रांची: सार्वजनिक स्वच्छता, नागरिक स्वास्थ्य और सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा को लेकर रांची नगर निगम ने सख्त रुख अपनाया है। निगम ने अलग-अलग दो मामलों में कार्रवाई करते हुए संबंधित व्यक्तियों पर कुल 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। कार्रवाई सार्वजनिक सड़क और नाली में दूषित पानी बहाने तथा बिना अनुमति सड़क काटकर पाइप बिछाने के मामलों में की गई है।
विकास नगर में सड़क और नाली में बहाया जा रहा था दूषित पानी
नगर निगम के अनुसार पहला मामला वार्ड संख्या-32 के ओझा मार्केट, विकास नगर क्षेत्र का है। यहां एक भवन स्वामी द्वारा सेप्टिक टैंक का दूषित पानी सार्वजनिक सड़क और नाली में बहाया जा रहा था। मामले को गंभीरता से लेते हुए निगम ने संबंधित व्यक्ति पर 5 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
मोरहाबादी में बिना अनुमति सड़क काटकर बिछाई जा रही थी पाइपलाइन
दूसरा मामला वार्ड संख्या-03 के शक्ति कुंज, ग्रीन पार्क रोड, सरईटांड़, मोरहाबादी क्षेत्र का है। यहां बिना सक्षम अनुमति के सार्वजनिक सड़क की खुदाई कर पाइप बिछाने का कार्य किया जा रहा था। सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और बिना अनुमति सड़क काटने के मामले में नगर निगम ने संबंधित व्यक्ति पर 5 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
झारखंड नगर पालिका अधिनियम के तहत कार्रवाई
नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक सड़कों, नालियों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर गंदा पानी, अपशिष्ट या सेप्टिक टैंक का पानी बहाना नियमों के विरुद्ध है। इसी तरह बिना पूर्व अनुमति के सड़क की खुदाई, कटिंग या पाइपलाइन बिछाने की अनुमति नहीं है। ऐसे कार्यों से स्वच्छता, पर्यावरण और आम नागरिकों की आवाजाही प्रभावित होती है।
नियम तोड़ने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
रांची नगर निगम ने नागरिकों से अपील की है कि अपशिष्ट जल का निस्तारण निर्धारित मानकों के अनुसार करें और किसी भी प्रकार का निर्माण या खुदाई कार्य करने से पहले आवश्यक अनुमति अवश्य लें। निगम ने चेतावनी दी है कि सार्वजनिक स्वास्थ्य, स्वच्छता और सरकारी संपत्तियों से जुड़े नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी कड़ी कार्रवाई और जुर्माना लगाया जाएगा।

