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एमिटी यूनिवर्सिटी के बाहर विधायक के बेटे से मारपीट, कुछ देर बाद सकुशल बरामद; शराब सेवन की भी जांच

एलजेपीआरवी विधायक जनार्दन पासवान के पुत्र सौरभ पासवान

नवीन कुमार
Editor & Correspondent at Global Awaaz
02:46 am| 8 September 2026| 5 min read|
एमिटी यूनिवर्सिटी के बाहर विधायक के बेटे से मारपीट, कुछ देर बाद सकुशल बरामद; शराब सेवन की भी जांच

रांची में चतरा विधायक जनार्दन पासवान के बेटे सौरभ पासवान से जुड़ी घटना के बाद मचा हड़कंप, पुलिस ने करीब डेढ़ से दो घंटे के भीतर किया बरामद; छात्रों के दो गुटों के विवाद की बात सामने आई

रांची: राजधानी रांची में चतरा से लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के विधायक जनार्दन पासवान के बेटे सौरभ पासवान से जुड़ी एक घटना के बाद पुलिस महकमे में हलचल मच गई। सौरभ पासवान रांची स्थित एमिटी यूनिवर्सिटी में लॉ के छात्र हैं। सोमवार को यूनिवर्सिटी के मुख्य गेट के पास उनके साथ मारपीट किए जाने और इसके बाद कुछ युवकों द्वारा उन्हें जबरन वाहन में बैठाकर ले जाने की सूचना पुलिस को मिली। घटना की जानकारी मिलते ही रांची पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की और सौरभ को सकुशल बरामद कर लिया।

शुरुआत में घटना को अपहरण से जोड़कर देखा गया। परिजनों की ओर से पुलिस को बताया गया कि यूनिवर्सिटी के बाहर सौरभ के साथ मारपीट की गई और इसके बाद कुछ लोग उन्हें गाड़ी में बैठाकर अपने साथ ले गए। मामला विधायक के बेटे से जुड़ा होने के कारण पुलिस ने इसे गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच और सर्च ऑपरेशन शुरू किया।

छात्रों के दो गुटों में विवाद के बाद मारपीट

पुलिस की प्रारंभिक जांच में घटना के पीछे छात्रों के दो गुटों के बीच विवाद की बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि एमिटी यूनिवर्सिटी के मुख्य गेट के आसपास कुछ युवकों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हुई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और दोनों पक्षों के बीच मारपीट शुरू हो गई।

इसी दौरान सौरभ पासवान के साथ भी मारपीट किए जाने की बात सामने आई है। घटना के बाद उन्हें कुछ युवकों द्वारा एक वाहन में बैठाकर वहां से ले जाने की सूचना मिली। इसी वजह से उनके परिजनों और समर्थकों में चिंता बढ़ गई तथा पुलिस को उनके अपहरण की आशंका जताते हुए सूचना दी गई।

हालांकि, पुलिस की शुरुआती जांच में पूरे घटनाक्रम को छात्रों के बीच हुए विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि विवाद की शुरुआत किस बात को लेकर हुई और मारपीट में कौन-कौन लोग शामिल थे।

सूचना मिलते ही पुलिस ने शुरू किया सर्च ऑपरेशन

सौरभ पासवान के संबंध में सूचना मिलते ही रांची पुलिस सक्रिय हो गई। पुलिस टीमों ने यूनिवर्सिटी और उसके आसपास के इलाकों में संभावित स्थानों की जानकारी जुटाई। साथ ही घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली गई।

जांच के दौरान पुलिस ने संभावित वाहनों और घटना में शामिल युवकों के बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास किया। बताया जा रहा है कि चतरा पुलिस की तकनीकी टीम ने भी रांची पुलिस को जांच में सहयोग किया।

पुलिस की लगातार कार्रवाई के बाद सौरभ पासवान को सकुशल बरामद कर लिया गया। अलग-अलग रिपोर्टों के अनुसार, उन्हें घटना के करीब डेढ़ से दो घंटे के भीतर बरामद किया गया।

शराब सेवन की भी जांच, ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट का जिक्र

घटना की जांच के दौरान शराब सेवन का एंगल भी सामने आया है। पुलिस की प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, विवाद से पहले कुछ छात्रों द्वारा शराब का सेवन किए जाने की बात सामने आई है।

मीडिया रिपोर्टों में सौरभ पासवान के ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट में शराब सेवन की पुष्टि होने का भी दावा किया गया है। हालांकि, इस संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच और उपलब्ध आधिकारिक रिपोर्ट के आधार पर ही स्पष्ट होगा।

यह भी महत्वपूर्ण है कि शराब सेवन की बात सामने आने मात्र से घटना की पूरी वजह तय नहीं की जा सकती। पुलिस को अभी यह स्पष्ट करना है कि विवाद किस बात पर शुरू हुआ, किस पक्ष ने पहले मारपीट की और सौरभ को वाहन में बैठाकर ले जाने की वास्तविक परिस्थिति क्या थी।

अपहरण या आपसी विवाद? जांच के बाद तस्वीर होगी साफ

घटना के शुरुआती चरण में सौरभ पासवान के अपहरण की आशंका ने मामले को गंभीर बना दिया था। परिजनों की सूचना के बाद पुलिस ने भी इसे प्राथमिकता के साथ लिया और उनकी तलाश शुरू की।

हालांकि, सौरभ के सकुशल बरामद होने के बाद पुलिस की प्रारंभिक जांच में मामला छात्रों के बीच हुए विवाद और मारपीट से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। पुलिस अधिकारियों के हवाले से सामने आई जानकारी के अनुसार, प्रथम दृष्टया मामला आपसी विवाद का लग रहा है, लेकिन पूरे घटनाक्रम की जांच अभी जारी है।

पुलिस अब घटना की पूरी कड़ी जोड़ने में जुटी है। इसमें यह पता लगाना शामिल है कि मारपीट में कितने लोग शामिल थे, सौरभ को किस परिस्थिति में वाहन में बैठाया गया, वाहन में कौन-कौन लोग मौजूद थे और बाद में उन्हें कहां ले जाया गया।

कई युवकों से पूछताछ, सीसीटीवी फुटेज भी जांच के दायरे में

घटना के सिलसिले में पुलिस ने कुछ युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। पुलिस का मुख्य फोकस मारपीट में शामिल लोगों की पहचान और घटना के क्रम को स्पष्ट करने पर है।

यूनिवर्सिटी के मुख्य गेट और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। फुटेज के जरिए पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि विवाद कैसे शुरू हुआ और सौरभ को वाहन में बैठाकर ले जाने की घटना वास्तव में किन परिस्थितियों में हुई।

मामले में प्राथमिकी और आगे की कानूनी कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी।

विधायक के बेटे के साथ घटना से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

विधायक के बेटे से जुड़ी घटना सामने आने के बाद यूनिवर्सिटी और उसके आसपास की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। विश्वविद्यालय के मुख्य गेट के पास छात्रों के बीच विवाद और मारपीट की घटना ने परिसर के बाहर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ाई है।

हालांकि, फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता घटना की वास्तविक वजह और इसमें शामिल लोगों की भूमिका स्पष्ट करना है। जांच पूरी होने के बाद ही यह तय हो सकेगा कि मामला केवल छात्रों के बीच हुए विवाद और मारपीट तक सीमित था या इसमें किसी तरह की आपराधिक साजिश भी शामिल थी।

फिलहाल सौरभ सुरक्षित, जांच जारी

फिलहाल राहत की सबसे बड़ी बात यह है कि सौरभ पासवान को पुलिस ने सकुशल बरामद कर लिया है। घटना के बाद पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। मारपीट, वाहन में बैठाकर ले जाने, कथित शराब सेवन और अपहरण की आशंका—इन सभी पहलुओं को जांच के दायरे में रखा गया है।

पुलिस की जांच और सीसीटीवी फुटेज से आने वाले तथ्यों के आधार पर ही यह स्पष्ट होगा कि सोमवार को एमिटी यूनिवर्सिटी के बाहर वास्तव में क्या हुआ था और इस घटनाक्रम में शामिल लोगों की भूमिका क्या थी।



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