बोकारो: मोबाइल पर आने वाली संदिग्ध APK फाइलें अब बोकारो में साइबर ठगी का बड़ा जरिया बनती जा रही हैं। पुलिस की अपराध समीक्षा में सामने आया है कि जिले में दर्ज साइबर ठगी के 60 फीसदी से ज्यादा मामले APK फाइल से जुड़े हैं। इसके बाद पुलिस ने लोगों को इस तरह के साइबर फ्रॉड से बचाने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है।
बुधवार देर रात बालीडीह थाना परिसर में मुख्यालय डीएसपी पवन कुमार की अध्यक्षता में पुलिस अधिकारियों की मासिक अपराध समीक्षा बैठक हुई। इस दौरान साइबर अपराध के बदलते तरीकों से लेकर लंबित मामलों, अपराधियों की गिरफ्तारी और कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
मोबाइल में APK इंस्टॉल करना पड़ सकता है भारी
पुलिस के मुताबिक साइबर अपराधी अलग-अलग बहानों से लोगों के मोबाइल पर APK फाइल भेज रहे हैं। कई बार इन्हें किसी जरूरी एप, दस्तावेज, नौकरी, बैंकिंग सेवा या अन्य ऑनलाइन सुविधा से जोड़कर डाउनलोड करने के लिए कहा जाता है।
ऐसी फाइल को मोबाइल में इंस्टॉल करने के बाद साइबर अपराधियों को डिवाइस की संवेदनशील जानकारी तक पहुंच मिलने का खतरा रहता है। बैंकिंग डिटेल, ओटीपी और अन्य निजी जानकारी का दुरुपयोग कर ठगी की जा सकती है।
इसी खतरे को देखते हुए पुलिस लोगों के बीच यह संदेश पहुंचाएगी कि किसी अनजान नंबर या संदिग्ध स्रोत से मिली APK फाइल को डाउनलोड या इंस्टॉल नहीं करें।
प्रमुख जगहों पर लगाए जाएंगे साइबर सुरक्षा के पोस्टर
जागरूकता अभियान को केवल सोशल मीडिया तक सीमित रखने के बजाय पुलिस शहर के सार्वजनिक और प्रमुख स्थानों पर बैनर-पोस्टर लगाएगी। इन माध्यमों से लोगों को APK फाइल, संदिग्ध लिंक और साइबर ठगी के दूसरे तरीकों को लेकर सतर्क किया जाएगा।
पुलिस का मानना है कि तकनीकी कार्रवाई के साथ-साथ आम लोगों की सतर्कता भी साइबर अपराध रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
लंबित कांडों के निपटारे पर भी पुलिस का फोकस
अपराध समीक्षा बैठक में साइबर मामलों के अलावा लंबित कांडों की स्थिति पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों को मामलों की जांच में तेजी लाने और तय समय-सीमा के भीतर उनके निष्पादन की दिशा में काम करने को कहा गया।
60 और 90 दिनों में मामलों के निष्पादन को लेकर भी कार्ययोजना पर चर्चा हुई। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और आपराधिक गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए गए।
पुलिस अधिकारियों को अनुसंधान की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के साथ पीड़ितों के साथ संवेदनशील और बेहतर व्यवहार सुनिश्चित करने को भी कहा गया।
नशे और जुए के खिलाफ अभियान तेज करने का निर्देश
बैठक में अवैध शराब, नशीले पदार्थों और जुआ जैसी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण को लेकर भी अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए गए। पुलिस को ऐसे मामलों में लगातार कार्रवाई करने और संवेदनशील क्षेत्रों पर निगरानी बढ़ाने को कहा गया।
इसके अलावा सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए आवश्यक कदम उठाने तथा न्यायालय से जुड़े मामलों के त्वरित निष्पादन पर भी जोर दिया गया।
अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने पर जोर
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि अपराध नियंत्रण और लंबित मामलों के निष्पादन को लेकर दिए गए निर्देशों की आगे नियमित समीक्षा की जाएगी। काम में लापरवाही सामने आने पर संबंधित स्तर पर कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में बालीडीह इंस्पेक्टर जितेंद्र कुमार, माराफारी इंस्पेक्टर संजय कुमार, साइबर थाना प्रभारी एवं बालीडीह ओपी प्रभारी आनंद आजाद सहित एक दर्जन से अधिक अनुसंधानकर्ता मौजूद रहे।
साइबर ठगी से बचने के लिए जरूरी सावधानियां
अनजान नंबर से आई APK फाइल इंस्टॉल न करें।
संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें।
मोबाइल में एप केवल भरोसेमंद और आधिकारिक स्रोत से ही इंस्टॉल करें।
किसी के साथ OTP, PIN या बैंकिंग पासवर्ड साझा न करें।
संदिग्ध गतिविधि होने पर तुरंत संबंधित बैंक और साइबर अपराध हेल्पलाइन को सूचना दें।

