पटना: बिहार में बाढ़ की स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है। राज्य के कई हिस्सों में गंगा समेत प्रमुख नदियों का जलस्तर चिंता का कारण बना हुआ है। ताजा सरकारी आंकड़ों के मुताबिक बिहार के 15 जिलों में करीब 50 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। प्रभावित जिलों में पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा और अररिया शामिल हैं।
गंगा समेत कई नदियां बनी चिंता का कारण
बिहार में बाढ़ की स्थिति बिगड़ने के पीछे लगातार बारिश और ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों से आने वाले पानी को प्रमुख कारण माना जा रहा है। गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी ने कई इलाकों में बाढ़ का संकट बढ़ाया है। इससे निचले इलाकों और नदी किनारे बसे गांवों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
सितंबर की शुरुआत से ही गंगा, कोसी, गंडक, बूढ़ी गंडक, पुनपुन, बागमती और घाघरा जैसी नदियां कई स्थानों पर खतरे के निशान के ऊपर बहती रही हैं। हालांकि कुछ इलाकों में जलस्तर में धीरे-धीरे कमी भी दर्ज की जा रही है, लेकिन कई स्थानों पर खतरा अभी टला नहीं है।
13 राहत शिविर और 1,000 से ज्यादा सामुदायिक रसोई
बाढ़ प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने के लिए प्रशासन ने अभियान तेज कर दिया है। ताजा जानकारी के अनुसार 13 राहत शिविर संचालित किए जा रहे हैं, जबकि 1,000 से अधिक सामुदायिक रसोई के जरिए लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रभावित क्षेत्रों में करीब 1,800 नावों का संचालन भी किया जा रहा है।
इससे पहले राहत अभियान के दौरान हजारों लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया गया था। बड़ी संख्या में सूखा राशन, पॉलीथिन शीट और पशु चारा भी प्रभावित परिवारों तक पहुंचाया गया है। NDRF और SDRF की टीमें भी बचाव एवं राहत कार्यों में लगी हुई हैं।
फसल और संपत्ति को भारी नुकसान
लंबे समय तक जलजमाव रहने से खेतों में लगी फसलों को भी भारी नुकसान की आशंका है। कई इलाकों में घरों, सड़कों और स्थानीय बुनियादी ढांचे पर भी बाढ़ का असर पड़ा है। सरकार की ओर से नुकसान का आकलन किया जा रहा है और प्रभावित किसानों तथा परिवारों को सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया जारी है।
केंद्र से भी मदद का भरोसा
बिहार में बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार ने राज्य को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया है। केंद्र की टीम ने प्रभावित इलाकों का दौरा कर स्थिति और नुकसान का जायजा लिया है। राहत और पुनर्वास के लिए राज्य और केंद्र के स्तर पर समन्वय से काम किया जा रहा है।
बारिश को लेकर भी सतर्कता
बाढ़ के बीच मौसम विभाग ने बिहार समेत कई राज्यों में बारिश और तेज हवाओं की संभावना को लेकर चेतावनी जारी की है। ऐसे में प्रशासन को संवेदनशील इलाकों में निगरानी बनाए रखने और लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
फिलहाल क्या है स्थिति?
बिहार में बाढ़ का पानी कई इलाकों में धीरे-धीरे घटने के संकेत दे रहा है, लेकिन करीब 50 लाख लोगों के प्रभावित होने और कई नदियों के अब भी खतरे के निशान के आसपास या ऊपर रहने के कारण स्थिति को सामान्य नहीं माना जा सकता। प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित लोगों तक भोजन, पेयजल, चिकित्सा सुविधा और अन्य जरूरी राहत सामग्री पहुंचाना है।

