रांची: रविवार को रांची रेलवे स्टेशन स्थित वीआईपी गेट के पास स्वर्गीय उदय शंकर ओझा की दसवीं पुण्यतिथि मनाई गई। इस अवसर पर कार्यक्रम का आयोजन करते हुए रांची रेलवे स्टेशन पर काम करने वाले मजदूरों के बीच भोजन का वितरण किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मजदूरों और सामाजिक एवं राजनीतिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने हिस्सा लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत स्वर्गीय उदय शंकर ओझा के चित्र पर श्रद्धा-सुमन अर्पित कर की गई। कोयलांचल स्टील कामगार यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष दीपेश पाठक बाबा ने मजदूरों के साथ उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उपस्थित लोगों ने स्वर्गीय उदय शंकर ओझा के योगदान को याद किया और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
मजदूरों के बीच कराया गया भोजन
पुण्यतिथि के अवसर पर रांची रेलवे स्टेशन पर मौजूद मजदूरों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई। कार्यक्रम में शामिल लोगों ने मजदूरों के बीच भोजन परोसा और उनके साथ समय बिताया। आयोजकों ने कहा कि स्वर्गीय उदय शंकर ओझा का मजदूरों के प्रति विशेष लगाव रहा था। इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए पुण्यतिथि पर मजदूरों को भोजन कराया गया।
इस दौरान कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने कहा कि समाज में मेहनतकश मजदूरों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। मजदूर दिन-रात मेहनत कर शहर और व्यवस्था को आगे बढ़ाने में अपना योगदान देते हैं। ऐसे में उनके सम्मान और जरूरत के समय उनके साथ खड़ा होना समाज की जिम्मेदारी है।
कई लोग रहे मौजूद
कार्यक्रम में रांची महानगर कांग्रेस के उपाध्यक्ष अरुण चावला, प्रशांत गौरव, संजीव महतो, दहेज मुक्त झारखंड के राष्ट्रीय महासचिव माखन पाठक, विकास सिंह, महेश राय, शशि बादल, आयुष कुमार, इंदर यादव, अनूप कुमार मेहता, रॉकी साहू, सुमित और रवींद्र कुमार समेत कई लोग मौजूद रहे।
इसके अलावा रांची रेलवे स्टेशन पर काम करने वाले कई मजदूर भी कार्यक्रम में शामिल हुए। सभी ने स्वर्गीय उदय शंकर ओझा के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
बताए मार्ग पर चलने का लिया संकल्प
पुण्यतिथि कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने स्वर्गीय उदय शंकर ओझा के जीवन और उनके विचारों को याद किया। लोगों ने उनके बताए मार्ग पर चलने और मजदूरों के हित एवं सम्मान के लिए काम करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के अंत में “स्वर्गीय उदय शंकर ओझा अमर रहें” और “मजदूर एकता जिंदाबाद” के नारे लगाए गए। इस दौरान पूरा परिसर नारों से गूंज उठा।
आयोजकों के अनुसार, पुण्यतिथि के माध्यम से स्वर्गीय उदय शंकर ओझा की स्मृतियों को याद करने के साथ-साथ मजदूरों के प्रति सम्मान और सामाजिक एकजुटता का संदेश देने का प्रयास किया गया।

