेंस के इस्तेमाल की निगरानी किस स्तर पर की जा रही है।

इरफान अंसारी ने आरोपों को बताया भ्रामक

वहीं, स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने वायरल वीडियो को लेकर विपक्ष पर पलटवार किया। उनके बयान के मुताबिक, सोशल मीडिया पर बांग्लादेश के वीडियो को झारखंड का बताकर सरकार और राज्य को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है।

इरफान अंसारी ने कहा कि उनकी सरकार स्वास्थ्य व्यवस्था को सुधारने के लिए काम कर रही है। उन्होंने भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी को संबोधित करते हुए अपने बयान में कहा कि वे अपने नेता को सुधारें और यदि उनसे ऐसा नहीं हो पा रहा है तो उन्हें बताएं, वह खुद सुधार देंगे।

स्वास्थ्य मंत्री ने अपने बयान में वीडियो को झारखंड से जोड़कर प्रसारित किए जाने पर आपत्ति जताई और इसे गलत सूचना के तौर पर पेश किया।

वीडियो की सत्यता बनी विवाद का केंद्र

इस पूरे मामले में अब सबसे बड़ा सवाल वायरल वीडियो की वास्तविकता को लेकर है। विपक्ष जहां वीडियो को झारखंड की 108 एम्बुलेंस व्यवस्था से जोड़कर सरकार पर सवाल उठा रहा है, वहीं स्वास्थ्य मंत्री इसे बांग्लादेश का वीडियो बता रहे हैं।

ऐसे में वीडियो की तारीख, स्थान, एम्बुलेंस की पहचान और वीडियो के वास्तविक स्रोत की स्वतंत्र पुष्टि महत्वपूर्ण हो जाती है। इन तथ्यों की आधिकारिक जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वीडियो वास्तव में झारखंड का है या किसी अन्य स्थान का।

राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच स्वास्थ्य व्यवस्था पर चर्चा

108 एम्बुलेंस सेवा झारखंड के ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में मरीजों के लिए महत्वपूर्ण आपातकालीन सेवा है। इसलिए इस तरह के वीडियो और दावों को लेकर उठे विवाद का तथ्यात्मक रूप से स्पष्ट होना जरूरी है।

फिलहाल, मामले में दोनों पक्षों के दावे सामने हैं। विपक्ष ने वीडियो के आधार पर 108 एम्बुलेंस सेवा और स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं, जबकि स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने वीडियो को बांग्लादेश का बताते हुए आरोपों को खारिज किया है।

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