रांची, झारखंड: झारखंड में CNT एक्ट के तहत आने वाली जमीन को लेकर एक बार फिर विवाद सामने आया है। स्थानीय ग्रामीणों ने संबंधित जमीन पर अपना अधिकार होने का दावा करते हुए पुलिस प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि जमीन से जुड़े मामले में निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन किए बिना पुलिस की ओर से हस्तक्षेप किया गया।
ग्रामीणों ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
ग्रामीणों के अनुसार, विवादित जमीन CNT एक्ट के दायरे में आती है और ऐसे मामलों में जमीन से संबंधित दस्तावेजों की जांच तथा अंचल स्तर पर आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जानी चाहिए।
ग्रामीणों का आरोप है कि जमीन विवाद के मामले में पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचा, जबकि उनके अनुसार पहले अंचल अधिकारी (CO) की रिपोर्ट और संबंधित कानूनी प्रक्रिया पूरी की जानी चाहिए थी। ग्रामीणों ने पुलिस की भूमिका को लेकर प्रशासन से स्पष्टीकरण की मांग की है।
थाना प्रभारी पर लगाए गंभीर आरोप
ग्रामीणों ने संबंधित थाना प्रभारी पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि मौके पर उनके साथ कथित तौर पर धमकी भरे तरीके से व्यवहार किया गया। ग्रामीणों ने थाना प्रभारी पर शराब के नशे में होने का भी आरोप लगाया है।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस प्रशासन या संबंधित थाना प्रभारी की ओर से इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
निष्पक्ष जांच की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि विवादित जमीन के सभी दस्तावेजों की जांच की जाए और CNT एक्ट के प्रावधानों के अनुसार मामले में उचित कार्रवाई की जाए।
ग्रामीणों ने यह भी मांग की है कि अंचल अधिकारी की रिपोर्ट और भूमि से संबंधित रिकॉर्ड के आधार पर ही आगे की प्रक्रिया तय की जाए, ताकि जमीन विवाद को लेकर किसी प्रकार का तनाव उत्पन्न न हो।
प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार
मामले को लेकर अब ग्रामीणों की शिकायत और आरोपों पर प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार है। जमीन के स्वामित्व, CNT एक्ट के प्रावधानों और पुलिस की कार्रवाई से जुड़े तथ्यों की जांच के बाद ही विवाद की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
नोट: यह रिपोर्ट ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों और उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित थाना प्रभारी एवं पुलिस प्रशासन का पक्ष प्राप्त होने पर खबर को अपडेट किया जा सकता है।

