रांची: झारखंड की राजधानी रांची में बुधवार, 9 सितंबर की शाम एक बड़ा हादसा हो गया। कोतवाली थाना क्षेत्र में पुरानी पानी की टंकी के ढांचे को तोड़ने के दौरान अचानक जलमीनार भरभराकर गिर गई। हादसे में मलबे की चपेट में आने से दो मजदूरों की मौत हो गई। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और पुलिस, जिला प्रशासन, नगर निगम तथा एनडीआरएफ की टीम ने राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया।
जिला स्कूल परिसर में हुआ हादसा
जानकारी के मुताबिक, हादसा रांची के कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित जिला स्कूल परिसर के पास हुआ। यहां पुरानी और जर्जर जलमीनार को हटाकर नई पानी की टंकी के लिए ढांचा तैयार किया जाना था। इसी क्रम में मजदूर पुराने ढांचे को तोड़ने का काम कर रहे थे।
बुधवार शाम करीब 5:30 से 6 बजे के बीच जलमीनार के ढांचे को तोड़ने के दौरान अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया और भारी-भरकम संरचना नीचे आ गिरी। उस समय वहां कई मजदूर काम कर रहे थे। हादसे में दो मजदूर मलबे के नीचे दब गए, जबकि अन्य मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
मलबे में दबे दो मजदूरों की मौत
हादसे के बाद बचाव दल ने तुरंत मलबा हटाने का काम शुरू किया। शुरुआत में एक मजदूर का शव मलबे से बरामद कर लिया गया था, जबकि दूसरा मजदूर मलबे के नीचे फंसा हुआ था। दूसरे मजदूर को निकालने के लिए कई घंटे तक अभियान चलाया गया।
मलबा भारी होने के कारण बचाव दल को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। जेसीबी और अन्य मशीनों की मदद से मलबा हटाया गया। देर रात करीब 10:30 बजे दूसरे मजदूर का शव भी बाहर निकाला जा सका। इसके साथ ही हादसे में मरने वाले मजदूरों की संख्या दो हो गई।
मृतकों की हुई पहचान
रिपोर्टों के अनुसार मृतकों की पहचान 25 वर्षीय सत्या भुइयां और 42 वर्षीय मैथली शरण महतो के रूप में हुई है। दोनों मजदूर पलामू जिले के रहने वाले बताए गए हैं। हादसे के बाद दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए रिम्स भेजा गया।
एनडीआरएफ और प्रशासन ने संभाला मोर्चा
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। रांची नगर निगम की टीम को भी राहत एवं बचाव कार्य के लिए बुलाया गया। मलबा हटाने के लिए जेसीबी और पोकलेन मशीनों का इस्तेमाल किया गया।
हादसे की गंभीरता को देखते हुए एनडीआरएफ की टीम ने भी मौके पर पहुंचकर बचाव अभियान संभाला। टीम ने मलबे में फंसे मजदूर की तलाश की और देर रात दूसरे शव को भी बाहर निकाल लिया।
पिलर की सरिया काटने के दौरान बिगड़ा संतुलन
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, पुरानी जलमीनार को तोड़ने का काम चल रहा था। कुछ रिपोर्टों में बताया गया है कि मजदूर जलमीनार के पिलर में लगी लोहे की सरिया को काट रहे थे। सरिया काटे जाने के बाद ढांचे का संतुलन बिगड़ने की आशंका जताई गई है, जिसके बाद पूरी संरचना अचानक गिर गई।
हालांकि, हादसे की वास्तविक वजह क्या थी, इसकी आधिकारिक जांच अभी महत्वपूर्ण है। प्रशासन ने घटना की जांच के लिए कमेटी गठित की है। जांच में निर्माण ढांचे की स्थिति, उसे गिराने के दौरान अपनाई गई प्रक्रिया और मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था समेत अन्य पहलुओं की समीक्षा की जाएगी।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
हादसे के बाद निर्माण और पुराने ढांचे को गिराने के दौरान मजदूरों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। जर्जर जलमीनार को गिराने के दौरान क्या पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम किए गए थे और मजदूरों को सुरक्षित दूरी पर रखा गया था या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है।
जिला प्रशासन की ओर से हादसे के कारणों की जांच के साथ-साथ मृत मजदूरों के परिजनों को नियमानुसार सहायता और मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया पर भी काम किए जाने की बात सामने आई है।
हादसे ने दो परिवारों को गहरा सदमा दिया
रांची में हुए इस हादसे ने दो परिवारों से उनके कमाने वाले सदस्य छीन लिए। घटना के बाद मृतकों के परिवारों में मातम पसरा हुआ है। प्रशासन की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि जलमीनार गिरने के पीछे तकनीकी कारण क्या था और निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का कितना पालन किया गया था।

