रांची: एसआईआर-2026 के तहत झारखंड में मतदाता सूची से अब तक छूटे पात्र भारतीय नागरिकों को नाम दर्ज कराने में मदद देने के लिए निर्वाचन विभाग ने विशेष अभियान की घोषणा की है। 10 अक्टूबर 2026 को राज्य के सभी मतदान केंद्रों पर मेगा हेल्प डेस्क लगाया जाएगा, जबकि 12 से 16 अक्टूबर तक विशेष आउटरीच अभियान चलाया जाएगा।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि अभियान के दौरान कमजोर और वंचित वर्गों तक विशेष रूप से पहुंच बनाकर उन्हें मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने की प्रक्रिया में आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाए।
मेगा हेल्प डेस्क में लंबित मामलों का होगा समाधान
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने गुरुवार को सभी जिलों के जिला सामाजिक सुरक्षा/समाज कल्याण पदाधिकारियों और उप निर्वाचन पदाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक की।
उन्होंने निर्देश दिया कि 10 अक्टूबर के मेगा हेल्प डेस्क पर एसआईआर से जुड़े लंबित मामलों के साथ-साथ No Mapping और Anomalies से संबंधित मामलों में पात्र नागरिकों को जरूरी जानकारी और सहायता दी जाए।
उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रक्रिया की जानकारी या तकनीकी समस्या के कारण कोई पात्र नागरिक मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से वंचित न रह जाए।
BLA-2 की भागीदारी सुनिश्चित करने का निर्देश
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के साथ बैठक कर BLA-2 (Booth Level Agent-2) की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा है।
BLA-2 अपने क्षेत्र के ऐसे मतदाताओं की समस्याओं को बीएलओ के साथ होने वाली बैठक में रख सकेंगे, जिन्हें मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने या एसआईआर से जुड़ी प्रक्रिया में सहायता की आवश्यकता है। निर्वाचन अधिकारियों और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के बीच समन्वय के जरिए पात्र मतदाताओं की समस्याओं के समाधान पर जोर दिया जाएगा।
12 से 16 अक्टूबर तक घर-घर पहुंचेगा प्रशासन
निर्वाचन विभाग की ओर से 12 से 16 अक्टूबर 2026 तक विशेष आउटरीच अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान बीएलओ और संबंधित पदाधिकारी ऐसे लोगों तक स्वयं पहुंचेंगे, जिन्हें मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए अतिरिक्त सहायता की जरूरत है।
अभियान में विशेष रूप से इन वर्गों पर ध्यान दिया जाएगा:
वृद्धजन
दिव्यांगजन
ट्रांसजेंडर नागरिक
सेक्स वर्कर
अन्य कमजोर एवं वंचित वर्ग
ऐसे पात्र नागरिक जिन्हें दस्तावेज या सत्यापन में सहायता की जरूरत है
अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि इन नागरिकों को आवश्यक दस्तावेज, सत्यापन और मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने की प्रक्रिया के संबंध में सहयोग दिया जाए।
वृद्धाश्रम और आश्रयगृहों में भी पहुंचेगी टीम
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने वृद्धाश्रम, आश्रयगृह, शक्ति सदन, अनाथालय और अन्य संस्थानों में रहने वाले पात्र नागरिकों तक भी अभियान की पहुंच सुनिश्चित करने को कहा है।
उन्होंने जिला सामाजिक सुरक्षा विभाग और निर्वाचन विभाग को आपसी समन्वय से काम करने का निर्देश दिया। जरूरत पड़ने पर पात्र नागरिकों को प्रमाण-पत्र, घोषणा-पत्र और अन्य आवश्यक प्रक्रियाओं में भी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
SIR-2026 का उद्देश्य क्या है?
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के अनुसार, एसआईआर-2026 का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक त्रुटिरहित बनाना है। इसके तहत एक ओर यह सुनिश्चित किया जाना है कि कोई भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची से बाहर न रहे, वहीं दूसरी ओर अपात्र या विदेशी व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में शामिल न हो।
निर्वाचन विभाग ने पात्र नागरिकों से इन विशेष अभियानों का लाभ उठाने और मतदाता सूची से संबंधित अपनी समस्याओं का समाधान कराने की अपील की है।
बैठक में अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुबोध कुमार, राज्य ट्रेनिंग नोडल पदाधिकारी देव दास दत्ता, उप निर्वाचन पदाधिकारी धीरज ठाकुर समेत सभी जिलों के सामाजिक सुरक्षा/समाज कल्याण पदाधिकारी, उप निर्वाचन पदाधिकारी और निर्वाचन से जुड़े अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

