इस्लामाबाद: पाकिस्तान में सिख धर्म के प्रमुख धार्मिक स्थलों करतारपुर साहिब और ननकाना साहिब के बीच सड़क संपर्क बेहतर बनाने की योजना सामने आई है। इसके तहत ‘गुरु नानक एक्सप्रेस-वे’ परियोजना पर काम करने की तैयारी की जा रही है। इस परियोजना के लिए पाकिस्तान की ओर से विदेशों में बसे सिख समुदाय से निवेश जुटाने की अपील की जा रही है।
दो प्रमुख धार्मिक स्थलों को जोड़ने की योजना
करतारपुर साहिब और ननकाना साहिब सिख धर्म के अनुयायियों के लिए विशेष धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व रखते हैं। करतारपुर साहिब का संबंध गुरु नानक देव जी के जीवन के अंतिम वर्षों से है, जबकि ननकाना साहिब को उनका जन्मस्थान माना जाता है।
इन दोनों स्थलों के बीच बेहतर सड़क संपर्क विकसित होने से श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुविधाजनक बनाने में मदद मिल सकती है। साथ ही, क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना भी है।
विदेशी सिख समुदाय से निवेश जुटाने की कोशिश
‘गुरु नानक एक्सप्रेस-वे’ परियोजना के लिए विदेशों में रहने वाले सिख समुदाय से आर्थिक सहयोग और निवेश जुटाने पर जोर दिया जा रहा है। पाकिस्तान में इस परियोजना को धार्मिक पर्यटन और बुनियादी ढांचे के विकास से जोड़कर देखा जा रहा है।
विदेशों में बसे सिख समुदाय की धार्मिक स्थलों से गहरी आस्था जुड़ी हुई है। ऐसे में निवेश की अपील के जरिए परियोजना के लिए संसाधन जुटाने की कोशिश की जा रही है।
धार्मिक पर्यटन को मिल सकता है बढ़ावा
यदि यह परियोजना योजना के मुताबिक आगे बढ़ती है, तो दोनों प्रमुख धार्मिक स्थलों के बीच यात्रा अधिक सुविधाजनक हो सकती है। इससे श्रद्धालुओं के साथ-साथ पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने और आसपास के क्षेत्रों में व्यापार एवं पर्यटन से जुड़ी गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।
हालांकि, परियोजना की अनुमानित लागत, निर्माण शुरू होने की तारीख, एक्सप्रेस-वे की लंबाई और इसे पूरा करने की समय-सीमा से संबंधित विस्तृत जानकारी की आधिकारिक पुष्टि आवश्यक है। फिलहाल, इस योजना का प्रमुख उद्देश्य करतारपुर साहिब और ननकाना साहिब के बीच संपर्क बेहतर करना और इसके लिए निवेश जुटाना बताया जा रहा है।

