रांची: राजधानी रांची में HEC की जमीन से अतिक्रमण हटाने को लेकर चल रही प्रशासनिक कार्रवाई पर फिलहाल ब्रेक लग गया है। झारखंड हाईकोर्ट के आदेश के बाद HEC बाइपास रोड और आसपास के इलाकों में चल रहा अतिक्रमण हटाओ अभियान दिसंबर तक रोक दिया गया है। अदालत के इस आदेश से कार्रवाई की जद में आए स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है।
पिछले तीन दिनों से HEC की जमीन पर कथित अतिक्रमण हटाने के लिए प्रशासन की टीम अभियान चला रही थी। कार्रवाई के दौरान कई कच्चे और पक्के निर्माणों को हटाया गया। मौके पर करीब 10 बुलडोजर के साथ बड़ी संख्या में प्रशासनिक अधिकारी, इंफोर्समेंट टीम और पुलिस बल तैनात किया गया था।
कार्रवाई के विरोध में सड़क पर उतरे थे लोग
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू होने के बाद स्थानीय लोगों में काफी नाराजगी देखी गई। कई परिवारों को अपने घरों के टूटने की आशंका थी। इसके चलते कुछ लोगों ने पहले ही घर का सामान बाहर निकालना शुरू कर दिया था। अभियान के विरोध में स्थानीय लोगों ने सड़क जाम कर अपना विरोध भी जताया था।
प्रशासन की कार्रवाई के दौरान इलाके में तनाव की स्थिति भी बनी रही। स्थानीय लोगों की मांग थी कि उन्हें अपने सामान और परिवार को व्यवस्थित करने के लिए पर्याप्त समय दिया जाए।
हाईकोर्ट के आदेश से फिलहाल मिली राहत
मामले में हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद प्रशासन को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई रोकनी पड़ी। अदालत ने फिलहाल दिसंबर तक कार्रवाई पर रोक लगाई है। रिपोर्टों के मुताबिक बच्चों की परीक्षाओं और आगामी त्योहारों को देखते हुए प्रभावित लोगों को समय देने की जरूरत पर अदालत ने ध्यान दिया।
अदालत के आदेश के बाद मौके पर चल रही बुलडोजर कार्रवाई रोक दी गई और प्रशासनिक टीम को वापस लौटना पड़ा। स्थानीय लोगों ने इसके बाद अपने घरों से बाहर निकाला गया सामान दोबारा अंदर रखना शुरू कर दिया।
अब आगे क्या होगा?
फिलहाल दिसंबर तक HEC की जमीन पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई आगे नहीं बढ़ाई जाएगी। प्रभावित लोगों को इस अवधि में अपने स्तर पर आगे की व्यवस्था करने का समय मिला है। इसके बाद मामले में अदालत के निर्देश और प्रशासन की अगली कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।
गौरतलब है कि HEC की जमीन पर कथित अवैध कब्जे और निर्माण को हटाने के लिए जिला प्रशासन ने अभियान शुरू किया था। कार्रवाई को लेकर स्थानीय लोगों और प्रशासन के बीच पहले से ही विवाद की स्थिति बनी हुई थी। अब हाईकोर्ट के आदेश से फिलहाल टकराव की स्थिति टल गई है और प्रभावित परिवारों को कुछ समय के लिए राहत मिली है।

