बाघमारा/धनबाद: BCCL की तिलाटांड़ कॉलोनी में एक दो मंजिला क्वार्टर में आग लगने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आग लगने के बाद स्थानीय लोगों और युवाओं ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाने की कोशिश की। स्थानीय लोगों की सक्रियता से आग को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सका।
घटना के बाद इलाके में दमकल की उपलब्धता और आग बुझाने की आपात व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर आग ने विकराल रूप ले लिया होता, तो स्थिति काफी गंभीर हो सकती थी।
स्थानीय युवाओं ने संभाला मोर्चा
आग लगने की सूचना मिलते ही स्थानीय युवक और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। लोगों ने अपनी क्षमता के अनुसार आग पर काबू पाने का प्रयास किया। स्थानीय लोगों की मेहनत और तत्परता से आग को फैलने से रोकने में मदद मिली।
घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि औद्योगिक और आवासीय क्षेत्रों में आग जैसी आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हैं या नहीं।
दमकल के पहुंचने में देरी का आरोप
स्थानीय लोगों ने दमकल की गाड़ी के मौके पर पहुंचने में कथित देरी को लेकर चिंता जताई है। लोगों का कहना है कि आग अगर कुछ और देर तक तेजी से फैलती रहती, तो आसपास के क्वार्टर भी इसकी चपेट में आ सकते थे।
स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से यह सुनिश्चित करने की मांग की है कि भविष्य में ऐसी किसी घटना के दौरान दमकल की टीम कम से कम समय में मौके पर पहुंच सके।
बाघमारा में फायर स्टेशन की मांग
घटना के बाद बाघमारा क्षेत्र में स्थायी फायर स्टेशन स्थापित करने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ती दिखाई दे रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से फायर स्टेशन की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
निवासियों के मुताबिक, बाघमारा जैसे बड़े क्षेत्र में आग लगने की घटनाओं से निपटने के लिए स्थानीय स्तर पर दमकल की स्थायी व्यवस्था जरूरी है। इसके लिए जिला प्रशासन से कई बार मांग किए जाने की बात भी सामने आई है।
वर्षों पुरानी मांग पर प्रशासन से जवाब की मांग
स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया है कि यदि क्षेत्र में लंबे समय से फायर स्टेशन की मांग की जा रही है, तो अब तक इस दिशा में ठोस कदम क्यों नहीं उठाया गया।
लोगों का कहना है कि आग लगने की घटनाएं अचानक होती हैं और ऐसे समय में दूर स्थित दमकल केंद्रों पर निर्भर रहना जोखिम भरा हो सकता है। इसलिए बाघमारा क्षेत्र में स्थायी अग्निशमन केंद्र की स्थापना को प्राथमिकता देने की मांग की गई है।
फिलहाल आग से हुए नुकसान का विस्तृत आकलन सामने नहीं आया है। साथ ही, दमकल के पहुंचने में देरी को लेकर प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है। मामले में प्रशासन का पक्ष सामने आने के बाद खबर को अपडेट किया जा सकता है।
नोट: यह रिपोर्ट उपलब्ध जानकारी और स्थानीय लोगों द्वारा उठाए गए मुद्दों पर आधारित है। दमकल की देरी तथा प्रशासन से संबंधित आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

